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टिकट पर 50% छूट के बाद भी अपने देश की फिल्में नहीं देख रहे पाकिस्तानी, हिंदी फिल्मों की मांग

News18Hindi
Updated: January 20, 2020, 11:23 AM IST
टिकट पर 50% छूट के बाद भी अपने देश की फिल्में नहीं देख रहे पाकिस्तानी, हिंदी फिल्मों की मांग
पाकिस्तानी इंटरटेनमेंट और फिल्म इंडस्ट्री के भारतीय फिल्में ईंधन का काम करती हैं.

पाकिस्तान (Paksitan) पहले भी भारतीय फिल्मों (Indian Films) पर बैन (Ban) लगाता रहा है. यही वजह है कि उसकी फिल्म इंडस्ट्री की कमर टूट गई.

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  • Last Updated: January 20, 2020, 11:23 AM IST
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अगस्त 2019 में जब भारत सरकार (Indian Government) ने जम्मू-कश्मीर से आर्टिकल 370 और 35 A को निष्प्रभावी किया था तब खिसियाई पाकिस्तानी सरकार ने अपने देश में हिंदी सिनेमा पर रोक (Ban on Indian Movies) लगा दी थी. ऐसा पाकिस्तान में पहले भी कई बार किया जा चुका है. लेकिन पाकिस्तानी दर्शकों में भारतीय सिनेमा की मांग बढ़ रही है. ये कोई ढकी-छिपी बात नहीं है कि पाकिस्तान में हिंदी सिनेमा की बड़ी दीवानगी रही है. हिंदी फिल्मों पर बैन लगा दिए जाने के बाद से देश का सिनेमा बाजार भी मुश्किलों का सामना कर रहा है. अभी हाल ही में पाकिस्तानी विज्ञान और प्रौद्योगिकी मंत्री फवाद चौधरी ने नेटफ्लिक्स और अमेजन से फिल्मों में पैसा लगाने की अपील की है.

सिनेमाघरों की हालत खराब
अगर साल 2019 की बात की जाए तो पाकिस्तान में सिर्फ 22 उर्दू फिल्में बनीं. अगर सभी फिल्मों के कारोबार की बात की जाए तो यह महज 150 करोड़ रुपये के आंकड़े को छूता है. कुछ फिल्मों ने अच्छा किया जैसे माहिरा खान की सुपरस्टार और मिकाल जुल्फिकार की शेरदिल, लेकिन ये फिल्में भी लंबे समय तक सिनेमाघरों में टिकी नहीं रह सकीं. हालत ये हो गई है सिनेमाघर टिकट पर 50 प्रतिशत का डिस्काउंट तक दे रहे हैं, जिससे हॉल भरा रहे. इसके बावजूद पाकिस्तानी दर्शक फिल्मों को नकार रहे हैं.

pakistan

देश की फिल्में पसंद नहीं कर रहे दर्शक
हिंदी फिल्मों पर पाकिस्तान में बैन जरूर है लेकिन पायरेटेड सिनेमा उन तक पहुंच ही जाता है. पायरेटेड डीवीडी में हिंदी फिल्में देखने के बाद पाकिस्तानी सिनेमाप्रेमियों को अपने देश की फिल्में नहीं पसंद आ रही हैं. यहां तक कि बेहद राष्ट्रवादी फिल्में जैसे काफ कंगना ने बॉक्स ऑफिस पर पानी तक नहीं मांगा. इस फिल्म में पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई का पैसा लगा था. फिल्मों की हालत देखकर डिस्ट्रीब्यूटर्स का कहना है कि आखिरकार इमरान सरकार को हिंदी फिल्मों पर से बैन हटाना ही पड़ेगा. द प्रिंट में छपी एक रिपोर्ट के मुताबिक डिस्ट्रीब्यूटर्स ने अंग्रेजी फिल्में भी लगाईं लेकिन दर्शकों के बीच सबसे ज्यादा मांग हिंदी सिनेमा की है. डिस्ट्रीब्यूटर्स चाहते हैं कि इमरान सरकार जल्द से जल्द हिंदी फिल्मों पर से बैन हटा ले.

पाकिस्तानी इंटरटेनमेंट का ईंधन भारतीय फिल्मेंपाकिस्तानी इंटरटेनमेंट और फिल्म इंडस्ट्री के लिए भारतीय फिल्में ईंधन का काम करती हैं. 1947 में भारत पाकिस्तान का बंटवारा भले हो गया हो लेकिन हिंदी फिल्मों की डिमांड पाकिस्तान में हमेशा बनी रही. 1950 के दशक में दोनों देशों में ठीक-ठाक फिल्में बन रही थीं. लेकिन वक्त के साथ हिंदी फिल्म इंडस्ट्री पाकिस्तानी फिल्म इंडस्ट्री से मीलों आगे निकल गई. पाकिस्तान में भारतीय फिल्मों की लोकप्रियता इस वजह से भी है क्योंकि वहां की फिल्में बॉलीवुड का मुकाबला नहीं कर पातीं. पाकिस्तान में भारतीय फिल्मों पर प्रतिबंध का एक लंबा दौर 1965 से 2005 तक चला था. ये ही वो साल थे जब हिंदी फिल्म इंडस्ट्री बढ़ती चली गई और पाकिस्तान कंगाली की हालत में पहुंच गया. एक आंकड़े के मुताबिक बैन लगने से पहले तक पाकिस्तान में सिनेमा के कुल रेवेन्यू का 70 फीसदी हिस्सा भारतीय फिल्मों से आया था.

हिंदी फिल्मों पर बैन का कितना असर
हिंदी फिल्मों पर मोटे तौर पर पाकिस्तानी बैन का न के बराबर असर पड़ता है. भारतीय फिल्में पिछले 5 दशक में तीन दशक तक बैन ही रही हैं. इस दौरान हिंदी फिल्म इंडस्ट्री की ग्रोथ तेजी से हुई और इसका उल्टा असर पाकिस्तानी फिल्म इंडस्ट्री पर हुआ. आंकड़ों के मुताबिक हिंदी फिल्में पाकिस्तान में 4 से 7 करोड़ रुपये तक का बिजनेस करती हैं. भारतीय फिल्मों के रेवेन्यू कलेक्शन में पाकिस्तान का योगदान 3 से 5 प्रतिशत तक ही होता है. इसके अलावा भारतीय सिनेमा का फलक बीते कुछ दशक में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहुंचा है. कई हिंदी फिल्में विदेशों में बहुत अच्छी कमाई कर रही हैं. आमिर खान अभिनीत दंगल ने तो चीन में कमाई के सारे रिकॉर्ड तोड़ दिए.

पाकिस्तानी कलाकार माहिरा खान बॉलीवुड फिल्म रईस में नजर आई थीं.
पाकिस्तानी कलाकार माहिरा खान बॉलीवुड फिल्म रईस में नजर आई थीं.


पाकिस्तानी कलाकार और बॉलीवुड
पाकिस्तानी कलाकार बॉलीवुड में काम करने को इच्छुक रहते हैं लेकिन 2016 से ही भारत ने अपने दरवाजे पाकिस्तानी कलाकारों के लिए बंद कर रखे हैं. पाकिस्तान के कई कलाकारों ने बॉलीवुड में काम किया है और शोहरत पाई है. हालांकि दोनों देशों के बीच बिगड़ते संबंधों का सबसे तेज असर सिनेमा पर ही देखने को मिलता है. चूंकि भारतीय फिल्म इंडस्ट्री बहुत ज्यादा बड़ी है इस वजह से उसे ज्यादा फर्क नहीं पड़ता.

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First published: January 20, 2020, 10:01 AM IST
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