जानें, भारत की उस भाषा के बारे में जो 7 देशों में बोली जाती है

तमिल को वाकई में दुनिया की सबसे पुरानी भाषाओं में से एक माना जाता है

तमिल को वाकई में दुनिया की सबसे पुरानी भाषाओं में से एक माना जाता है

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रेडियो कार्यक्रम में तमिल भाषा का जिक्र किया (PM Narendra Modi talks about Tamil language) था. ये भाषा दुनिया की प्राचीनतम भाषा ही नहीं, बल्कि देश के अलावा विदेशों में भी बोली जाती है.

  • News18Hindi
  • Last Updated: March 1, 2021, 11:04 AM IST
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हाल ही में तमिल भाषा न सीख पाने को लेकर मलाल जाहिर किया. रेडियो कार्यक्रम मन की बात में पीएम ने तमिल को दुनिया की प्राचीनतम भाषाओं में से एक बताते हुए कहा कि ये सुंदर भाषा है और सारी दुनिया में बोली जाती है लेकिन वे इसे सीख नहीं सके. इसके बाद से भाषाओं को लेकर चर्चा हो रही है. तमिल को वाकई में दुनिया की सबसे पुरानी भाषाओं में से एक माना जाता है.

तमिल भाषा आज से करीब 5000 साल पहले भी बोली जाती थी. इस भाषा से जुड़े जो शुरुआती शिलालेख पाए गए थे, उनसे भी ये साफ होता है कि तमिल तीसरी शताब्दी ईसा पूर्व की भाषा रही होगी. यानी प्राचीन काल से लेकर आज भी ये उतनी ही जीवंत भाषा है, जबकि बहुतेरी भाषाएं आकर खत्म भी हो गईं, वहीं तमिल की लोकप्रियता बनी हुई है.

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तमिल के बोलने वाले केवल एक राज्य नहीं, बल्कि पूरे देश में फैले हुए हैं- सांकेतिक फोटो (pixabay)




तमिलनाडु की आधिकारिक भाषा तमिल के बोलने वाले केवल एक राज्य नहीं, बल्कि पूरे देश में फैले हुए हैं. देश के अलावा ये विदेशों में भी लोकप्रिय है. ये हिंदी के बाद अकेली भारतीय भाषा है, जो 7 देशों में बोली जाती है. ये देश हैं- सिंगापुर, मॉरिशस, श्रीलंका, मलेशिया, वियतनाम और रियूनियम. इनके अलावा कई दूसरे देश, जैसे इजिप्ट और खाड़ूी देशों में भी तमिल मूल के काफी लोग रहते हैं और ये भाषा वहां बोली जाती है. श्रीलंका और सिंगापुर में तमिल को आधिकारिक भाषा का दर्जा मिला हुआ है.
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लगभग 6 करोड़ 80 लाख लोग इसे पहली भाषा के तौर पर इस्तेमाल करते हैं, वहीं लगभग 90 लाख से अधिक लोग इसे दूसरी भाषा के रूप में बोलते हैं. यही कारण है कि तमिल में काफी अखबार और पत्र-पत्रिकाएं भी निकलती हैं. एक सर्वे के मुताबिक सिर्फ तमिल भाषा में 1863 अखबार प्रकाशित होते हैं, हालांकि ये अखबार शुरू और बंद होते रहते हैं.

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तमिल के अलावा संस्कृत को भी देश और दुनिया की प्राचीनतम भाषाओं में गिना जाता है- सांकेतिक फोटो (pixabay)


तमिल के अलावा संस्कृत को भी देश और दुनिया की प्राचीनतम भाषाओं में गिना जाता है. इसे देवभाषा कहा गया है, लेकिन इसकी उत्पत्ति को लेकर अभी बहस ही चल रही है कि क्या ये भाषा तमिल से भी पुरानी है या भी दोनों समकालीन भाषाएं हैं. इस भाषा का पहला उदाहरण उत्तरप्रदेश के अयोध्या से माना जाता है. हालांकि गुजरात में भी प्राचीन संस्कृत के कई प्रमाण मिले हैं. हालांकि संस्कृत अब भी भारतीय आधिकारिक भाषाओं में से एक है लेकिन ये लुप्त होती भाषा के तहत आ चुकी है, जिसके नेटिव स्पीकर सिर्फ 14135 लोग हैं.

भाषाविदों ने हाल ही में पता लगाया कि दुनिया में 6,900 से भी ज्यादा भाषाएं बोली जाती हैं. इनमें से कई हजारों सालों पुरानी हैं. एथिनोलॉग यानी वो पब्लिकेशन जो दुनियाभर की भाषाओं पर नजर रखती है, के अनुसार कुल 7097 भाषाएं दुनिया के अलग-अलग हिस्सों में बोली जाती हैं. हालांकि इनमें से कई भाषाओं का अस्तित्व खत्म होने को है, और इन्हें बोलने वाले मुश्किल से कुछ हजार ही लोग होंगे.

एथिनोलॉग बताता है कि दुनिया की आधी से ज्यादा आबादी का गुजारा सिर्फ 23 भाषाओं से चल रहा है. भाषाओं के जन्म की बात करें तो माना जाता है कि इंसानों ने खुद को अभिव्यक्त करने का तरीका लगभग 1 लाख साल पहले खोज निकाला था. हालांकि ये कौन सी भाषा थी, इसका कोई ठीक-ठाक पता नहीं लगता है.

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दुनिया में 6,900 से भी ज्यादा भाषाएं बोली जाती हैं- सांकेतिक फोटो (pixabay)


वैसे इजरायल की भाषा हिब्रू, एफ्रो-एशियाटिक भाषा अरबी, इरानी भाषा फारसी, ग्रीक भाषा और लैटिन भाषा को दुनिया की प्राचीनतम भाषाओं में गिना जाता है. हालांकि लैटिन लगभग मृत भाषा हो रही थी लेकिन अब ये दोबारा जिंदा हो रही है. Pope Benedict XVI ने साल 2013 में रिटायरमेंट के वक्त इस भाषा को पेपर के अलावा बोलचाल में इस्तेमाल की जाने वाली भाषा बनाए जाने पर जोर दिया. यही वजह है कि वेटिकन सिटी की इस आधिकारिक भाषा को बहुत से पादरी बोलचाल में इस्तेमाल करते हैं.

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चीनी भाषा को भी पुरानी भाषाओं में एक माना जाता है. इस का इतिहास लगभग 3 हजार साल पुराना माना जाता है, जिसे दुनियाभर में 1.2 बिलियन लोग यानी दुनिया की 16 प्रतिशत आबादी बोलती है. इसे सबसे पहले लिखी गई भाषा के तहत भी रखा जाता है और इसी वजह से चीनी भाषा का नाम गिनीज बुक में भी दर्ज है. चीन के अलावा ये भाषा ताइवान और सिंगापुर की भी भाषा है. थोड़े-बहुत बदलाव के साथ चीनी भाषा मेंडेरिन और केंटोनीज भाषा बनकर सामने आई, जिसके नेटिव स्पीकर दुनिया में सबसे ज्यादा हैं.
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