सायनाइड से हजारों गुना घातक है वो जहर, जो Donald Trump को भेजा गया

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को जहर मिलाकर पत्र भेजने की बात सामने आई है
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को जहर मिलाकर पत्र भेजने की बात सामने आई है

ट्रंप को भेजा गया रिसिन एक बायोवेपन (Ricin is a bioweapon) है, जो सायनाइड से लगभग 6000 गुना ज्यादा जहरीला है. एक बार ये शरीर में चला जाए तो बचना नामुमकिन है क्योंकि इसका कोई एंटीडोट (antidote) नहीं.

  • News18Hindi
  • Last Updated: September 22, 2020, 11:35 AM IST
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अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) को जहर मिलाकर पत्र भेजने के आरोपी से पूछताछ जारी है. बता दें कि हफ्तेभर पहले ही वाइट हाउस ने जहर से भरा एक पार्सल जब्त किया. इसमें रिसिन नामक जहर (toxic substance ricin) भरा हुआ था. अरंडी की फली से निकलने वाला ये जहर बेहद घातक होता है और इसकी न्यूनतम मात्रा भी किसी की जान ले सकती है. पहले भी ये जहर कई देशों ने अपने विरोधियों को मारने के लिए इस्तेमाल किया है. जानिए, क्या है ये जहर और कब-कब किया गया इसका इस्तेमाल.

अरंडी की फली में होता है रिसिन
रिसिन वो तत्व है जो अरंडी या कैस्टर के बीन्स या फली में होता है. अगर इस फली को चबाया जाए तो भी ये काफी नुकसान पहुंचा सकता है. वैसे ये पाउडर, गोली या तरल के रूप में भी तैयार किया जाता है जो कि पानी में घुलनशील है. आमतौर पर रिसिन वेस्ट मटेरियल के तौर पर निकलता है, जो कि अरंडी का तेल तैयार करते हुए बचता है. खतरनाक होने के कारण इसे सावधानी से नष्ट किया जाता है. मिट्टी में दबाने पर ये खाद भी बन जाता है.

रिसिन सायनाइड से लगभग 6000 गुना ज्यादा जहरीला है

कैसे काम करता है ये जहर


रिसिन शरीर में जाकर प्रोटीन का निर्माण रोक देता है. इसका सीधा असर कोशिकाओं पर होता है और वे काम करना बंद कर देती हैं. जिसके शरीर में ये जहर गया हो, उसके श्वस्न तंत्र पर असर होता है. झटके आने लगते हैं. डायरिया और उल्टी होना भी इसका एक लक्षण है जो रिसिन जाने के दो से तीन घंटों के भीतर दिखाई देता हैं. ये पहला अलर्ट है. इसके बाद हालात बिगड़ते ही चले जाते हैं. आंतरिक रक्तस्त्राव होता है और तीन दिनों के भीतर मरीज की मौत हो जाती है. बता दें कि इसकी न्यूनतम मात्रा (लगभग 500 मिलीग्राम) भी किसी की जान लेने के लिए काफी है.

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शरीर में पहुंच इस तेजी से करता है काम 
इस जहरीले तत्व के नुकसान इस बात पर भी निर्भर हैं कि वो शरीर में किस तरीके से पहुंचा. जैसे सूंघकर या सांस के जरिए रिसिन जाए तो इसका असर जल्दी और सबसे खतरनाक हो सकता है क्योंकि ये सीधे श्वसन तंत्र को प्रभावित करता है. अगर इसे खाया जाए तो डायरिया और आंतरिक ब्लीडिंग होती है. कुछ दिनों के भीतर मरीज का लिवर, किडनी जैसे अंग काम करना बंद कर देते हैं और मौत हो जाती है.

इस जहरीले तत्व के नुकसान इस बात पर भी निर्भर हैं कि वो शरीर में किस तरीके से पहुंचा (Photo-cnn)


नहीं मिल सका इसका इलाज
पाउडर के रूप में अगर रिसिन स्किन के संपर्क में आए तो इसका असर उतना खतरनाक नहीं होता, हालांकि ये डर भी रहता है कि अगर हाथों के जरिए ये मुंह के भीतर चला जाए तो शरीर पर वही खतरनाक असर होगा. रिसिन इसलिए भी ज्यादा घातक है क्योंकि अब तक इसका एंटीडोट नहीं मिल सका है. यानी अगर कोई गलती से या किसी की साजिश में इसे खा ले तो उसका बचना लगभग नामुमकिन है.

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लगातार होती रही हैं साजिशें 
वैसे अरंडी की फली को गलती से खाने की घटनाएं कम ही सामने आई हैं. जबकि इससे होने वाली साजिशें आम हैं. साल 1978 में सोवियत संघ के समर्थक देश बल्गेरिया के एक जासूस ने रिसिन से एक बेहद क्रूर मौत को अंजाम दिया. उसने सोवियत संघ के खिलाफ बोलने और लिखने वाले लेखक और पत्रकार जॉर्जी मार्कोव (Georgi Markov) को रिसिन-युक्त छाते से मार दिया. छाते के कोने पर रिसिन लगा हुआ था और उससे हुए जख्म के जरिए रिसिन सीधे लेखक के शरीर में चला गया.

पत्रकार जॉर्जी मार्कोव को रिसिन-युक्त छाते से मार दिया गया


रिसिन-युक्त छाता घुसाकर मारा
लंदन के वॉटरलू ब्रिज पर ये घटना घटी. माना जाता है कि जासूस को अमेरिका ने इसके लिए कहा था, हालांकि ये बात साबित नहीं हो सकी. बता दें कि वो समय रूस और अमेरिका के बीच शीत युद्ध का था. और तब दोनों ही देश एक दूसरे पर चोरी से वार करते थे. विदेशी धरती पर अपने दुश्मन को जहर देकर मारना रूस के लिए आम था. तब से रिसिन को बायोवेपन की तरह उपयोग करने की कई साजिशें सामने आ चुकी हैं.

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सीबीएस न्यूज में छपी एक रिपोर्ट के मुताबिक आतंकी संगठन ISIS भी साल 2018 में ऐसे ही किसी हमले की फिराक में था. हमले का केंद्र जर्मनी होने वाला था, हालांकि समय रहते उनकी मंशा सामने आ गई. रिसिन बनाने वाले आतंकी को भी पकड़ लिया गया.

द हिल.कॉम की एक रिपोर्ट के मुताबिक साल 2014 में मिसीसिपी के एक व्यक्ति को तत्कालीन राष्ट्रपति बराक ओबामा और अन्य अधिकारियों को रिसिन युक्त पत्र भेजने के मामले में 25 साल की सजा हुई थी. वहीं साल 2018 में एक पूर्व नौसैनिक ने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और कई प्रशासनिक अधिकारियों को रिसिन-युक्त पत्र भेजना स्वीकार किया था, जिसके बाद उसे गिरफ्तार कर लिया गया.
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