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पाकिस्तान ब्लैक लिस्ट हुआ तो उसका कितना बुरा हाल होगा?

News18Hindi
Updated: October 18, 2019, 9:59 AM IST
पाकिस्तान ब्लैक लिस्ट हुआ तो उसका कितना बुरा हाल होगा?
पाकिस्तान के ब्लैक लिस्ट होने का खतरा बढ़ गया है

पाकिस्तान (Pakistan) टेरर फंडिंग (Terror Funding) रोकने में नाकाम रहा है. अब ग्लोबल एजेंसी फायनेंसियल एक्शन टास्क फोर्स (FATF) को पाकिस्तान को ब्लैक लिस्ट करने पर फैसला लेना है.

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  • Last Updated: October 18, 2019, 9:59 AM IST
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पेरिस. पाकिस्तान (Pakistan) के ऊपर एक बार फिर ब्लैक लिस्ट (Black List) होने का खतरा मंडरा रहा है. टेरर फंडिंग (Terror Funding) रोकने में नाकाम रहने पर फायनेंसियल एक्शन टास्क फोर्स (FATF) पाकिस्तान को ब्लैक लिस्ट में डाल सकती है. पिछले साल जून से पाकिस्तान के ऊपर भारी दबाव है कि वो अपने यहां टेरर फंडिंग और मनी लॉन्ड्रिंग के मामलों से निपटे.

पाकिस्तान को अक्टूबर 2019 तक का वक्त दिया गया था. इस दौरान उसे अपने यहां आतंकियों को मिलने वाली आर्थिक मदद और मनी लॉन्ड्रिंग के मामलों पर रोक लगानी थी. लेकिन पाकिस्तान ऐसा करने में नाकाम रहा. फिलहाल अंतरराष्ट्रीय स्तर पर टेरर फंडिंग और मनी लॉन्ड्रिंग के मामलों की निगरानी करने वाली ग्लोबल एजेंसी फायनेंसियल एक्शन टास्क फोर्स ने पाकिस्तान को ग्रे लिस्ट में रखा है. एजेंसी को फैसला लेना है कि टेरर फंडिंग में लिप्त पाकिस्तान को क्या अब ब्लैक लिस्ट में डाल दिया जाए.

पाकिस्तान को ब्लैक लिस्ट करने पर फैसला

फायनेंसियल एक्शन टास्क फोर्स (FATF) के 39 सदस्य देश पाकिस्तान को ब्लैक लिस्ट करने पर फैसला लेंगे. इन देशों में भारत और अमेरिका भी शामिल हैं. जिन पैरामीटर पर पाकिस्तान का रिव्यू होना है उसपर वो फिट नहीं रहा है. अब FATF के सदस्य देशों को फैसला लेना है कि पाकिस्तान को ग्रे लिस्ट में रहने दिया जाए या फिर उसे ब्लैक लिस्ट किया जाए.

एक खबर ये भी आ रही है कि पाकिस्तान को फरवरी 2020 तक ग्रे लिस्ट में ही रखा जा सकता है. इस बारे में अभी औपचारिक घोषणा होनी बाकी है. पेरिस स्थित FATF पाकिस्तान को अभी ग्रे लिस्ट में ही रखने का फैसला ले सकती है. पाकिस्तान को कुछ और मोहलत दी जा सकती है. इस दौरान पाकिस्तान को टेरर फंडिंग और मनी लॉन्ड्रिंग के मामलों को पूरी तरह से खत्म करना होगा.

pakistan may black list by fatf global watchdog of terror funding and money laundering
पाकिस्तान की अर्थव्यवस्था की बुरी हालत है


जून 2018 में FATF ने पाकिस्तान को ग्रे लिस्ट में डाला था. उसे अपना प्रदर्शन सुधारने के लिए 15 महीनों की मोहलत दी गई थी. FATF ने उसे 27 पॉइंट का एक्शन प्लान सौंपा था. जिसके आधार पर पाकिस्तान को टेरर फंडिंग और मनी लॉन्ड्रिंग के मामलों से निपटना था. ऐसा नहीं होने की स्थिति में पाकिस्तान को भी नॉर्थ कोरिया और ईरान की तरह ब्लैक लिस्ट करने की चेतावनी दी गई थी.
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ब्लैक लिस्ट में आने पर पाकिस्तान का क्या हाल होगा?

