इन उपकरणों से जांच सकते हैं अपने आसपास आत्माओं की मौजूदगी

आत्माएं मोबाइल, एसी, किसी भी तरह के इलेक्ट्रानिक और इलेक्ट्रिकल सामान और यहां तक इंसानों की भी एनर्जी खाती हैं . एकाएक सिर भारी हो जाए, सांस फूली लगे, पसीना-पसीना हो जाएं तो समझें कि वहां मौजूद आत्मा आपकी ताकत भी सोख रही है.

News18Hindi
Updated: August 29, 2019, 12:30 PM IST
इन उपकरणों से जांच सकते हैं अपने आसपास आत्माओं की मौजूदगी
खास तरह के उपकरण होते हैं, जिन्हें घोस्ट डिटेक्टर कहा जाता है (प्रतीकात्मक फोटो)
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Updated: August 29, 2019, 12:30 PM IST
आपको भी भूतों या पारलौकिक ताकतों पर यकीन है तो आप अकेले नहीं हैं. दुनियाभर में लगभग हर संस्कृति के लोग आत्माओं के होने पर यकीन करते हैं. अरबों लोग इस विषय में दिलचस्पी रखते हैं. साल 2013 में अमेरिका में हुई एक स्टडी की बताती है कि 43 प्रतिशत से ज्यादा अमेरिकी जो खासे पढ़े-लिखे हैं, भूतों और आत्माओं को मानते हैं.

लोग वक्त-वक्त पर आत्माओं से बात करने की कोशिश करते रहते हैं और बहुतों का दावा है वे उनसे कम्युनिकेट कर पाते हैं. आत्माओं पर तहकीकत के लिए कई टीमें भी हैं जिनके पास खास तरह के उपकरण होते हैं, जिन्हें 'घोस्ट डिटेक्टर' कहा जाता है.

कई वैज्ञानिक भी आत्माओं की खोज में लगे हुए हैं. वे मानते हैं कि आत्माओं का होना विज्ञान से अलग नहीं. कैंब्रिज यूनिवर्सिटी में फिजिक्स के प्रोफेसर डॉ ब्रायन जोसेफसन (Dr. Brian D. Josephson) जिन्हें साल 1973 में भौतिक विज्ञान का नोबेल पुरस्कार भी मिल चुका है, वे भी वैज्ञानिकों की इसी जमात में शामिल हैं. अपने एक प्रोजेक्ट के दौरान डॉ जोसेफसन ने घोस्ट डिटेक्ट करने वाले उपकरणों में अलग तरह की तरंगें महसूस कीं जो इंसानी तरीकों से मुमकिन नहीं है. हालांकि वैज्ञानिकों से दूसरे तबके ने इसकी आलोचना की लेकिन उन उपकरणों पर लोगों का यकीन कम नहीं हुआ, बल्कि बढ़ा ही.

जानते हैं, ऐसे 7 उपकरणों के बारे में, जिनके बारे में पैरानॉर्मल इन्वेस्टिगेटर्स का कहना है कि इनसे अपने आसपास आत्माओं का होना पता चलता है.

पैरानॉर्मल इन्वेस्टिगेटर्स का कहना है कि इनसे अपने आसपास आत्माओं का होना पता चलता है (प्रतीकात्मक फोटो)


डिजिटल वॉइस रिकॉर्डर (DIGITAL VOICE RECORDER)
ये उपकरण EVP (electronic voice phenomenon) सेशन के दौरान काम आता है. दावा किया जाता है कि घोस्ट सेंसिटिव तरीके से डिजाइन करने पर इसमें कोई भी रहस्यमयी आवाज कैद में आ जाती है. मार्केट में कई तरह के रिकॉर्डर मौजूद हैं लेकिन पैरानॉर्मल चीजें इन्वेस्टिगेट करने वाले इसे मॉडिफाई करते हैं. भुतहा जगहों पर इसे ऑन करके सवाल करने पर अक्सर जवाब रिकॉर्ड हुए हैं, इसमें नाम बताना, चीख, रोना, सुबकना, गालियां देना, दरवाजा खटखटाना, दौड़ना या कई दूसरी आवाजें शामिल हैं.
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डिजिटल कैमरा विद नाइट विजन (DIGITAL CAMERA WITH NIGHT VISION)
नाइट विजन कैमरा होना ही चाहिए. हंटर्स का दावा है कि कई बार इसमें अजीबोगरीब शैडो यानी छायाएं भागती या कोई इशारा करती दिख जाती हैं. इसमें इंफ्रारेड लाइटिंग होती है जो आम कैमरा में नहीं होती. पैरानॉर्मल चीजों को पेशे के तौर पर अपनाने वाले इसे वॉटर रेजिस्टेंट और अच्छी बैटरी बैकअप वाला ही प्रेफर करते हैं. आमतौर पर माना जाता है कि जिन जगहों पर आत्माओं का वास होता है, वहां सबसे पहले किसी भी उपकरण की बैटरी ही जाती है.

