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वो दो बीमारियां जो महामारी बन पाकिस्तान में मचा रही हैं कोहराम

Sanjay Srivastava | News18Hindi
Updated: November 6, 2019, 8:54 PM IST
वो दो बीमारियां जो महामारी बन पाकिस्तान में मचा रही हैं कोहराम
पाकिस्तान इन दिनों दो बीमारियों के शिकंजे में है. बड़े पैमाने पर लोग रोज इसकी चपेट में आ रहे हैं

अगर एक ओर पाकिस्तान एड्स बम के मुहाने पर बैठा है तो दूसरी ओर डेंगू वहां महामारी बनकर उभरी है. जहां तक एड्स की बात है तो पूरी दुनिया में ये बीमारी कंट्रोल में आ चुकी है लेकिन यहां इसके मरीज दो लाख से ऊपर पहुंच चुके हैं

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  • Last Updated: November 6, 2019, 8:54 PM IST
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पाकिस्तान (Pakistan) में इन दिनों दो बीमारियां तबाही मचा रही हैं. अस्पताल भरे हुए हैं. हालात बेकाबू हो चले हैं. इन बीमारियों ने पड़ोसी देश को पूरी तरह हिला दिया है. ना केवल उसके हाथ पैर फूले हुए हैं बल्कि ये भी समझ में नहीं आ रहा है कि इन पर काबू पाया जाए. इनमें एक बीमारी ड़ेंगू (Dengue) है, जो इन दिनों पाकिस्तान में महामारी की तरह फैल रही है तो दूसरी बीमारी एड्स (Aids) है.

इन दिनों पाकिस्तान में डेंगू जिस कदर फैला है. वो स्थिति वहां कभी नहीं रही. किसी एक इलाके में नहीं बल्कि पाकिस्तान में हर शहर में डेंगू फैल रहा है. पाकिस्तान ही नहीं विदेशी मीडिया में भी पाकिस्तान में फैली ये दोनों बीमारियां छाई हुई हैं.

पाकिस्तान के सरकारी आंकड़ों के अनुसार गुरुवार तक वहां करीब 45,000 लोग डेंगू के शिकार हो चुके थे. लेकिन गैर सरकारी तौर पर मरीजों की संख्या काफी ज्यादा है. इसे दो लाख के ऊपर बताया जा रहा है. अब तक 70 से ज्यादा लोग मौत के शिकार हो चुके हैं. मरने वालों की तादाद बता रही है कि मरीजों की संख्या बताए गए आंकड़ों से कहीं ज्यादा है.



भारत में कंट्रोल लेकिन पाकिस्तान की हालत उलटी
कुछ सालों पहले तक भारत में डेंगू के मरीज ज्यादा होते थे. अस्पताल में उनकी मौतों का आंकड़ा भी ज्यादा होता था लेकिन पिछले कुछ सालों में भारत ने इसे काफी हद तक नियंत्रित कर लिया. जबकि पाकिस्तान में इसका उलटा हो रहा है.

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भरे हुए हैं अस्पताल 
पाकिस्तान में इस्लामाबाद से लेकर कराची तक अस्पतालों में भीड़ लगी हुई है. दवाइयों की बेहद कमी है. पाकिस्तान को अंदाज ही नहीं था डेंगू के मामले इस कदर उछल जाएंगे. अब पाकिस्तान मौसम के भरोसे है. उसे लग रहा है कि दिसंबर तक ठंड आ जाएगी और फिर उसके ये मामले कम हो जाएंगे. ये बीमारी मच्छर के काटने से होती है. 90 के दशक में ये बीमारी दुनियाभर में वापस लौट आई. खासकर उन मुल्कों में जहां गर्मी और उमस का मौसम रहता है.

हालांकि पाकिस्तान के अखबार डॉन में छपी एक रिपोर्ट से लग रहा है कि वहां के स्वास्थ्य विभाग के लोग डेंगू की बदतर स्थिति में भी अपनी पीठ खुद ठोंकने में लगे हैं.

पाकिस्तान के अस्पताल इन दिनों डेंगू के मरीजों से भरे हुए हैं. इस बार डेंगू ने यहां रिकॉर्ड तोड़ दिया है


एड्स के सबसे ज्यादा पीड़ित पाकिस्तान में 
एड्स में पाकिस्तान ऐसा देश बन चुका है, जहां इसके मरीज सबसे ज्यादा हैं. इनकी संख्या भी लगातार बढ़ रही है. न्यूयार्क टाइम्स में प्रकाशित एक रिपोर्ट कहती है कि वहां दो लाख के आसपास एचआईवी पीड़ित है. पिछले दिनों पाकिस्तान के एक कस्बे रातोदेरो में करीब 1000 बच्चे एचआईवी पीड़ित पाए गए. इसमें 40 से ऊपर बच्चों की मौत भी हो चुकी है.  खबर होश उड़ाने वाली थी. ये वही कस्बा है जहां 2016 में करीब डेढ़ हजार व्यस्क इस बीमारी से ग्रस्त पाए गए थे.

