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इस वजह से पाकिस्तान में लोग तेजी से हो रहे हैं शाकाहारी

News18Hindi
Updated: October 3, 2019, 12:37 PM IST
इस वजह से पाकिस्तान में लोग तेजी से हो रहे हैं शाकाहारी
महंगाई बढ़ना और सुस्त अर्थव्यवस्था भी वजहें मानी जा रही हैं (फोटो- प्रतीकात्मक)

इस देश में शाकाहार को लंबे वक्त तक "White people food" माना जाता रहा.

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  • Last Updated: October 3, 2019, 12:37 PM IST
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यूरोमॉनिटर इंटरनेशनल की हालिया रिपोर्ट के अनुसार पाकिस्तान के लोग तेजी से वेजिटेरियन होते जा रहे हैं. यहां तक कि इसे दुनिया में दूसरा सबसे तेजी से शाकाहार की ओर बढ़ने वाला देश माना जा रहा है. पहले नंबर पर नाइजीरिया है, जहां की बड़ी आबादी पाकिस्तान की ही तरह गोश्त खाने वाली रही है. Strategic market research पर काम करने वाली बेहद ख्यात अंतरराष्ट्रीय संस्था का ये खुलासा चौंकाने वाला है.

अपनी और पर्यावरण की सेहत के लिए लोग लगातार वेजिटेरियन और वेगन डाइट की तरफ बढ़ रहे हैं. इसमें मीट-ईटर देशों के लोग शामिल हैं. लेकिन पाकिस्तान में इसकी कई वजहें हो सकती हैं. इसमें महंगाई बढ़ना और सुस्त अर्थव्यवस्था भी वजहें मानी जा रही हैं.

वेजिटेरियन और वेगन होने में क्या फर्क है
वेजिटेरियन यानी शाकाहारी लोग मीट या किसी भी तरह का एनिमल प्रोडक्ट नहीं खाते हैं. हालांकि इसमें पोल्ट्री शामिल नहीं है. बहुत से शाकाहारी अंडे और दूध से बने तमाम प्रोडक्ट खाते हैं. वेजिटेरियन लोगों की भी कई श्रेणियां हैं, जिसमें खाने की चॉइस के आधार पर वे Lacto Ovo Vegetarian, Ovo Vegetarian और Semi Vegetarian होते हैं. वहीं वेगन डाइट लेने वाले लोग पूरी तरह से शाक-सब्जियों पर निर्भर होते हैं और दूध, उससे बने उत्पाद और अंडे भी नहीं लेते. इनकी भी कई श्रेणियां हैं जैसे Ethical Vegans जो पर्यावरण और पशुओं के लिए अपने प्यार के चलते प्लांट-बेस्ड डाइट लेने लगते हैं और यहां तक कि दूध और शहद भी नहीं खाते.

पाकिस्तान में वेजिटेरियन या वेगन होना एकदम नई बात है (फोटो- प्रतीकात्मक)


खतरे भी हैं शाकाहार के
हालांकि नैतिक वजहों से लोग वेगन डाइट की तरफ तेजी से बढ़े हैं लेकिन कई रिसर्च में इसके खतरे बताए जा रहे हैं. ब्रिटिश मेडिकल जर्नल (2019) की ताजी रिपोर्ट कहती है कि वेगन डाइट लेने वालों में दिल की बीमारियों और स्ट्रोक का खतरा ज्यादा होता है. शाक-सब्जियों का संतुलन न होने पर शरीर में पोषक तत्वों की कमी भी शाकाहारी खाने का एक नुकसान है. हालांकि ये भी माना जाता है कि संतुलिन भोजन लेने पर शाकाहारी की जानलेवा बीमारियों से दूर रहते हैं जो मांस खाने वालों में फैलती हैं.अजीब नजरों से देखते हैं शाकाहारियों को
ट्रिब्यून की एक रिपोर्ट के हवाले से दानिश दहराज कहते हैं कि शाकाहारी होना कोई समस्या नहीं. बड़ी मुश्किल ये है कि पाकिस्तानी समाज में इसे वैध कैसे बनाया जाए. दानिश Pakistan Initiative for Veganism के सक्रिय सदस्य भी हैं. वे कहते हैं कि पाकिस्तान में वेजिटेरियन या वेगन होना एकदम नई बात है इसलिए लोग इसे अजीब ढंग से लेते हैं.

