कोरोना वायरस से पहले कई बार दुनिया में दहशत फैला चुकी हैं ये महामारियां

कोरोना वायरस से पहले कई बार दुनिया में दहशत फैला चुकी हैं ये महामारियां
यह पहली बार नहीं है जब दुनिया किसी बड़ी महामारी की चपेट में हो. (प्रतीकात्मक तस्वीर)

कोविड-19 (Covid-19) दुनिया की पहली महामारी (Pandemic) नहीं है. इससे पहले भी कई बार दुनिया में महामारियां फैल चुकी हैं, जिनमें लाखों से करोड़ो लोग मारे गए हैं.

  • News18Hindi
  • Last Updated: April 11, 2020, 2:58 PM IST
  • Share this:
नई दिल्ली: कोविड-19 (Covid-19) की वैश्विक महामारी (Pandemic) प्रसार को काबू में करने के लिए दुनिया के तमाम देश जी-जान लगा रहे हैं. अभी तक इस बीमारी की वैक्सीन या इलाज समाने नहीं आया है. ऐसे में इस बीमारी के संक्रमण को रोकने के लिए लॉकडाउन (lock down), सोशल डिस्टेंसिंग (Social Distancing) जैसे कई उपाय अपनाए जा रहे हैं. वैसे तो धरती में महामारियों का अपना इतिहास रहा है. पिछले दो हजार सालों में कोविड-19 से पहले करीब 16 महामारियां आईं और अलग अलग तरह से कहर ढाया.

AIDS ने लंबे समय तक किया परेशान
कोविड-19 से पहले दुनिया को साल एड्स वायरस ने दुनिया भर में अपना खौफ लंबे समय तक बनाया. 1980 के दशक में यह दुनिया में फैलना शुरू हुई और उसने वैश्विक महामारी का रूप ले लिया. कहा जाता है कि 2012 में यह बीमारी अपने चरम पर थी. करीब 3 करोड़ 60 लाख लोग इसकी वजह से मारे जा चुके हैं. इस समय लगभग साढ़े तीन करोड़ लोग अब भी इससे ग्रसित हैं. अब इससे मरने वालों की संख्या में काफी कमी हो गई है.

हॉन्गकॉन्ग फ्लू और एशियन फ्लू
हॉन्गकॉन्ग फ्लू दूसरी श्रेणी का फ्लू माना जाता है, जिसने वैश्विक महामारी का रूप ले लिया था. इसे एच3एन2 वायरस ने फैलाया था. 1968 में यह  हॉन्गकॉन्ग में फैला था और जल्दी ही पूर्वी एशिया, ऑस्ट्रेलिया, यूरोप और अमेरिका में फैल गया था. इस बीमारी की वजह से 10 लाख लोग मारे गए थे. इससे 10 साल पहले एशियन फ्लू जो एच2एन2 वायरस के कारण 1956-58 तक एशिया में फैला था. चीन से शुरू हुआ ये वायरस सिंगापुर हॉन्गकॉन्ग और फिर अमेरिका तक में जा पहुंचा था. बताया जाता है कि इसमें 20 लाख लोगों की मौत हुई थी, जिसमें करीब 70 हजार लोग अमेरिका में मरे थे.



Corona virus
कोविड-19 दुनिया में पहली बार इतने व्यापक स्तर पर फैलने वाली बीमारी है. (प्रतीकात्मक तस्वीर)


1918 का स्पेनिश फ्लू
1918-20 के दौरान फैला इंफ्लूएंजा फ्लू श्रेणी में सबसे घातक रूप से फैली महामारी है. कहा जाता है कि इसने तीसरी दुनिया के देशों के करीब 2 से पांच करोड़ लोगों का जीवन खत्म कर दिया था. प्रथम विश्व युद्ध के अंत के समय फैली इस महामारी की खास बात यह थी कि यह आम इन्फ्लूएंजा से अलग था जो बच्चों और बूढ़ों में आम होता था. इस फ्लू ने युवा स्वस्थ लोगों को भी अपना शिकार बनाया.  विश्व युद्ध के कारण इस बीमारी के सटीक आंकड़े नहीं मिल सके.