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इसके बावजूद पाकिस्तान सरकार ने इसे शायद ही गंभीरता से लिया. तब दूसरे देशों से इंटरनेशनल हेल्थ वर्कर रातोंरात वहां पहुंचे और वहां मदद करनी शुरू की. हालांकि इस कस्बे में अभी चौथाई आबादी का भी पूरी तरह मेडिकल टेस्ट नहीं किया जा सका है. इस कस्बे में लोग घबराए हुए हैं. ये अजीब सी बात है कि जब पूरी दुनिया में एचआईवी के मरीज तेजी से कम हो रहे हैं, तब पाकिस्तान में इनकी संख्या बेतहाशा बढ़ रही है.

पाकिस्तान में दुनिया के सबसे ज्यादा एड्स के मरीज हैं. उनकी तादाद लगातार बढ़ रही है. इसकी चपेट में बच्चे और महिलाएं भी हैं


15 से 24 साल के लोग हैं ज्यादा शिकार 
वर्ष 2010 से 2018 केबीच पाकिस्तान में एचआईवी के मरीज दोगुने होकर पौने दो लाख तक पहुंच गए. यूएन एड्स संस्था इन आंकड़ों की पुष्टि करती है. उसका कहना है कि आठ सालों में इस बीमारी में 38 फीसदी की उछाल आई. आमतौर पर 15 से 24 साल के लोग ज्यादातर इसका शिकार हो रहे हैं. यूएनएड्स का ये भी कहना है कि पाकिस्तान में एड्स के असली मरीजों की संख्या कहीं ज्यादा हो सकती है.

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पाकिस्तान का हेल्थकेयर खराब स्थिति में
पाकिस्तान में इन दोनों बीमारियों की मुख्य वजह हेल्थकेयर का बहुत खराब स्थिति में होने के साथ प्राइवेट हेल्थकेयर का बोलबाला है. करीब दो-ढाई दशकों से पाकिस्तान में एड्स के मरीज लगातार बढ़ रहे हैं लेकिन पाकिस्तान इससे निपटने की दिशा में कुछ ज्यादा नहीं कर सका है.
एड्स पर जहां दुनिया के ज्यादातर देशों ने काफी हद तक काबू पा लिया है, वहीं पाकिस्तान में इसका लगातार पैर पसारना सीधे सीधे साक्षरता, जागरूकता और स्वास्थ्य सेवाओं के अभाव की ओर ही इशारा करता है.

पाकिस्तान गरीब देश है लेकिन इसके बाद भी देश के लोगों के स्वास्थ्य और शिक्षा पर ध्यान देने की जगह वो अपना धन आतंकियों को पालने-पोसने के साथ सेना और हथियार खरीदने में लगाता है

शिक्षा, स्वास्थ्य नहीं बल्कि सेना और आतंक है पाक की प्राथमिकता
पाकिस्तान गरीब देश है लेकिन इसके बाद भी देश के लोगों के स्वास्थ्य और शिक्षा पर ध्यान देने की जगह वो अपना धन आतंकियों को पालने-पोसने के साथ सेना और हथियार खरीदने में लगाता है. इसके लिए कर्ज लेने से भी नहीं हिचकता. इसी वजह से पाकिस्तान की अर्थव्यवस्था बहुत बुरे हाल में पहुंच चुकी है.


पाकिस्तान बड़े एड्स बम के मुहाने पर 


सीएनएन डॉट कॉम में प्रकाशित एक रिपोर्ट कहती है कि पाकिस्तान में एड्स बढ़ने की एक बड़ी वजह पुरानी और इस्तेमाल की गई सीरींज का बार बार इस्तेमाल है, जो एचआईवी संक्रमण के साथ हेपेटाइटिक में भी बढोतरी करता है. सीएनएन की रिपोर्ट कहती है कि पाकिस्तान के लोगों में आमधारणा है कि उनकी कोई भी बीमारी बगैर इंजेक्शन लगाए दूर नहीं हो सकती, भले ही ये मामूली बीमारी ही क्यों ना हो. लेकिन गरीबों के पास पैसे का अभाव होता है लिहाजा डॉक्टर या छोला छाप डॉक्टर उन्हें पुरानी या इस्तेमाल की हुई सीरींज से इंजैक्शन लगा देता है.

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First published: November 6, 2019, 8:54 PM IST
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