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बाबरी विध्वंस के विरोध में पाकिस्तान में 30 मंदिरों पर हुए थे हमले, चले थे बुलडोजर

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Updated: December 6, 2019, 8:48 AM IST
बाबरी विध्वंस के विरोध में पाकिस्तान में 30 मंदिरों पर हुए थे हमले, चले थे बुलडोजर
पाकिस्तान के लाहौर में पुराने जैन मंदिर को उन्मादी भीड़ ने बुलडोजर चलाकर गिरा दिया था. पुलिस महज मूकदर्शक बनी खड़ी रही थी. (प्रतीकात्मक तस्वीर)

6 दिसंबर 1992 (6 December 1992) को बाबरी मस्जिद गिराए (Babri Demolished) जाने की खबर जैसे ही पड़ोसी मुल्क पहुंची वहां पर मंदिरों पर हमले शुरू हो गए थे. तब इस घटना को अमेरिकी अखबार न्यू यॉर्क टाइम्स ने प्रकाशित किया था. PAKISTANIS ATTACK 30 HINDU TEMPLES की हेडिंग से छपी इस खबर में बताया गया था कि बाबरी विध्वंस का पाकिस्तान में कितना बुरा असर हुआ था.

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  • Last Updated: December 6, 2019, 8:48 AM IST
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आज के ठीक 27 साल पहले उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) के अयोध्या (Ayodhya) में बाबरी मस्जिद (Babri Masjid) को उन्मादी भीड़ ने तोड़ डाला था. 6 दिसंबर 1992 को हुए बाबरी विध्वंस का असर भारत सहित आस-पास के देशों में भी देखने को मिला था. पाकिस्तान में पहले से मुश्किलें झेल रहे हिंदू (Hindu) समुदाय के लिए और मुश्किलें खड़ी हो गई थीं.

6 दिसंबर 1992 (6 December 1992) को बाबरी मस्जिद गिराए (Babri Demolished) जाने की खबर जैसे ही पड़ोसी मुल्क पहुंची वहां पर मंदिरों पर हमले शुरू हो गए थे. तब इस घटना को अमेरिकी अखबार न्यूयॉर्क टाइम्स ने प्रकाशित किया था. PAKISTANIS ATTACK 30 HINDU TEMPLES की हेडिंग से छपी इस खबर में बताया गया था कि बाबरी विध्वंस का पाकिस्तान में कितना बुरा असर हुआ था.

अखबार के मुताबिक पूरे पाकिस्तान में करीब 30 हिंदू मंदिरों पर हमले हुए. पाकिस्तानी सरकार ने बाबरी विध्वंस के विरोध में एक दिन के लिए स्कूल और सरकारी दफ्तर बंद कर दिए थे. भीड़ ने 6 मंदिरों को आग के हवाले कर दिया था और एयर इंडिया के दफ्तर पर पत्थरबाजी हुई थी. उन्मादी भीड़ "Crush India!" और "Death to Hinduism!" के नारे लगा रही थी. विरोध प्रदर्शनों और दुकानें बंद होने की वजह से बिजनेस बिल्कुल ठप हो गया था.

पाकिस्तान के मुल्तान में यह मंदिर प्रह्लादपुरी मंदिर के नाम से मशहूर था. यह मंदिर हिंदुओं के पौराणिक पात्र प्रह्लाद के नाम पर था और यहां भगवान नरसिंह की पूजा होती थी. बाबरी के बदले में भीड़ ने इसे तोड़ डाला था. अब सिर्फ इसके अवशेष बचे हैं.
पाकिस्तान के मुल्तान में यह मंदिर प्रह्लादपुरी मंदिर के नाम से मशहूर था. यह मंदिर हिंदुओं के पौराणिक पात्र प्रह्लाद के नाम पर था और यहां भगवान नरसिंह की पूजा होती थी. बाबरी के बदले में भीड़ ने इसे तोड़ डाला था. अब सिर्फ इसके अवशेष बचे हैं.


पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय ने भारतीय राजदूत को बुलाकर चिंता जाहिर की थी और तुरंत मस्जिद निर्माण कराने की अपील की थी. सरकार ने यह भी कहा था कि वो इस मामले को यूनाइटेड नेशंस में ले जाएंगे और मुस्लिम देशों के संगठन से अपील करेंगे कि वो भारत में मुस्लिमों के अधिकारों की रक्षा सुनिश्चित करने के लिए दबाव बनाएं.

वहीं कायदे आजम विश्वविद्यालय के छात्रों ने भारतीय प्रधानमंत्री पीवी नरसिम्हा राव का पुतला भारतीय दूतावास के सामने जलाया था. गुस्साए छात्र नारे लगा रहे थे-अब हिंदुओं के खिलाफ धर्मयुद्ध ही एकमात्र रास्ता है. गौरतलब है कि पाकिस्तान में तब हिंदुओं की आबादी 2 प्रतिशत से भी कम थी. खौफ का साया पूरे समुदाय पर मंडरा रहा था.

लाहौर में उन्मादी भीड़ ने बुलडोजर चलाकर पंजाब यूनिवर्सिटी के पास एक पुराने जैन मंदिर को जमींदोज कर दिया था. पुलिस पूरे मामले में सिर्फ मूकदर्शक की भूमिका में रही. और न ही पुलिस ने तब कोई कार्रवाई की जब एयर इंडिया के दफ्तर पर जमकर पत्थर बरसाए गए. एयर इंडिया के दफ्तर से फर्नीचर खींचकर सड़कों पर लाए गए और उनमें आग लगा दी गई.कराची में पांच मंदिरों पर हमले हुए और सिंध के दक्षिणी इलाके में 25 मंदिरों को आग के हवाले कर दिया गया. इन्ही इलाकों में पाकिस्तान का 95 फीसदी हिंदू समुदाय रहता था. आज भी हिंदुओं की संख्या इन्हीं इलाकों में ठीक-ठाक है.

अयोध्या में उन्मादी भीड़ द्वारा बाबरी ढहाए जाने की प्रतिक्रिया में पाकिस्तान में कई पुरातन मंदिरों को तोड़ डाला गया.
अयोध्या में उन्मादी भीड़ द्वारा बाबरी ढहाए जाने की प्रतिक्रिया में पाकिस्तान में कई पुरातन मंदिरों को तोड़ डाला गया.


बांग्लादेश में भी हुई थी प्रतिक्रिया
बाबरी विध्वंस के खिलाफ सिर्फ पाकिस्तान ही नहीं बांग्लादेश में भी प्रतिक्रिया हुई थी. हालांकि यह प्रतिक्रिया पाकिस्तान जैसी खतरनाक नहीं थी. देश की राजधानी ढाका में एयर इंडिया के दफ्तर पर हमला कर दिया गया था. एयरलाइंस के दफ्तर को आग लगा दी गई थी.

ईरान के सुप्रीम लीडर की प्रतिक्रिया
ईरान के सुप्रीम लीडर आयतुल्लाह खामनेई ने भी बाबरी विध्वंस पर तीखी प्रतिक्रिया दी थी. उनका मैसेज तेहरान रेडियो पर भी चला था. उन्होंने भारत सरकार से अपील की थी कि देश में मुस्लिमों के अधिकारों की रक्षा करे.

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First published: December 6, 2019, 8:48 AM IST
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