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बोबडे को CJI बनाने के लिए राष्ट्रपति ने दी मंजूरी, इन फैसलों के लिए जाने जातें हैं अगले चीफ जस्टिस

बोबडे को CJI बनाने के लिए राष्ट्रपति ने दी मंजूरी, इन फैसलों के लिए जाने जातें हैं अगले चीफ जस्टिस

17 नवंबर को वर्तमान मुख्य न्यायाधीश रंजन गोगोई (Ranjan Gogoi) रिटायर हो रहे हैं. जिसके बाद 18 नवंबर को जस्टिस शरद अरविंद बोबडे (Justice Sharad Arvind Bobde) शपथ ग्रहण करेंगे.

17 नवंबर को वर्तमान मुख्य न्यायाधीश रंजन गोगोई (Ranjan Gogoi) रिटायर हो रहे हैं. जिसके बाद 18 नवंबर को जस्टिस शरद अरविंद बोबडे (Justice Sharad Arvind Bobde) शपथ ग्रहण करेंगे.

17 नवंबर को वर्तमान मुख्य न्यायाधीश रंजन गोगोई (Ranjan Gogoi) रिटायर हो रहे हैं. जिसके बाद 18 नवंबर को जस्टिस शरद अरविंद बोबडे (Justice Sharad Arvind Bobde) शपथ ग्रहण करेंगे.

    नई दिल्ली. राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद (Ramnath Kovind) ने जस्टिस शरद अरविंद बोबडे (Justice Sharad Arvind Bobde) को देश का मुख्य न्यायाधीश बनाने वाले प्रस्ताव पर अपनी सहमति दे दी है.सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) के न्यायाधीश जस्टिस बोबडे देश के अगले मुख्य न्यायाधीश (Chief Justice of India) के रूप में 18 नवंबर को शपथ लेंगे. बता दें कि जस्टिस बोबडे देश के 46वें मुख्य न्यायाधीश होंगे. मौजूदा चीफ जस्टिस रंजन गोगोई ने जस्टिस शरद अरविंद बोबडे के नाम की सिफारिश सरकार से की थी. 17 नवंबर को वर्तमान मुख्य न्यायाधीश रंजन गोगोई रिटायर हो रहे हैं. जस्टिस बोबडे ने आधार की अनिवार्यता खत्म करने जैसे कई महत्वपूर्ण फैसलों के लिए जाने जाते हैं. साथ ही जस्टिस बोबडे न्यायायल के फैसलों में मध्यस्थता के बड़े पैरोकार हैं.

    जस्टिस बोबडे उस बेंच के हिस्सा थे, जिसने यह महत्वपूर्ण फैसला दिया था कि आधार कार्ड न होने के आधार पर किसी भारतीय नागरिक को मूल सेवाओं और सरकारी सब्सिडी से वंचित नहीं हो सकता है. जस्टिस बोबडे ने पूर्व मुख्य न्यायाधीश टी.एस. ठाकुर और न्यायमूर्ति ए के सीकरी के साथ सभी प्रकार के पटाखों की बिक्री और स्टॉकिंग पर प्रतिबंध लगाने का आदेश पारित किया था. साथ ही इसके लिए नए लाइसेंस जारी करने पर भी रोक लगाई थी.

    देश के वर्तमान मुख्य न्यायाधीश जस्टिस रंजन गोगोई ने जस्टिस बोबडे के नाम की सिफारिश सरकार से की है.


    रामजन्म भूमि विवाद मामले में सुप्रीम कोर्ट के स्पेशल बेंच में शामिल
    जस्टिस बोबडे ने अपने एक फैसले में डाउन सिंड्रोम से पीड़ित अपने भ्रूण को समाप्त करने के लिए एक महिला द्वारा दायर की गई याचिका खारिज कर दी थी. हाल ही में चल रहे राम जन्म भूमि विवाद के जुड़े मामले में भी वो सुप्रीम कोर्ट के स्पेशल बेंच में शामिल हैं. जस्टिस बोबडे मध्य प्रदेश हाईकोर्ट के पूर्व मुख्य न्यायाधीश रह चुके हैं. वर्तमान में वे सुप्रीम कोर्ट में जज होने के साथ ही महाराष्ट्रा नेशनल लॉ यूनिवर्टी के चांसलर भी हैं.

