• Home
  • »
  • News
  • »
  • knowledge
  • »
  • जन्मदिनः इस शख्स ने बनाया था हमारा तिरंगा, गरीबी में हुई थी मौत

जन्मदिनः इस शख्स ने बनाया था हमारा तिरंगा, गरीबी में हुई थी मौत

भारतीय तिरंगे की डिजाइन करने वाले शख्स पिंगली वेंकैया

भारतीय तिरंगे की डिजाइन करने वाले शख्स पिंगली वेंकैया

आज उस शख्स का जन्मदिन है, जिनका नाम पिंगली वेंकैया (Pingli Venkayya) था. उनका जन्म आंध्र प्रदेश (Andhra Pradesh) के एक छोटे से गांव में हुआ था. उन्होंने 5 साल तक कई देशों के राष्ट्रीय ध्वज का अध्ययन करके तिरंगे (Tri Colour flag) का डिजाइन तैयार किया था. हालांकि उनका बाद का जीवन काफी गरीबी में गुजरा.

  • Share this:

    आज यानि 02 अगस्त को पिंगली वेंकैया का जन्मदिन है. वह 1876 में आंध्र प्रदेश के एक छोटे से गांव में पैदा हुए थे. ये वो शख्स थे जिन्होंने हमारे राष्ट्रीय ध्वज तिरंगे को डिजाइन किया था. पिंगली युवावय में ब्रिटिश सेना में शामिल हो गए थे लेकिन गांधीजी से एक मुलाकात ने उनके जीवन को बदल दिया.

    बापू से प्रभावित होकर छोड़ी थी ब्रिटिश सेना
    पिंगली  सिर्फ 19 साल की उम्र में पिंगली ब्रिटिश आर्मी में शामिल हो गए. लेकिन उन्हें तो देशसेवा में जाना था. दक्षिण अफ्रीका में पिंगली वेंकैया की मुलाकात महात्मा गांधी से हुई. वो बापू से इतने प्रभावित हुए कि उनके साथ हमेशा के लिए रहने वो भारत लौट आए. पिंगली ने स्वतंत्रता संग्राम में अपना अहम योगदान दिया.

    pingli venkayya who designed the tricolour know interesting facts about indian national flag

    पिंगली वेंकैया ने 30 देशों के राष्ट्रीय ध्वज की स्टडी कर बनाया था तिरंगा

    पिंगली भाषा विशेषज्ञ और लेखक थे. 1913 में उन्होंने जापानी भाषा में लंबा भाषण पढ़ा था. इनकी इन्हीं खूबियों के वजह से उन्हें कई नाम मिले. मसलन- जापान वेंकैया, पट्टी (कॉटन) वेकैंया और झंडा वेंकैया.

    30 देशों के राष्ट्रीय ध्वज की स्टडी कर बनाया तिरंगा
    उन्होंने 30 देशों के राष्ट्रीय ध्वज की स्टडी की. पिंगली वेंकैया 1916 से लेकर 1921 तक लगातार इस पर रिसर्च करते रहे. इसके बाद उन्होंने तिरंगे को डिजाइन किया. 1916 में उन्होंने भारतीय झंडे के डिजाइन को लेकर एक किताब भी लिखी.

    उस वक्त तिरंगे में लाल रंग रखा गया, जो हिंदुओं के लिए था. हरा रंग मुस्लिम धर्म के प्रतीक के तौर पर रखा गया और सफेद बाकी धर्मों के प्रतीक के तौर पर. बीच में चरखे को जगह दी गई थी. 1921 में महात्मा गांधी ने कांग्रेस के विजयवाड़ा अधिवेशन में पिंगली वेंकैया के डिजाइन किए तिरंगे को राष्ट्रीय ध्वज के तौर पर मंजूरी दे दी.

    pingli venkayya who designed the tricolour know interesting facts about indian national flag

    पिंगली वेंकैया के सम्मान में जारी डाक टिकट

    महात्मा गांधी ने यंग इंडिया में पिंगली वेंकैया के बारे में लिखा था कि ‘ पिंगली वेंकैया आंध्र प्रदेश के मचिलीपट्टनम नेशनल कॉलेज में काम करते हैं. उन्होंने कई देशों के झंडे का अध्ययन करके भारत के राष्ट्रीय झंडे के कई डिजाइन बनाकर दिए हैं. इसको लेकर उन्होंने एक किताब भी लिखी है. मैं उनके कड़ी मेहनत की प्रशंसा करता हूं.’

    बेहद गरीबी में हुआ पिंगली वेंकैया का निधन
    1931 में तिरंगे को अपनाने का प्रस्ताव पारित हुआ. इसमें कुछ संशोधन किया गया. लाल रंग की जगह केसरिया को स्थान दिया गया. 22 जुलाई 1947 को संविधान सभा में इसे राष्ट्रीय ध्वज के तौर पर अपनाया गया. इसके कुछ समय बाद फिर संशोधन हुआ और चरखे की जगह अशोक चक्र को स्थान दिया गया. कहा जाता है कि चरखे को हटाने की वजह से महात्मा गांधी नाराज हो गए थे. अभी हमारे तिरंगे में केसरिया का मतलब – समृद्धि, सफेद मतलब – शांति और हरा मतलब प्रगति से है.

    pingli venkayya who designed the tricolour know interesting facts about indian national flag

    हमारा पुराना राष्ट्रीय ध्वज

    देश को तिरंगा देने वाले पिंगली की मौत बेहद गरीबी में हुई. 1963 में पिंगली वेंकैया का निधन एक झोपड़ी में रहते हुए हो गई. उसके बाद पिंगली की याद तक को लोगों ने भुला दिया. 2009 में पहली बार पिंगली वेंकैया के नाम पर डाक टिकट जारी हुआ. उसके बाद लोगों को पता चला कि वो पिंगली ही थे, जिन्होंने हमें हमारा तिरंगा दिया. मौत के 46 साल बाद उन्हें देश ने सम्मान दिया था.

    पढ़ें Hindi News ऑनलाइन और देखें Live TV News18 हिंदी की वेबसाइट पर. जानिए देश-विदेश और अपने प्रदेश, बॉलीवुड, खेल जगत, बिज़नेस से जुड़ी News in Hindi.

    विज्ञापन
    विज्ञापन

    विज्ञापन

    टॉप स्टोरीज