इसमें अजीबोगरीब शैडो यानी छायाएं भागती या कोई इशारा करती दिख जाती हैं (प्रतीकात्मक फोटो)


इलेक्ट्रोमैग्नेटिक फील्ड डिटेक्टर ELECTROMAGNETIC FIELD (EMF) DETECTOR
आत्माओं की खोज में लगे हैं तो ये होना बेहद जरूरी है. ये इलेक्ट्रोमैग्नेटिक रेडिएशन को कैप्चर करता है. हालांकि इसपर कई सवाल उठते रहे हैं कि इस तरह की रेडिएशन किसी भी ऐसी जगह हो सकती हैं, जहां मोबाइल टावर हो, wifi राउटर हो या जहां बिजली के तार हों. इसपर पैरानॉर्मल इन्वेस्टिगेटर्स का तर्क है कि सामान्य जगहों पर फ्रीक्वेंसी स्थिर होती है, जबकि जहां आत्माएं हों, वहां ये बदलती रहती है. बार-बार ब्लिंक करती है.

इंफ्रारेड थर्मामीटर (INFRARED THERMOMETER)
हॉन्टेड जगहों पर अक्सर तापमान में बड़ा बदलाव देखा जा सकता है. जैसे सामान्य से बहुत ज्यादा गर्म या ठंडा. ऐसे में इन्वेस्टिगेटर अपने साथ ये थर्मामीटर भी रखते हैं. तापमान के अलावा इनका इस्तेमाल थर्मल रेडिएशन मापने में भी होता है, जो किसी न किसी रहस्यमयी उपस्थिति की वजह से होता है.

इनका इस्तेमाल थर्मल रेडिएशन मापने में भी होता है (प्रतीकात्मक फोटो)


बाईनरी रिस्पॉन्स डिवाइस (BINARY RESPONSE DEVICE)
इसे आसान भाषा में यस/नो बॉक्स भी कहा जाता है. ये भी घोस्ट हंटिंग के दौरान एक जरूरी उपकरण है. घोस्ट हंटर आत्माओं से बात और सवाल-जवाब का दावा करते हैं. कई बार हां या ना वाले सवालों में इस बॉक्स का इस्तेमाल होता है. आत्माएं अपनी एनर्जी या ताकत से बॉक्स पर हां या ना में से कोई एक बल्ब जला देती हैं. हां के लिए हरी लाइट और ना के लिए लाल लाइट होती है और इसे आत्माओं को बताया भी जाता है.

ये रखना भी जरूरी
इनके अलावा कई और भी चीजें होती हैं, जैसे इन्वेस्टिगेटर्स की धारणा है कि आत्माओं में एनर्जी सोखने की टेंडेंसी होती है. वे इलेक्ट्रॉनिक और इलेक्ट्रकिल दोनों ही जरियों से एनर्जी लेते हैं. ऐसे में मोबाइल और कैमरे की बैटरी सबसे पहले लो हो जाती है. इनके लिए बैटरी बैकअप रखा जाता है. आमतौर पर सारी इन्वेस्टिगेशन रात में की जाती है इसलिए पावरफुल टॉर्च होना जरूरी है. साथ ही टीम से संपर्क के लिए हरेक सदस्य के पास वॉकी टॉकी रहता है ताकि अलग-अलग हो जाएं तो तुरंत संपर्क हो सके. सारे उपकरणों को सही-सलामत लाने- ले जाने के लिए अच्छी क्वालिटी के एयर केस भी पैरानॉर्मल इन्वेस्टिगेटर्स के पास रहती है.

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First published: August 29, 2019, 12:30 PM IST
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