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गुरु के चंद्रमा यूरोपा में मिली भाप ने चौंकाया, हबल टेलीस्कोप से मिले प्रमाण

गुरु के चंद्रमा यूरोपा में मिली भाप ने चौंकाया, हबल टेलीस्कोप से मिले प्रमाण

यूरोपा (Europa) में इतनी बड़ी मात्रा में भाप पहले कभी नहीं देखी गई. (प्रतीकात्मक तस्वीर: shutterstock)

यूरोपा (Europa) में इतनी बड़ी मात्रा में भाप पहले कभी नहीं देखी गई. (प्रतीकात्मक तस्वीर: shutterstock)

हबल टेलीस्कोप (Hubble Telescope) के आंकड़ों के अध्ययन से वैज्ञानिकों ने पाया है कि गुरु ग्रह (Jupiter के चंद्रमा यूरोपा (Europa) के एक तरफ के गोलार्द्ध के वायुमंडल में भाप बड़ी मात्रा में मौजूद है.

    हमारे सौरमंडल में पृथ्वी के बाहर जहां जीवन होने की संभावनाएं हैं उनमें गुरू ग्रह(Jupiter) का चंद्रमा यूरोपा (Europa) प्रमुख है. वैज्ञानिकों का इस बर्फीले पिंड की सतह के नीचे मौजूद तरल पानी के महासागरों में जीवन के होने की उम्मीद है. ऐसी ही कई अनोखी विशेषताओं के कारण यूरोपा खगोलविदों और वैज्ञानिकों के आकर्षण का केंद्र बना हुआ है. हाल ही में नासा के हबल टेलीस्कोप के आंकड़ों से खुलासा हुआ है कि यूरोपा उपग्रह के वायुमंडल में पानी की भाप (Water Vapour) मौजूद है. लेकिन इससे भी ज्यादा हैरानी की बात यह है कि ऐसे संकेत यूरोपा के एक ही गोलार्द्ध में मिल रहे हैं.

    भावी अभियान की तैयारी के लिए भी अध्ययन
    जब से यूरोपा की बर्फीली सतह के नीचे महासागर होने का पता चला है, तभी से वैज्ञानिक इसके वायुमंडलीय संरचना का अध्ययन कर रहे हैं. इसके साथ ही वे उन भावी अभियानों के लिए जमीन भी तैयार कर रहे हैं जो गुरू के इस प्राकृतिक उपग्रह के बारे में यह पता लगाने का प्रयास करेंगे कि क्या सूर्य से 50 करोड़ मील दूर यहां जीवन के लायक वातावरण हो सकता है या नहीं.

    2013 की तस्वीर
    यूरोपा से संबंधित अभी तक के अवलोकन साल 2013 में हबल टेलीस्कोप द्वारा उस तस्वीर से संबंधित हैं जिसमें इस उपग्रह के बर्फ से धुंआ निकलते दिख रहा है. इसे पृथ्वी पर बनने वाले गीजर की तरह माना गया, लेकिन यूरोप पर ये धुंए 60 मील तक की ऊंचाई के थे. इनकी वजह से वहां पानी की भाप गुब्बारे देखने को मिले हैं जबकि वहां का वायुमंडलीय दाब पृथ्वी से एक अरब गुना कम है.

    एक ही गोलार्द्ध
    लेकिन नए नतीजों ने इसी तरह के पानी की भाप यूरोप के बड़े भूभाग के ऊपर फैली दिखाई है. ये नतीजे हबल टेलीस्कोप के साल 1999 से लेकर 2015 के अवलोकनों के आधार पर निकाले गए हैं. इनसे पता चला है कि पानी की वाष्प की मौजूदगी लंबे समय से है, लेकिन ये केवल एक ही गोलार्द्ध में होते हैं, जो हमेशा ही यूरोपा की कक्षा के विपरीत दिशा में रहता है.

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    गुरु ग्रह (Jupiter) के बर्फीले चंद्रमा वैज्ञानिकों के लिए गहन आकर्षण बने हुए हैं. (प्रतीकात्मक तस्वीर: Pixabay)

    नई तकनीक से भाप की खोज
    अभी तक यूरोप में इस आगे पीछे वाले गोलार्द्ध की गुत्थी वैज्ञानिक समझ नहीं सके हैं. यह नई जानकारी हबल की पुरानी तस्वीरों और स्पैक्ट्रम से जमा कर के हासिल की जा सकी है. इसके लिए वैज्ञानिकों ने हाल ही में बनी नई तकनीक का उपयोग किया है जिससे स्वीडन के केटीएच रॉयल इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी, स्पेस एंड प्लाज्मा फिजिक्स के शोधकर्ता लॉरेंज रॉथ ने गुरू के एक दूसरे चंद्रमा गैनिमीड के वायुमंडल में पान की वाष्प खोजा है.

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    चौंकाता है ऐसा गैनीमीड पर नहीं होना
    रॉथ का कहना है कि गैनीमीड और यूरोपा के पीछे वाले हिस्से पर भाप का अवलोकन बर्फीले चंद्रमा के वायुमंडल के बारे में हमारी जानकारी बढ़ाएगी. लेकिन गैनीमीड के मुकाबले यूरोपा में सतह के नीचे स्थायी रूप से प्रचुर पानी का पाया जाना चौंकाने वाला है क्योंकि यूरोपा की सतह का तापमान गैनीमीड की तुलना में ज्यादा कम है.

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    गैनीमीड (Ganymede) के हालात भी यूरोपा की तरह हैं, लेकिन वहां ऐसी भाप नहीं दिखी है. (प्रतीकात्मक तस्वीर: NASA JPL Caltech)

    गैनीमीड और यूरोपा
    यूरोपा गैनीमीड की तुलना में सूर्य की रोशनी को ज्यादा प्रतिबिंबित करता है. इससे यूरोपा की सतह गैनीमीड की तुलना मे 60 डिग्री फेहरनाइट ठंडी होती है. दिन के समय भी यूरोपा की सतह का तापमान 260 डिग्री फेहरनाइट रहता है.  लेकिन इतने कम तापमान के बाद भी नए अवलोकन बताते हैं कि बर्फ सीधे वाष्प में बदल जाती है, जैसा गैनीमीड पर होता है.

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    इस खोज से यूरोपा के लिए किए जा रहे और होने वाले अध्ययनों के साथ भावी यूरोपा अभियानों को फायदा मिलेगा. इसमें नासा का यूरोपा क्लिपर और यूरोपीय स्पेस एजेंसी का जूपिटर आइसी मून एक्प्लोरर (JUICE) अभियान शामिल हैं. गुरु और इसके चंद्रमाओं के निर्माण की जानकारी से वैज्ञानिकों को दूसरे तारों के पास गुरु जैसे ग्रह बनने के बारे  जानकारी मिल सकेगी. ये नतीजे जियोफिजिकल रिसर्च लैटर्स में प्रकाशित हुए हैं.

    Tags: Jupiter, Research, Science, Solar system, Space

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