पाकिस्तान में सक्रिय थे 40 आतंकी संगठन, इस कबूलनामे के बाद अब कार्रवाई करें इमरान खान

अमेरिका दौरे पर गए पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान ने सनसनीखेज खुलासा किया है. उन्होंने स्वीकार किया है कि पाकिस्तान की धरती पर 40 आतंकी संगठन सक्रिय थे. पाकिस्तान की पिछली सरकारों ने इसकी जानकारी अमेरिका को नहीं दी.

News18Hindi
Updated: July 24, 2019, 9:53 AM IST
पाकिस्तान में सक्रिय थे 40 आतंकी संगठन, इस कबूलनामे के बाद अब कार्रवाई करें इमरान खान
इमरान खान ने माना है कि पाकिस्तान में 40 आतंकी संगठन चल रहे थे
News18Hindi
Updated: July 24, 2019, 9:53 AM IST
अमेरिकी दौरे पर गए पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान ने सनसनीखेज खुलासा किया है. उन्होंने कहा है कि पाकिस्तान में 40 आतंकी संगठन चल रहे थे. इसकी जानकारी पहले की सरकारों ने अमेरिका को नहीं दी. पिछले 15 साल से पाकिस्तान अमेरिका को गुमराह करता रहा है.

इमरान खान ने कहा कि हम अमेरिका के साथ आतंक के खिलाफ लड़ाई लड़ रहे हैं. हालांकि उन्होंने कहा कि पाकिस्तान का 9/11 से कोई लेना देना नहीं है. पाकिस्तान में तालिबान नहीं है, लेकिन हमने जंग में अमेरिका का साथ दिया. जब चीजें खराब हुईं तो मैंने सरकार की आलोचना की, लेकिन हमसे पहले की सरकारों ने अमेरिका को जमीनी हकीकत के बारे में नहीं बताया.

आतंक पर इमरान खान के क्यों बदल रहे हैं सुर?

इमरान खान कांग्रेस की शीला जैक्सन ली द्वारा आयोजित रिसेप्शन को संबोधित कर रहे थे. इमरान खान ने कहा कि पाकिस्तान के भीतर 40 आतंकी संगठन चल रहे थे. वो इतना खराब दौर था कि पाकिस्तान के लोग सोच रहे थे कि क्या हम अपना अस्तित्व बचाए रख पाएंगे. आतंक के खिलाफ लड़ाई में अमेरिका हमसे ज्यादा सहयोग की अपेक्षा रख रहा था और उसी वक्त पाकिस्तान अपने अस्तित्व की लड़ाई लड़ रहा था.

pakistan prime minister imran khan says 40 militant groups were operating in pakistan
अमेरिका दौरे पर हैं पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान


पाकिस्तान में पल रहे आतंकी संगठन और सरकार द्वारा उन्हें संरक्षण दिए जाने की बात कोई नई नहीं है. लेकिन पाकिस्तान के प्रधानमंत्री का इस बात को स्वीकार करना की पाकिस्तान में आतंकी संगठन चलाए जा रहे हैं, ये अपने आप में बड़ी बात है.पूरी दुनिया के सामने इमरान खान का ये स्वीकारनामा आतंकवाद पर पाकिस्तान के अपने ही स्टैंड की पोल खोलने वाला है.

अमेरिका दौरे पर गए इमरान खान अपने इस बयान के जरिए ये कहना चाह रहे थे कि पाकिस्तान पर उसकी ही सरकार का कंट्रोल नहीं रहा था. अब वो अमेरिका के साथ बेहतर रिश्ते बनाने की कवायद कर रहे हैं. इमरान खान ने कहा कि पाकिस्तान को अपने यहां ओसामा बिन लादेन की मौजूदगी का पता था. पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई ने ही अमेरिकी खुफिया एजेंसी सीआईए को इसके बारे में जानकारी दी. जिसके बाद अमेरिका अल कायदा प्रमुख ओसामा बिन लादेन तक पहुंचा.
Loading...

पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान की ये टिप्पणी पाकिस्तान के आधिकारिक रुख के उलट है. पाकिस्तान ने आधिकारिक तौर पर ये स्वीकार किया है कि 2 मई 2011 को पाकिस्तान के एबटाबाद में अमेरिकी सील ने जब ओसामा के ठिकाने पर हमला कर उसे मार गिराया था, तब तक पाकिस्तान को ओसामा के ठिकाने के बारे में कोई जानकारी नहीं थी. अब इमरान खान का इसके उलट बयान देना पाकिस्तान के अपने ही पुराने बयान से पलटना है.

