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इन देशों को आधी कीमत पर पेट्रोल-डीजल निर्यात करता है भारत! जानिए क्या है माजरा

इन देशों को आधी कीमत पर पेट्रोल-डीजल निर्यात करता है भारत! जानिए क्या है माजरा

भारत पेट्रोलियम उत्पादों का एक बड़ा निर्यातक भी है.

भारत पेट्रोलियम उत्पादों का एक बड़ा निर्यातक भी है.

Petrol-Diesel Export From India: भारत पेट्रोलियम पदार्थों का एक बड़ा आयातक होने के साथ दुनिया में इन उत्पादों का एक बड़ा निर्यातक भी है. जानिए पूरा मामला...

    आपको यह जानकर हैरानी होगी कि भारत पेट्रोलियम पदार्थों का एक बड़ा आयातक होने के साथ-साथ एक बड़ा निर्यातक भी है. हम अपनी और निर्यात जरूरतों के लिए कच्चे तेल का आयात करते हैं और उसे रिफाइन कर अमेरिका, इंग्लैंड और चीन सहित कई देशों को निर्यात करते हैं. ये निर्यात भारत में इन पदार्थों के खुदरा भाव की तुलना में करीब आधी कीमत पर होते हैं. इस समय खुदरा बाजार में पेट्रोल 110 रुपये लीटर को पार कर गया है. यही हाल डीजल का भी है. इन दोनों पदार्थों पर राज्य और केंद्र सरकार मिलकर करीब 100 फीसदी टैक्स वसूलती हैं.

    वर्ष 2018 में सूचना के अधिकार के तहत मिली एक जानकारी के मुताबिक उस समय भारत 15 देशों के 34 रुपये प्रति लीटर की दर से पेट्रोल जबकि 29 देशों को 37 रुपये प्रति लीटर की दर से डीजल निर्यात करता था.  इंडिया टुडे वेबसाइट की मुताबिक, भारत सरकार और राज्यों की सरकारों ने खुदरा पेट्रोलियम उत्पादों पर भारी टैक्स लगा रखा है जिस कारण घरेलू बाजार में इनकी कीमत काफी अधिक है.

    आरटीआई के जरिए ये जवाब सरकार की मंगलोर रिफायनरी एंड पेट्रोकेमिकल्स लिमिटेड से मिली थी. इसके मुताबिक एक जनवरी 2018 से 30 जून 2018 के बीच यहां से हांगकांग, मलेशिया, मॉरिशस, सिंगापुर और यूएई को रिफाइन्ड पेट्रोलियम पदार्थ निर्यात किए गए थे.

    उस समय पेट्रोल 32 से 34 लीटर के भाव से निर्यात किए गए वहीं डीजल 34-36 रुपये लीटर निर्यात किए गए. उस वक्त देश के खुदरा बाजार में पेट्रोल 70 रुपये लीटर और डीजल 60 रुपये लीटर के आसपास थे.

    भारत क्यों निर्यात करता है
    जैसा कि हम सभी जानते हैं कि भारत दुनिया का एक सबसे बड़ा कच्चे तेल का आयातक है. देश के भीतर कच्चे तेल को रिफाइन करने के लिए सरकारी के साथ-साथ निजी क्षेत्र में बहुराष्ट्रीय स्तर की कंपनियां हैं. इन कंपनियों में कच्चे तेल को रिफाइन करने का खर्च भी अंतरराष्ट्रीय स्तर की तुलना में कम पड़ता है. इसलिए भारत अच्छी खासी मात्रा में रिफाइन किए गए पेट्रोल-डीजल का निर्यात भी करता है. इससे भारत को आय होने के साथ देश में बड़ी संख्या में रोजगार के अवसर भी पैदा होते हैं.

    भारत दुनिया के शीर्ष 10 देशों में शामिल
    भारत से निर्यात की जाने वाली चीजों में दूसरे नंबर पर रिफाइन किए गए पेट्रोलियम उत्पाद हैं. इतना ही नहीं रिफाइन्ड पेट्रोलियम उत्पादों के निर्यात के मामले में भारत दुनिया के शीर्ष 10 देशों में शामिल है. भारत रिफाइन किए गए पेट्रोलियम उत्पाद अमेरिका, इंग्लैंड, ऑस्ट्रेलिया के साथ तेल उत्पादक देशों जैसे इराक और यूएई को भी निर्यात करता है.

    100 फीसदी टैक्स
    निर्यात किए जाने वाले रिफाइन्ड पेट्रोलियम उत्पादों की कीमत ग्लोबल सप्लाई और डिमांड के आधार तय होता है. इसमें तेल विपरण कंपनियों की भूमिका कोई खास नहीं होती. दूसरी तरफ घरेलू बाजार में बिकने वाले पेट्रोल-डीजल पर सरकारों द्वारा लादे गए टैक्स के कारण इसकी कीमत बढ़ जाती है. इन उत्पादों पर राज्यों और केंद्र सरकार के टैक्स को मिला दें तो वो करीब 100 फीसदी है. यानी आज अगर खुदरा बाजार में पेट्रोल की कीमत 110 रुपये लीटर है तो इसका मतलब आज की तारीख में रिफाइन कर पूरी तरह से तैयार पेट्रोल की कुल कीमत करीब 55 रुपये लीटर बैठती है.

    बीते वित्त वर्ष में घट गया निर्यात
    बीते वित्त वर्ष में भारत से रिफाइन्ड पेट्रोलियम उत्पादों के निर्यात में भारी कमी आई. ऐसा वैश्विक कोरोना महामारी की वजह से हुआ. बीते वित्त वर्ष ने भारत ने केवल 42 मीट्रिक टन पेट्रोलियम उत्पादों को निर्यात किया जबकि उससे पहले के वर्ष यानी वित्तीय वर्ष 2019-20 में इसने करीब 66 मीट्रिक टन पेट्रोल-डीजल का निर्यात किया था. भारत में एशिया का दूसरा बड़ा रिफायनरी उद्योग है. पहले नंबर चीन आता है.

    Tags: Indian export, Petrol and diesel

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