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    Waste Management के लिए बढ़िया खबर, तेजी से Plastic खाती है यह Enzyme Cocktail

    प्लास्टिक (Plastic) कचरे के प्रबंधन (Waste management) के लिहाज से यह खोज बहुत ही अहम मानी जा रही है. (प्रतीकात्मक तस्वीर: Pixabay)
    प्लास्टिक (Plastic) कचरे के प्रबंधन (Waste management) के लिहाज से यह खोज बहुत ही अहम मानी जा रही है. (प्रतीकात्मक तस्वीर: Pixabay)

    जिस बैक्टीरिया में वैज्ञानिकों ने यह एन्जाइम पाया था, उसी बैक्टीरिया में उन्होंने एक और एन्जाइम पाया है. यह बैक्टीरिया प्लास्टिक बॉटल की खुराक पर जीवित रहता है.

    • News18Hindi
    • Last Updated: October 2, 2020, 6:35 AM IST
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    प्लास्टिक (Plastic) एक उपयोगी पदार्थ  (Material) है, लेकिन इसका कचरा प्रबंधन (Waste Management) बहुत ही चुनौतीपूर्ण रहा है. इसका रासायनिक या जैविक विखंडन (Degradation) बहुत ही मुश्किल है. इस दिशा में बहुत से शोध हुए हैं. प्लास्टिक को खा पाने वाले एन्जाइम (Plastic Eating enzymes) पहले बन चुके हैं और उनके बेहतर भी बनाया गया है, लेकिन इसबार ऐसे करने वाले इंजीनियर एक बेहतरीन नतीजे के साथ आए हैं. उन्होंने एक एन्जाइम का कॉकटेल (Cocktail) बनाया  है जिसकी खासियत यह है कि वह प्लास्टिक को छह गुना तेजी से पचा (Digest) सकता है.

    पहले इस एन्जाइम पर किया गया था काम
    पहले जो एन्जाइम इन वैज्ञानिकों ने बनाया था उसका नाम था पेटेज (PETase) जिस बैक्टीरिया में वैज्ञानिकों ने यह एन्जाइम पाया था, उसी बैक्टीरिया में उन्होंने एक और एन्जाइम पाया है. यह बैक्टीरिया प्लास्टिक बॉटल की खुराक पर जीवित रहता है. शोधकर्ताओं ने इसी दूसरे एन्जाइम को शोधकर्ताओं ने पेटेज से मिला कर प्लास्टिक के विखंडन की प्रक्रिया तेज की है.

    यह खासियत है इस एन्जाइम की
    पेटेज पॉली इथाइलीन टेरेफथालेट (PET) को तोड़ने का काम करता है जिससे इसके बार-बार उपयोग की संभावना बन जाती है. इससे प्लास्टिक का प्रदूषण कम होता है और साथ ही ग्रीन हाउस गैसों का उत्पादन भी जो कि जलवायु परिवर्तन के लिए जिम्मेदार हैं.



    PET कितना अहम
    PET सबसे आम उपयोग में लाया जाने वाला प्लास्टिक है. यही वह प्लास्टिक है जिससे एक बार के लिए उपयोग में लाए जाने वाली पेय पदार्थ बोतलें, कपड़े और कालीन आदि बनते हैं. इसके सामान्य तरीके से विखंडन में सैकड़ों साल लग जाते हैं. लेकिन पेटेज यह काम केवल कुछ दिनों में कर देता है.

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    ये एन्जाइम (Enzyme) PET प्लास्टिक (Plastic) का विखंडन (Degradation) करते हैं जिसे बार बार उपयोग में लाया जा सकता है. (प्रतीकात्मक तस्वीर: Pixabay)


    यह थी समस्या
    इस दिशा में शुरूआती खोज के तौर पर प्लास्टिक रीसाइकलिंग के दिशा में क्रांतिकारी कदम माना गया था. टीम ने पेटेज एन्जाइम को लैब  में विकसित कर उसके प्लास्टिक खाने की क्षमता 20 प्रतिशत बढ़ा दी थी. अब शोधकर्ताओं ने पेटेज और उसके साथी मैटेज (MHETase) को मिलाकर एक बेहतर कॉक्टेल बना दिया है जिससे PET के विखंडन की गति दो गुना बढ़ गई. इन दोनों के संबंध से शोधकर्ताओं ने एक सुपर एन्जाइम बनाया जिससे यह क्रिया तीन गुना और बढ़ गई.

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    दोनों एन्जाइम मिलाने का विचार
    प्रोसिडिंग्स ऑफ द नेशनल एकेडमी ऑफ साइंसेस जर्नल में प्रकाशित इस शोध की अगुआई प्रोफेसर जॉन मैकगीहन ने की है. शोधकर्ताओं का कहना है कि उन्होंने चर्चा करते समय तय किया कि क्यों ने पेटेज और मैटेज दोनों को मिलाया जाए और उन्हें पहले ही प्रयोग में सफलता मिल गई. पेटेज अकेला ही इतना ज्यादा तेज नहीं था लेकिन पहली खोज के तौर पर इसने काफी उम्मीदें जगाई थीं.

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    इस खोज के बाद से औद्योगिक (Industrial level) स्तर पर इन एन्जाइम (Enzymes) का उपयोग प्लास्टिक कचरे के प्रबंधन के लिए हो सकेगा. (प्रतीकात्मक तस्वीर)


    सुलझ सकेगी यह समस्या
    फिर भी पेटेज का उपयोग व्यवसायिक तौर पर करना मुमकिन नहीं था क्योंकि उसे टनों के मात्रा में बोतलों को खाने में काफी समय लगता है. लेकिन दूसरे एन्जाइम से मिलाने के बाद दोनों ने मिलकर काफी तेजी दिखाई जिससे साफ तौर पर जाहिर हुआ कि ये दोनों प्लास्टिक कचरे का समाधान दे पाने में सक्षम हैं.

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    दोनों ही एन्जाइम PET प्लास्टिक को मूल स्वरूप में ला देते हैं जिससे प्लास्टिक बार बार उपयोग करने लायक बन जाता है. इससे हमारी तेल और गैस वाले जीवाश्म ईंधन पर निर्भरता खत्म हो जाएगी. शोधकर्ताओं ने न केवल इन एन्जाइम को खोजा है बल्कि इनके औद्योगिक स्तर पर निर्माण को भी संभव बनाया है.
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