अमेरिकियों को क्यों 18 महीने तक पहनने पड़ सकते हैं मास्क

अमेरिकियों को क्यों 18 महीने तक पहनने पड़ सकते हैं मास्क
अमेरिका में लोगों को लंबे समय तक मास्क पहनने के लिए तैयार होना होगा. (प्रतीकात्मक तस्वीर)

अमेरिका में कोरोना वायरस (Corona virus) के बढ़ते असर के बीच हाल ही में मास्क पहनना अनिवार्य किया गया है. विशेषज्ञों का कहना है कि लोगों को इसे अगले एक डेढ़ साल तक पहनना पड़ सकता है.

  • News18Hindi
  • Last Updated: April 11, 2020, 11:39 AM IST
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नई दिल्ली: कोरोना वायरस (Corona Virus) का कहर दुनिया में कम होने का नाम नहीं ले रहा है. अब तक करीब 17 लाख लोग संक्रमित हो चुके हैं और एक लाख से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है. इसमें सबसे ज्यादा असर अमेरिका में हुआ है. वहां देश भर में मास्क (Mask) पहनना अनिवार्य कर दिया गया है. अब कई विशेषज्ञों का कहना है कि अमेरिका में लोगों को डेढ़ साल तक मास्क पहनना पड़ सकता है.

अब मास्क पहनना हुआ अनिवार्य
अमेरिका में कोरोना वायरस के कारण अब तक अमेरिका में पांच लाख से ज्यादा लोग संक्रमित और 18 हजार से ज्यादा लोग मर चुके हैं. वहां पिछले सप्ताह ही सेंटर्स फॉर डिसीज कंट्रोल एंड प्रिवेंशन (CDC) ने मास्क अनिवार्य किया है. अब येल यूनिवर्सटी के डॉक्टर का कहना है कि अमेरिका केलोगों को करीब एक डेढ़ साल तक मास्क पहनना पड़ सकता है.

पहले नहीं था मास्क पहनना अनिवार्य
उल्लेखनीय है कि सीडीसी सहित, विश्व स्वास्थ्य संगठन और यहां तक कि अमेरीकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प तक एक महीने तक यही कहते रहे कि कोरोना वायरस से बचाव के मास्क अनावश्यक और प्रभावी हैं. लेकिन पिछले सप्ताह ही सीडीसी ने अपने दिशानिर्देश बदले और लोगों के लिए मास्क पहनना अनिवार्य कर दिया.



CDC America
सीडीसी ने पिछले तीन अप्रैल को ही अमेरिाक में मास्क पहनना अनिवार्य किया है.


शोध जारी है इलाज के लिए
दुनिया में कोरोना वायरस के इलाज और प्रभावी वैक्सीन के लिए शोध जारी है. लगभग सभी विशेषज्ञ इस बात पर सहमत हैं कि कोरोना वायरस की प्रभावी दवा और वैक्सीन लोगों तक पहुंचने के लिए कम से कम एक-डेढ़ साल लग सकता है. ऐसे में दुनिया में सभी तरफ यही प्रयास किए जा रहे हैं कि कोरोना वायरस का प्रसार रोका जा सकता है.

लंबे समय तमास्पहनना पड़ सकता है
राष्ट्रपति ट्रम्प ने कुछ दिन पहले ही कहा है कि अगर लोगों को मास्क पहनने की जरूरत भी पड़ी तो वह ज्यादा दिन नहीं रहेगी. लेकिन एक्यूवैदर की खबर के मुताबिक विशेषज्ञ ऐसा नहीं सोचते. येल यूनिवर्सिटी की डॉक्टर शैन शो लिन इससे सहमत नहीं हैं.

जब तक वैक्सीन नहीं मिलती
डॉ शैन का कहना है कि जब तक कोविड-19 की प्रभावी वैक्सीन लोगों को उपलब्ध नहीं हो जाती, तब तक उन्हें मास्क पहनना होगा. इस महामारी  खात्मे तक ही पहनना ठीक होगा. उन्होंने चेताया कि यह चुनौती आसानी से नहीं जाने वाली खास तौर पर तब जब संक्रमण शीर्ष स्तर पर है.

USA Corona virus
अमेरिकी लोग मास्क को लेकर सहज नहीं रहते. (प्रतीकात्मक तस्वीर)


जब संक्रमण घट रहा है तब ज्यादा सावधानी की जरूरत
इस बात के समझाने के लिए उन्होंने कोरोना वायरस संक्रमण कर्व के संदर्भ में बात की, जिसके मुताबिक पहले संक्रमण बढ़ता है और फिर शीर्ष पर पहुंचने के बाद उसकी संक्रमण घटने लगती है. डॉ शॉन का कहना है कि शीर्ष से नीचे आते समय हमें ज्यादा सावधान रहने की जरूरत है कि वह फिर से शीर्ष की ओर न जाने लगे.

यह समझने की जरूरत कि खतरा लंबे समय तक है
उनका यह भी मानना है कि यह सुनिश्चित करने की जरूरत है कि लोग समझें कि खतरा लंबे समय तक चलने वाला है. उन्हे लगता है कि खतरा भले ही न जाए, लेकिन यह संभालने लायक जरूर हो जाएगा. ऐसा तब होगा जब हम तेजी से इसके टेस्ट कर लें और संपर्कों को समयपर भांप कर लोगों को आइसोलेट कर सकें.
मास्क पहनने को लेकर सहज नहीं होते अमेरीकी
अमेरिका की संस्कृति में मास्क पहनने को लेकर या दूसरों को मास्क पहने देखकर लोग सहज नहीं होते. फिर भी लोगो धीरे धीरे इसके आदी हो रहे हैं. डॉ शॉन का मानना है कि अगर लोगों ने इसने अपनाने में देर लगाई तो उन्हें इसकी कीमत चुकानी पड़ सकती है. इस मामले में लोगों में जागरुकता की भी जरूरत है.

Coronavirus in America- 139 people died in one day Donald Trump orders stop hoarding or else action will be taken
अमेरिका में लगातार बढ़ रहे हैं संक्रमण के मामले (AP Photo)


कब तक मास्क पहनें इस पर भी निर्भर कि आप कहां हैं
वहीं एक्यूवैदर के सीईओ डॉ जोएन एन मेयर्स का कहना है कि लोगों को 12-18 महीनों तक मास्क पहनना होगा या नहीं यह इस पर निर्भर करता है कि वे कहा हैं जैसे अगर वे न्यूयार्क सिटी में हैं तो शायद हां. डॉ शॉन का कहना है कि यहां हमें सोशल डिस्टेंसिंग की अहमियत को भी नहीं भूलना चाहिए. उन्हें डर है कि गर्मी के मौसम में लोग और ज्यादा बाहर निकलने की कोशिश करेंगे और एक दूसरे के पास आ सकते हैं.

विशेषज्ञों का मानना है कोरोना वायरस से बचने के लिए मास्क पहनने को फूल प्रूफ उपाय नहीं माना जा सकता है इसका मतलब यह भी नहीं यह जरूरी या असरदार नहीं हैं. वहीं सोशल डिस्टेंसिंग की अहमियत भी कम नहीं, लेकिन घर में ही रहना सबसे बेहतर विकल्प हैं.

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