पाकिस्तान को अगर ब्लैक लिस्ट में डाला गया तो उसे कड़े आर्थिक प्रतिबंधों का सामना करना पड़ेगा. पाकिस्तान की आर्थिक हालत पहले से ही खराब है अगर उसे अभी ब्लैक लिस्ट में डाला गया तो पाकिस्तान की पूरी अर्थव्यवस्था चरमरा जाएगी.

पाकिस्तान की इकोनॉमी दूसरे देशों की आर्थिक मदद पर आश्रित है. ब्लैक लिस्ट में डालने पर पाकिस्तान में हो रहे अंतरराष्ट्रीय निवेश रूक जाएंगे. अगर ऐसा हुआ तो पाकिस्तान की अर्थव्यवस्था चौपट हो जाएगी. अगल पाकिस्तान ब्लैक लिस्ट हुआ तो उसके आयात, निर्यात से लेकर उसे मिलने वाले अंतरराष्ट्रीय कर्जों पर असर पड़ेगा.

आर्थिक प्रतिबंधों की वजह से उसे अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष और वर्ल्ड बैंक से भी कर्ज नहीं मिल पाएगा. इसकी वजह से किसी भी देश की अर्थव्यवस्था की रेटिंग देने वाली एजेंसी मूडीज़ और फिच भी पाकिस्तान की रेटिंग घटा देंगे. इस्लामाबाद भयानक आर्थिक संकट में फंस जाएगा. 1998 में पाकिस्तान के परमाणु परीक्षण करने पर उसपर कुछ आर्थिक प्रतिबंध लगाए थे. इस बार का प्रतिबंध उससे भी कड़ा होगा.

pakistan may black list by fatf global watchdog of terror funding and money laundering
पाकिस्तान के सामने टेरर फंडिंग रोकने की चुनौती है


पाकिस्तान FATF की ग्रे लिस्ट में कैसे पहुंचा?

पाकिस्तान को पहली बार 2012 में FATF की ग्रे लिस्ट में डाला गया था. तबसे लेकर 2015 तक ये इसी लिस्ट में रहा. 29 जून 2018 को पाकिस्तान को दूसरी बार ग्रे लिस्ट में डाला गया. इसकी प्रक्रिया फरवरी 2018 में ही शुरू हुई थी. उसके बाद से पाकिस्तान ग्रे लिस्ट में है.

भारत, अमेरिका और यूके चाहते हैं कि पाकिस्तान को ब्लैक लिस्ट में डाला जाए. इन देशों की शिकायत है कि पाकिस्तान लगातार टेरर फंडिंग और मनी लॉन्ड्रिंग के मामलों की अनदेखी कर रहा है. हालांकि इसके पहले चीन और तुर्की जैसे देश पाकिस्तान को ब्लैक लिस्ट में डालने का विरोध करते रहे हैं.

पाकिस्तान को कहा गया था कि वो दुनिया के सामने प्लान लेकर आएं कि वो अपनी रेटिंग सुधारने के लिए क्या कर रहे हैं. लेकिन पाकिस्तान ऐसा करने में नाकाम रहा है. उसके ब्लैक लिस्ट में जाने का खतरा बढ़ गया है. अगर ऐसा होता है तो पाकिस्तान की आर्थिक हालत और खस्ता होगी. अब पाकिस्तान की इमरान सरकार को टेरर फंडिंग और मनी लॉन्ड्रिंग जैसे मामलों से निपटने में ईमानदार कोशिश दिखानी होगी. अगर पाकिस्तान ऐसा नहीं करता है तो उसे बर्बाद होने से कोई नहीं रोक सकता.

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First published: October 18, 2019, 9:44 AM IST
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