क्या मुमकिन है समय की यात्रा, जानिए इस सवाल पर क्या कहता है नया शोध

समय यात्रा (Time Travel) अभी तक सैद्धांतिक रूप से (Theoritically) भी असंभव लगती थी, लेकिन अब ऐसा नहीं है. (तस्वीर: Pixabay)
समय यात्रा (Time Travel) अभी तक सैद्धांतिक रूप से (Theoritically) भी असंभव लगती थी, लेकिन अब ऐसा नहीं है. (तस्वीर: Pixabay)

एक वैज्ञानिक और उसके छात्र ने ऐसा गणितीय मॉडल (Mathematical Model) बनाया है जो सैद्धांतिक रूप में (Theoretically) समय यात्रा (time travel) को संभव साबित करता है.

  • News18Hindi
  • Last Updated: September 28, 2020, 6:50 AM IST
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क्या समय यात्रा (Time Travel) की जा सकती है. यह सवाल आम लोगों को भले ही काल्पनिक लगे, लेकिन कई सालों ने भौतिकविद (Physicists) इस सवाल का जवाब तलाश रहे हैं. व्ययवहारिक स्तर पर यह विज्ञान (Scinece) के लिए एक दूर की कौड़ी लगती है, लेकिन सैद्धांतिक रूप से (Theoretically) समय यात्रा को संभव सिद्ध करने किया गया है. एक वैज्ञानिक ने अपने छात्र के साथ मिलकर एक ऐसा गणितीय मॉडल (Mathematical Model) बनाया है जो समय यात्रा को सैद्धांतिक तौर पर संभव साबित करता है.

विरोधाभास
इस तरह की सभी थ्योरीज (सैद्धांतिक मतों) में पैराडॉक्स (विरोधाभास) बनना सबसे मुश्किल चुनौती है. इस अध्ययन को यूनिवर्सिटी ऑफ क्वीन्सलैंड में स्कूल ऑफ मैथमैटिक्स एंड फिजिक्स के डॉ फैबियो कोस्टा बताते हैं, “मान लीजिए आप समय की यात्रा करते हैं और वायरस के प्रसार को रोकते हुए कोविड-19 के मरीजों की संख्या शून्य करने की कोशिश करते हैं. यदि आप पहले मरीज को  संक्रमित होने से रोकते हैं तो आप वापस जाकर महामारी को रोकने के कारण के साथ वह प्रेरणा भी खत्म कर देंगे जिससे आप समय के पीछे वापस जाना चाहते हैं. “

मुश्किल क्यों लगता था यह
कोस्टा का कहना है कि यह एक विरोधाभास है. ऐसे असंगति है, जिसके कारण बहुत से लोग यह सोचने लगते हैं कि समय की यात्रा हमारे ब्रह्माण्ड में संभव ही नहीं है.  कुछ भौतकिविद कहते हैं कि यह मुमकिन है, लेकिन तार्किक तौर पर यह स्वीकार करना मुश्किल है क्योंकि इससे हमारे स्वेच्छित कार्यों को करने की स्वतंत्रता पर प्रभाव पड़ेगा.”



संभव है ऐसी यात्रा
इसका मतलब यह है कि आप समय की यात्रा तो कर सकते हैं, लेकिन कोई ऐसी क्रिया नहीं कर सकते जिससे कोई विरोधाभास हो जाए.  इसी लिए अब तक यही माना जाता था कि विरोधाभास मुक्त समय की यात्रा संभव नहीं है. डॉ कोस्टा ने जरमेन टोबर नाम के अपने एक स्तातक छात्र के साथ मिलकर एक गणितीय मॉडल बनाया है जो यह साबित करता है कि विरोधाभासी मुक्त समय की यात्रा सैद्धांतिक रूप से संभव है.

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समय यात्रा (Time Travel) के साथ सबसे बड़ी चुनौती घटनाओं के बदलाव को लेकर विरोधाभास (Paradox) को लेकर है. (प्रतीकात्मक तस्वीर: Pixabay)


समय की यात्रा गणितीय रूप से संभव
क्लासिकल एंड क्वांटम ग्रैविटी में प्रकाशित इस अध्ययन में टोबर ने बताया है कि किसी समय विशेष पर किसी सिस्टम के अवस्था जानने से हमें उस सिस्टम के पूरे इतिहास के बारे में पता चल सकता  है. मिसाल के तौर पर, गुरुत्व के प्रभाव से मुक्त रूप से नीचे गिरने वाली किसी वस्तु की वर्तमान स्थिति (Current position) और वेग (Velocity) जानने से हम यह गणना कर सकते हैं कि वह किस समय कहां होगी.

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दो सिद्धांत एक साथ
लेकिन आइंस्टीन का सापेक्षता का सामान्य सिद्धांत लूप या समय की यात्रा की मौजूदगी का अनुमान लगता है, जहां कोई घटना खुद ही भूतकाल और भविष्यकाल दोनों में हो सकती है. लेकिन यही बात गति विज्ञान (Dynamics) को ही प्रमुखता से खारिज करती है. वर्तमान विज्ञान के अनुसार दोनों ही सिद्धांत एक साथ सही नहीं हो सकते. टोबर का कहना है कि इस विषय पर वे सालों तक भ्रमित रहे कि गति विज्ञान कैसे आइंस्टीन के अनुमानों के साथ तालमेल बिठा सकती है. उन्हें हैरानी होती थी कि क्या समय की यात्रा संभव है भी या नहीं.

तालमेल के बाद क्या हुआ
इस सवाल का एक जवाब एक एकीकृत सिद्धांत (unified theory) हो सकता था. सिद्धांत जो परंपरागत गतिविज्ञान और आइंस्टीन के सापेक्षता के सिद्धांत में तालमेल बिठाए. इसी दिशा में काम करते हुए टोबर और डॉ कोस्टा नए अध्ययन के साथ आए और उन्होंने दावा किया कि उन्होंने यह तालमेल करने का तरीका हासिल कर लिया है.

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इस मॉडल (Model) में आइंस्टीन (Albert Einstein) के सापेक्षता सिद्धांत (Theory of Relativiety) और गतिविज्ञान (Dynamics) में तालमेल शामिल है. (तस्वीर: Pixabay)


बिना विरोधाभास की समय यात्रा
 डॉ कोस्टा के अनुसार ये गणनाएं विज्ञान के लिए बहुत अहम साबित हो सकती हैं. उन्होंने कहा कि गणित ने जांच की और नतीजा विज्ञान फंतासी की चीज निकला. इस शोध की यह गणित जटिल है, लेकिन यह बहुत ही आधारभूत संभावना की ओर इशारा करती है. ऐसे समय यात्रा जो किसी भी कार्य से कोई विरोधाभास पैदा नहीं होगा. शोधकर्ताओं का कहना है कि इससे घटनाओं को किसी तार्किक कार्य से सुधारा भी जा सकेगा.

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विरोधाभास नामुमकिन
टोबर अपने कोविड-19 के उदाहरण से समझाते हैं कि कितनी भी कोशिश कर लें कोविड-19 के संक्रमण को रोका नहीं जा सकेगा क्योंकि अगर आपने एक मरीज में ऐसा होने से रोका तो वह किसी और को होगा. टोबर के अनुसार कोई कितना भी विरोधाभास पैदा करले . हालात खुद को  उसके हिसाब से बदल लेंगे जिससे ब्रह्माण्ड के साथ कोई असंगति न हो.  इस तरह हमारे ब्रह्माण्ड में अपने मन से की जा सकने वाली समय की यात्रा संभव है.
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