अब एलियंस के बारे में कौन सा सीक्रेट बताने जा रहा है अमेरिका?

अब एलियंस के बारे में कौन सा सीक्रेट बताने जा रहा है अमेरिका?
पेंटागन उड़न तश्तरियों और एलियंस के बारे में रहस्यमयी खुलासा करने जा रहा है- सांकेतिक फोटो

इसी अप्रैल में अमेरिका ने तीन वीडियो जारी किए थे, जिनमें अज्ञात चीजें आसमान में (unidentified flying object) मंडराती दिखी थीं. अब इनपर बड़ा खुलासा होने जा रहा है.

  • Share this:
अमेरिकी रक्षा मुख्यालय पेंटागन उड़न तश्तरियों और एलियंस के बारे में रहस्यमयी खुलासा करने जा रहा है. बता दें कि पेंटागन की UFO (unidentified flying objects) यूनिट के बारे में कहा गया था कि वो भंग की जा चुकी है, हालांकि वो अमेरिकी नौसेना के तहत खुफिया तरीके से चल रही थी. इस दौरान नेवी अफसरों और पायलेट्स ने कई अजीबोगरीब घटनाएं देखीं. अब अमेरिका इन्हीं रहस्यमयी बातों को सामने रखेगा.

नेवी इंटिलिजेंस के तहत इस प्रोग्राम को अनआइडेंटिफाइड एरियल फेनॉमेना टास्क फोर्स (Unidentified Aerial Phenomenon Task Force) कहा जा रहा है. दशकभर से भी ज्यादा वक्त में इसके लिए काम कर रही टीम की कई रहस्यमयी चीजों से मुठभेड़ हुई. अब पेंटागन 6 महीने में एलियंस और उड़नतश्तरियों से जुड़ी यही बातें सामने लाया करेगा. ये बात जून में सीनेट की बैठक के दौरान तय हुई. असल में साल 2007 से लेकर 2012 तक चले एक प्रोजेक्ट में अनआईडेंटिफाइड फ्लाइंग ऑब्जेक्ट पर रिसर्च किया गया. इस प्रोजेक्ट में करोड़ों रुपए लगाए गए ताकि एलियंस पर स्टडी की जा सके.

नेवी अफसरों और पायलेट्स ने कई अजीबोगरीब घटनाएं देखीं- सांकेतिक फोटो (Photo-pixabay)




एडवांस्ड एरोस्पेस थ्रेट आइडेंटिफिकेशन नाम से इस प्रोग्राम से पहले ऑपरेशन ब्लू बुक नाम से भी यूएफओ पर अमेरिका में रिसर्च होती रही. इसमें एयरफोर्स ने हजारों यूएफओ के बारे में स्टडी की लेकिन प्रॉजेक्ट ब्लू बुक ऐसा कोई सबूत जुटाने में विफल रहा. बाद में साल 1969 में इसे बंद कर दिया गया. अब नई बातें सामने आई हैं, जिससे पता चला है कि यूएफओ पर अमेरिकी रिसर्च कभी बंद ही नहीं हुई है, बल्कि इसके लिए सीक्रेट इन्वेस्टिगेशन चलता आया है.



यूएफओ पर शोध करने के कई मकसद हैं. जैसे इसका उद्देश्य ये पता लगाना तो है ही कि क्या दूसरे ग्रहों पर जीवन है. साथ ही ये पता करना भी है कि कहीं दूसरे कोई राष्ट्र चोरी से अमेरिका को नुकसान पहुंचाने की कोशिश तो नहीं कर रहा. फर्स्टपोस्ट में आई रिपोर्ट में सीनेटर मार्को रूबियो, जो सीनेट सलेक्ट कमेटी ऑन इंटेलिजेंस के चेयरमैन भी है, उन्होंने मियामी में कई बातों का खुलासा किया.

ये भी पढ़ें: किस वजह से देश से लगातार चोरी हो रही हैं बेशकीमती कलाकृतियां?

उनके मुताबिक कई अनआइडेंटिफाइड एयरक्राफ्ट यूएस के मिलिट्री बेस पर मंडराते देखे गए हैं. अब ये जानना भी जरूरी है कि ये एयरक्राफ्ट कहां से थे और क्या कर रहे थे. रूबियो का अनुमान है कि ये रूस या चीन के एयरक्राफ्ट भी हो सकते हैं, जो किसी खास तकनीक से तैयार किए गए हों ताकि उनकी पहचान न हो सके.

