अपना शहर चुनें

States

जहां कारें न हों... ऐसे शहर के सपने पहले भी देखे गए, लेकिन हुआ क्या?

कार फ्री ज़ोन की यह तस्वीर विकिकॉमन्स से साभार.
कार फ्री ज़ोन की यह तस्वीर विकिकॉमन्स से साभार.

स्मार्ट सिटी (Smart City) के नाम पर हम सुविधाओं के बारे में सोचते हैं जबकि फ्यूचर सिटी (Future City) के तौर पर प्रदूषण मुक्त, इको फ्रेंडली शहर सोचना चाहिए. सऊदी अरब (Saudi Arabia Car Free City) के बड़े ऐलान के बाद जानिए कि कैसे 'ड्रीम सिटी' प्रोजेक्ट अधूरे रह गए.

  • News18Hindi
  • Last Updated: January 12, 2021, 1:00 PM IST
  • Share this:
भारत जैसे कई देशों में मुद्दा यही रहता है कि किसी भी निर्माण कार्य में पर्याप्त पार्किंग की व्यवस्था (Parking Facility) है कि नहीं. क्या पार्किंग स्पेस से जुड़े नियमों का पालन किया गया? उभरते शहरों और महानगरों में रिहायशी इलाकों तक में कार की पार्किंग (Car parking) के लिए जगह एक बड़ा संकट और मुद्दा हो चुका है. लेकिन, ज़रा सोचकर देखिए कि अगर कोई शहर ऐसा हो, जहां कार की इजाज़त (Cars Not Allowed) ही न हो, तो? पिछले करीब 100 सालों से शहरों का विकास (Urban Development) कार व अन्य वाहनों के नज़रिये से होता रहा है, ऐसे में यह सवाल और कल्पना चौंकाती तो है, लेकिन क्या यह असंभव है?

जी नहीं, सऊदी अरब ने एक ऐसा शहर बसाने का ऐलान किया है, जहां कार और सड़कें नहीं होंगी. पर्यावरण के लिहाज़ से यहां करीब 10 लाख लोगों को बसाया जाएगा और पैदल चलने के साथ ही अन्य विकल्पों से कहीं आना जाना मुश्किल भी नहीं होगा. घोषणा के मुताबिक अगर ऐसा शहर बना तो यह एक अजूबे से कम नहीं होगा. लेकिन अभी इसके सच होने तक सवाल है क्योंकि पहले भी कुछ ऐसी ही कल्पनाएं हुईं, लेकिन साकार नहीं हुईं.

ये भी पढ़ें :- ट्रंप और ट्विटर के बीच कैसे चली जंग : 3 सालों में अहम तारीखें



सपना 1 : चेंगडू ग्रेट सिटी की योजना
एक ऐसे शहर का मास्टर प्लान बनाया गया था, जहां सब कुछ चलने फिरने के दायरे में हो. कहीं कोई बंद गली न हो और न ही ज़्यादा उलझाव वाले मोड़ हों. यानी आप पैदल या साइकिल से पूरा शहर आसानी से तय कर सकें. इसके अलावा, ऊंची बिल्डिंगों के बीच में वर्टिकल कनेक्टिविटी वाले पुलों के बारे में भी तैयारी थी. 1.3 वर्ग किलोमीटर के दायरे में इस शहर में करीब 1 लाख लोग रहते.

eco friendly city, city development project, smart city project, dream city project, इको फ्रेंडली शहर, शहरी विकास योजना, स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट
सैटेलाइट नक्शे पर चेंगडू.


चीन के चेंगडू शहर से सटे हिस्से में ऐसा शहर बसाने के लिए 2012 में कवायद हुई थी, लेकिन बदनसीबी से बात कागज़ों से आगे बढ़ी नहीं. इसके डिज़ाइन के लिए तय हुई अमेरिकी कंपनी स्मिथगिल ने बाद में कहा था कि यह बगैर कारों वाला शहर होता. यहां दफ्तर, घर, स्कूल, मैदान सब कुछ होता बस कारें नहीं होतीं और कहीं से भी कहीं तक 10 मिनट पैदल चलना होता.