ये भी है बड़ी वजह
दूसरी तरफ पाकिस्तान की चरमराती अर्थव्यवस्था भी मीट-ईटर्स को वेजिटेरियन में बदल रही है, ऐसा लगता है. अमरीकी डॉलर की तुलना में पाकिस्तानी रुपया ऐतिहासिक रूप से सबसे निचले स्तर पर पहुंच चुका है. इस तरह से पाक मुद्रा पूरे एशिया में सबसे खराब प्रदर्शन करने वाली करंसी बन गई है. वित्त वर्ष 2018-19 पाक जीडीपी में बढ़त की दर में महज 3.1 फीसदी रही है. मुद्रा अवमूल्यन और घटती जीडीपी का असर खाने की आदतों पर भी दिख रहा है और तेजी से शाकाहार बढ़ा है.

यूरोमॉनिटर इंटरनेशनल की रपट में सबसे ऊपर नाइजीरिया है (फोटो- प्रतीकात्मक)


क्लाइमेट चेंज ने बदली तस्वीर
हालांकि यूरोमॉनिटर इंटरनेशनल की रपट में सबसे ऊपर नाइजीरिया है. इस अफ्रीकन देश में इसी साल पहला पूरी तरह से वेजिटेरियन रेस्त्रां खुला है जिसका नाम है वेजी विक्टरी. इससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि इस देश में शाकाहार का कंसेप्ट कितना नया है. यहां तक कि पहले शाकाहार को "White people food" माना जाता रहा. ऐसे में एकदम से पूरा का पूरा देश शाकाहार की तरफ क्यों बढ़ने लगा! इसके पीछे पर्यावरण और खासकर क्लाइमेट चेंज पर लगातार हो रही चर्चाओं को देखा जा रहा है. कई ब्लॉगर्स इसपर लिख, बोल रहे हैं और नई पीढ़ी तेजी से इस तरफ बढ़ी है.

शाकाहार में भारत सबसे आगे
दुनियाभर के शाकाहारी देशों में भारत 38% के साथ सबसे ऊपर है. माना जाता है कि ईसापूर्व छठवीं शताब्दी में बौद्ध और जैन धर्म के प्रसार के बाद से शाकाहार को मानने वाले बढ़े. यहां पर शाकाहारी में Lacto-vegetarianism को मानने वालों की बहुतायत है यानी वे लोग जो प्लांट-बेस्ड डाइट और दूध के उत्पाद तो खाते हैं लेकिन अंडे नहीं लेते. वहीं 13% के साथ शाकाहार के मामले में इजराइल दूसरे नंबर पर है. Judaism को मानने वाले लोग पशुओं पर हिंसा को खराब मानते हैं और शाकाहार अपना लेते हैं. यहां पर वेगन डाइट लेने वाले भी काफी हैं. यहां तक कि साल 2014 में यहां पर दुनिया का सबसे बड़ा वेगन फेस्टिवल मनाया गया, जिसमें 15,000 लोग शामिल हुए.

ताइवान, इटली, ऑस्ट्रिया, जर्मनी, यूनाइटेड किंगडम, ब्राजील, आयरलैंड और ऑस्ट्रेलिया भी घटते क्रमों के साथ इसी सूची में हैं. 5% आबादी के साथ ऑस्ट्रेलिया 10वें नंबर पर है लेकिन यहां पर भी वेजिटेरियन और वेगन डाइट अपनाने वाले तेजी से बढ़ रहे हैं.

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First published: October 3, 2019, 12:37 PM IST
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