यूएफओ पर अमेरिकी रिसर्च कभी बंद ही नहीं हुई है, बल्कि इसके लिए सीक्रेट इन्वेस्टिगेशन चलता आया है- सांकेतिक फोटो (Photo-pixabay)


कब-कब देखी अमेरिकी सेना ने यूएफओ
साल 2004 में डिपार्टमेंट ऑप डिफेंस ने सैन डियागो में नेवी के एक फाइटर जेट ने अनआइडेंटिफाइड ऑब्जेक्ट देखा. इसके बाद समझ आ सका कि भले ही पेंटागन ने यूएफओ पर अपनी खुफिया रिसर्च बंद करने का एलान किया था लेकिन वो और भी ज्यादा गुप्त तरीके से नेवल इंटेलिजेंस के तहत चल रही थी. बता दें कि साल 2017 में न्यूयॉर्क टाइम्स ने इस बारे में बात की थी. तब अमेरिकी रक्षा मंत्रालय ने कहा था कि साल 2012 में ही यूएफओ पर काम करने वाली यूनिट की फंडिंग बंद हो गई और वो यूनिट भी भंग कर दी गई. हालांकि, कार्यक्रम के साथ काम करने वाले लोगों ने कहा कि ये काम लगातार होता रहा.

ये भी पढ़ें: क्या भारत को घेरने के लिए चीन PAK में बना रहा है सैन्य बेस? दिखी सैटेलाइट इमेज 

अब पेंटागन आसमान में इन्हीं अज्ञात चीजों के बारे में खुलासा करने जा रहा है.
तो आखिर पेंटागन क्या बताने जा रहा होगा? माना जा रहा है कि वो सीक्रेट मिशन में आए निष्कर्षों में से कुछ ही बातें लोगों के सामने रखेगा. जैसे इसी साल अप्रैल में पेंटागन ने अमेरिकन नेवी के पायलटों के लिए गए तीन वीडियो पोस्ट किये थे. वीडियो साल 2004 और 2015 के बताए जा रहे हैं. वीडियो नए नहीं बल्कि पुराने हैं और इनमें से दो को न्यूयॉर्क टाइम्स ने 2017 में अपनी खबर में प्रकाशित किया था. 2019 में पेंटागन ने इसकी पुष्टि की और पूरी तरह से इन्हें रिव्यू करने के बाद जारी किया था.

डिपार्टमेंट ऑफ डिफेंस ने सैन डियागो में नेवी के एक फाइटर जेट ने अनआइडेंटिफाइड ऑब्जेक्ट देखा (Photo- pikrepo)


पेंटागन के प्रवक्ता सुओ गॉफ ने इन वीडियो को लेकर कहा कि इनकी पूरी समीक्षा के बाद संतुष्टि की गई कि कहीं इन्हें आधिकारिक तौर पर जारी करने से कोई संवेदनशील जानकारी लीक तो नहीं हो रही है. वीडियो को लेकर जारी बयान में कहा गया है कि अनधिकृत तौर पर यह सालों पहले पब्लिक डोमेन में लीक किए गए थे.

ये भी पढ़ें:- दो देशों में जंग छिड़ जाए तो क्या खतरा होता है दूतावास पर? 

पेंटागन के इस खुलासे के साथ ही इस यूनिट से जुड़े कई लोग पहली बार आगे आए हैं और मान रहे हैं कि धरती पर कई ऐसी उड़नतश्तियां आ चुकी हैं, जो इस ग्रह से तो नहीं हैं. ऐसी उड़नतश्तरियां क्रैश भी हो चुकी हैं. अब उनके पदार्थों पर स्टडी तक की जा रही है. जैसे पेंटागन यूएपओ प्रोग्राम के एस्ट्रोफिजीशिस्ट एरिक डब्ल्यू डेविस मानते हैं कि ये विमान दूसरी दुनिया से हैं.
अगली ख़बर

फोटो

टॉप स्टोरीज

corona virus btn
corona virus btn
Loading