सपना 2 : ऐसा नहीं सोचा गया था मसदार
चेंगडू के अलावा ऐसे और भी किस्से हैं. संयुक्त अरब अमीरात में एक शहर है मसदार, जिसकी कल्पना ऐसे रूप में नहीं हुई थी, जैसा यह आज है. यानी आज यहां जिस तरह कारें और वाहन दौड़ते हैं, इससे उलट इसकी कल्पना पूरी तरह कार फ्री शहर के तौर पर की गई थी. इत्तेफाक की बात यह है कि इस शहर की योजना से भी स्मिथगिल के एक विशेषज्ञ जुड़े हुए थे.

ये भी पढ़ें :- प्रियंका गांधी बर्थडे : 16 साल की उम्र में पहला भाषण देने वाली '21वीं सदी की इंदिरा'

मसदार को कार फ्री शहर के तौर पर विकसित करने के समय यह भी ध्यान रखा गया था कि यहां करीब 90 हज़ार लोग रोज़मर्रा के ट्रैफिक संकटों के बगैर बेहतर पर्यावरण में रह सकें. लेकिन अबू धाबी और दुबई के बीच बसने का सपना संजोने वाला यह शहर योजना के मुताबिक कार फ्री शहर नहीं बन सका.

eco friendly city, city development project, smart city project, dream city project, इको फ्रेंडली शहर, शहरी विकास योजना, स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट
नॉर्वे की राजधानी को पूरी तरह कार फ्री करने की कोशिश हुई थी.


सपना 3 : कारों को बैन किया गया था, लेकिन..
जब भी कार फ्री शहरों की बात होती है तो नॉर्वे की राजधानी ओसलो का ज़िक्र हमेशा आता है. फ्यूचर सिटी या फिर इको फ्रेंडली सिटी के तौर पर विकसित होने के लिए 2015 में ओसलो को जीवाश्म ईंधन वाली कारों से मुक्त करने की योजना बनी थी. यहां तक कि ऐलान भी कर दिया गया था, लेकिन सपना हकीकत से टकराकर बचा खुचा सा रह गया.

ये भी पढ़ें :- देखते ही देखते बर्फ से कैसे ढंक गए जापान के हिस्से, क्या होता है स्नो स्टॉर्म?

यहां पूरे सिटी सेंटर को कार फ्री करने की कवायद हुई थी, लेकिन विरोध के बाद इस कदम को नर्म कर दिया गया. अब भी इस शहर में कुछ इलाके पूरी तरह कारमुक्त हैं, 700 पार्किंग स्पॉट खत्म हो चुके हैं और यहां साइकिलों, पौधों के लिए जगह बन चुकी है. इसके बावजूद इस शहर ने पूरी तरह कारमुक्त होने का जो सपना देखा था, वह अधूरा रह गया.

ऐसे और भी शहरों के नाम सुर्खियों में आते रहे हैं, जिन्होंने क्लाइमेट चेंज पर काबू पाने के लिए कार्बन उत्सर्जन को कम करने के मकसद से कुछ हिस्सों में कारों को प्रतिबंधित किया या फिर कुछ खास दिनों पर. सिर्फ इटली का वेनिस एक शहर है, जहां धाराओं के बहने से नावें चलती हैं, गाड़ियां नहीं. लेकिन एक बड़े शहर का पूरी तरह कार फ्री करना अब भी एक तरह से सपना ही है. ऐसे में सऊदी अरब के सपने पर नज़रें तो रहेंगी.

eco friendly city, city development project, smart city project, dream city project, इको फ्रेंडली शहर, शहरी विकास योजना, स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट
इटली का शहर वेनिस, जहां नावें चलती हैं.


कैसा है सऊदी अरब का सपना?
सऊदी अरब के प्रस्तावित शहर नियोम में 10 लाख लोगों को बसाने के साथ ही स्कूल, स्वास्थ्य केंद्र और हरियाली जैसी सुविधाएं होंगी. यहां 3,80,000 लोगों के लिए रोजगार होगा. 100-200 अरब डॉलर की लागत से बनने वाले इस इन्फ्रास्ट्रक्चर में एक उच्च गति वाला सार्वजनिक परिवहन सिस्टम होगा. आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की अहमियत होगी.

जानिए कि सऊदी अरब दुनिया का प्रमुख कच्चा तेल निर्यातक है और सबसे अधिक प्रदूषण फैलाने वाले देशों में भी शामिल है. इसलिए 26,500 वर्ग किलोमीटर के क्षेत्र में फैले नियोम शहर की कल्पना इस मिडिल ईस्ट देश की छवि के लिए भी अहम है.
अगली ख़बर

फोटो

टॉप स्टोरीज