1890 में भी इस बीमारी ने दस लाख लोगों की लील लिया था. उस समय इसे रशियन फ्लू नाम दिया गया था.

हैजा या कॉलरा  (Cholera)
कॉलरा या हैजा 19वीं सदी की बड़ी महामारी थी, जिसने कई बार दुनिया भर को अपनी चपेट में लिया था. आखिरी बार यह बीमारी 1910 के आसपास दुनिया में महामारी के तौर पर फैली थी. बताया जाता है कि यह उसका दुनिया में छठा प्रकोप था. यह भारत से फैला था. तब इससे दुनिया भर में करीब 8 लाख जानें गई थीं. बताया जाता है कि यह बीमारी 1817 में पहली बार फैली थी, लेकिन 1852 के आसपास इसकी तीसरी लहर ने 10 लाख लोगों को मारा था. यह बीमारी आज भी कई जानें ले लेती है.

प्लेग की बीमरी
प्लेग ने भी कई बार दुनिया में अपना प्रकोप दिखाया है. यह बीमारी चूहों से फैलती है. यह पिछले दो हजार सालों में यह सबसे पुरानी वैश्विक महामारी मानी जाती है. साल 165 ईस्वी में एंटोनाइन प्लेग ने करीब 50 लाख लोगों की जान ली थी. यह एशिया, मिस्र, यूनान (ग्रीस) और इटली में फैली थी.

19वीं सदी के आखिरी सालों में प्लेग दुनियाभर में बड़ी महामारी बनकर उभरी. इसने लाखों लोगों की जान ले ली


इसके बाद 541 में एशिया, यूरोप, उत्तरी अफ्रीका और अरब देशों में जस्टिनियन प्लेग महामारी के तौर पर फैला था. कहा जाता है कि इसमें 5 करोड़ लोग मारे गए थे. यानि उस समय दुनिया की आधी आबादी खत्म हो गई थी.

साल 1346 में ही प्लेग का एक और रूप दुनिया को हिला गया था. इसकी वजह से यूरोप, अफ्रीका और एशिया में 7 से बीस करोड़ लोग मारे गए थे. इसका खौफ यूरोप में बहुत ज्यादा रहा था. इसे ब्लैक डेथ नाम दिया गया था.

स्मॉल पॉक्स
1492 में यूरोपियन्स के अमेरिका पहुंचने के बाद वहां स्मॉल पॉक्स की बीमारी पहुंची और उसकी वजह से अमेरिका की 30 प्रतिशत जनसंख्या साफ हो गई. इससे तब 2 करोड़ लोग मारे गए थे. कहा जाता है यह बीमारी अब भी कई लोगों को मार रही है जबकि इसकी वैक्सीन बन चुकी है. भारत में यह बीमारी असरदार रही है.

Corona Virus, Covid 19
कोरोना वायरस को लेकर दुनिया भर में तेजी से शोधकार्य हो रहा है.


इसके अलावा भी कई बीमारियां ऐसी रही हैं जिन्होंने दुनिया भर को हिला कर रख दिया है. 20वीं सदी में जीका वायरस (2015), इबोला (2014), एच1एन1 स्वाइन फ्लू (2009), मर्स (2014) सार्स (2002) जैसी बीमारियों में खासा खौफ पैदा किया. इनमें से सार्स जैसी बीमारियां जहां अपने आप खत्म हो गईं तो वहीं इबोला वायरस अब भी लाइलाज है. जीका वायरस खास मच्छर के काटने से फैलता है.

यह भी पढ़ें:

ट्रंप की फेवरिट दवा को क्यों डॉक्टर नहीं मानते कोरोना में असरदार

Coronavirus: जानें महाराष्‍ट्र में यहां हुई चूक और बदतर होते चले गए हालात

क्या भारत में कोरोना वायरस कम्युनिटी स्प्रेड होने लगा है?

पाकिस्तान पर भड़के थे पूर्व PM मोरारजी, कहा था-बर्बाद कर देंगे, जानें वजह

भारत में बिना संक्रमित व्‍यक्ति के संपर्क में आए भी फैल रहा है कोरोना वायरस
अगली ख़बर

फोटो

टॉप स्टोरीज