यूएन जारी करता रहा है पाकिस्तान के आतंकियों की लिस्ट
अमेरिका वक्त-वक्त पर पाकिस्तान को आतंकवाद को पनाह देने के लिए लताड़ता रहा है. पूरी दुनिया के सामने इस बात के सबूत भी जाहिर किए गए हैं कि पाकिस्तान ने किस तरह से आतंकवाद को बढ़ावा देने का काम किया है. मई 2019 में संयुक्त राष्ट्र संघ की सुरक्षा परिषद ने आतंकी संगठन जैश ए मोहम्मद को बैन कर उसके सरगना मसूद अजहर को अंतरराष्ट्रीय आतंकवादी करार दिया था. उसी वक्त जानकारी सामने आई थी कि पाकिस्तान पूरी दुनिया में सबसे ज्यादा बैन किए गए लोगों वाला तीसरा देश है.

यूएन ने पाकिस्तान के कुल 146 नागरिकों को बैन किया है. ये इराक और अफगानिस्तान के बाद सबसे ज्यादा संख्या है. यूएन ने बैन किए लोगों की पूरी डिटेल्स दी थी. इसमें 26/11 के मास्टमाइंड हाफिज सईद, लश्कर ए तैयबा का जकी उर रहमान लखवी और हक्कानी के नाम भी शामिल थे. अंडरवर्ल्ड सरगना दाऊद का नाम भी इस लिस्ट में है.

pakistan prime minister imran khan says 40 militant groups were operating in pakistan
जैश सरगना मौलाना मसूद अजहर


पाकिस्तान हमेशा से आतंकवाद से खुद को अलग करता आया है. वो दुनिया के सामने खुद को आतंक से पीड़ित बताता रहा है. लेकिन यूएन तक ने माना है कि पाकिस्तान में किस तरह से आतंक और आतंकवादियों को शह दी जा रही है. यूएन की लिस्ट में उन सारे आतंकियों के नाम हैं जो पाकिस्तान में रह रहे हैं और वहां की धरती से आतंक की फैक्ट्री चला रहे हैं. पाकिस्तानी प्रशासन को इनकी जानकारी होती है लेकिन वो इससे अनजान बने रहते हैं.

हाफिज सईद के खिलाफ इंटरपोल का नोटिस जारी हो चुका है. इंटरपोल उसे ढूंढ़ रही है. पाकिस्तान दिखावे के लिए कई बार उसे गिरफ्तार करती है और बाद में उसे छोड़ दिया जाता है. हाफिज सईद 26/11 के मुंबई अटैक का मास्टरमाइंड है, इसमें 166 लोगों की जान गई थी. मारे गए लोगों में 6 अमेरिकी नागरिक भी थे.

यूएन की लिस्ट में हाफिज सईद के साथ लश्कर ए तैयबा के मीडिया सेल के हाजी मोहम्मद याह्या मुजाहिद और सईद के डिप्टी अब्दुल सलाम और जफर इकबाल का नाम भी शामिल है. इन सभी को इंटरपोल तलाश रहा है. पाकिस्तान के पास इन सबकी जानकारी है लेकिन वो इनसे अनजान बना रहता है. अब जब इमरान खान ने ये मान लिया है कि पाकिस्तान में 40 आतंकी संगठन चल रहे थे. तो अब उन्हें इन सबकी जानकारी मुहैया करवानी चाहिए. सिर्फ बयान देने से काम नहीं चलने वाला है.

ये भी पढ़ें: राहुल ने जिसका जिक्र कर साधा पीएम मोदी पर निशाना, जानें क्या है वो शिमला समझौता

आंध्र प्रदेश: क्या प्राइवेट नौकरियों में आरक्षण देने का फैसला सही है?

News18 Hindi पर सबसे पहले Hindi News पढ़ने के लिए हमें यूट्यूब, फेसबुक और ट्विटर पर फॉलो करें. देखिए दुनिया से जुड़ी लेटेस्ट खबरें.

First published: July 24, 2019, 9:26 AM IST
Loading...
पूरी ख़बर पढ़ें अगली ख़बर
Loading...