    मुकदमे से पहले मध्यस्थता की जरूरत पर जोर
    जस्टिस बोबडे मुकदमे से पहले मध्यस्थता की जरूरत पर जोर देने के लिए जाने जाते हैं. उनका मानना है कि लोगों को जल्द से जल्द न्याय मिले इसके लिए मध्यस्थता को कानूनी सहयता प्रणाली की तरह इस्तेमाल किया जाना चाहिए. 17वीं अखिल भारतीय मीट ऑफ स्टेट लीगल सर्विसेज अथॉरिटीज के एक उद्घाटन समारोह को संबोधित करते हुए जस्टिस बोबडे ने कहा कि 2017 से मार्च 2018 के बीच मध्यस्थता के माध्यम से 1,07,587 मामलों का निपटारा किया गया.

    राम जन्म विवाद के मुकदमें में सुप्रीम कोर्ट के स्पेशल बेंच में शामिल हैं.


    कानून की पढ़ाई में मध्यस्थता में डिग्री
    उन्होंने बताया कि केवल गुजरात में महज एक दिन में 24 हजार मुकदमों का निपटापा किया गया है. इसके अलावा जस्टिस बोबडे में देश में कानून की पढ़ाई में मध्यस्थता में डिग्री, डिप्लोमा जैसे पाठ्यक्रम को शामिल किए जाने पर जोर दिया है. गौरतलब है कि देश के होने वाले अगले मुख्य न्यायाधीश जस्टिस शरद अरविंद बोबडे महाराष्ट्र में नागपुर के प्रसिद्ध वकील अरविंद बोबडे के बेटे हैं.

    1978 से करियर की शुरूवात
    उन्होंने एलएलबी डॉ अम्बेडकर कॉलेज ऑफ़ लॉ, नागपुर विश्वविद्यालय से पूरी की. इसके अलावा यूनिवर्सिटी की टीम में टेनिस खेलते रहे हैं. जस्टिस बोबडे ने अपने करियर की शुरूवात 1978 से की. उन्होंने 21 वर्षों तक बॉम्बे हाई कोर्ट और सुप्रीम कोर्ट में प्रैक्टिस की. उन्हें 1998 में वरिष्ठ अधिवक्ता के रूप में सम्मानित किया गया था.

    जस्टिस बोबडे मध्य प्रदेश हाईकोर्ट के पूर्व मुख्य न्यायाधीश रह चुके हैं. वर्तमान में वे सुप्रीम कोर्ट में जज होने के साथ ही महाराष्ट्र नेशनल लॉ यूनिवर्टी के चांसलर भी हैं.


    : 29 मार्च 2000 को बॉम्बे उच्च न्यायालय की खंडपीठ में अतिरिक्त न्यायाधीश के रूप में नियुक्त
    : 16 अक्टूबर 2012 को उन्हें मध्य प्रदेश के मुख्य न्यायाधीश के रूप में नियुक्त
    : 12 अप्रैल 2013 को भारत के सर्वोच्च न्यायालय के न्यायाधीश के रूप में पदोन्नत
    : न्यायमूर्ति रंजन गोगोई के बाद 2019 में भारत के मुख्य न्यायाधीश
    : जस्टिस बोबडे 18 महीने तक सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश रहेंगे.
    : 24 अप्रैल 1956 में जन्मे जस्टिस बोबडे 23 अप्रैल 2021 को रिटायर होंगे.

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    Tags: Chief Justice of India, CJI Ranjan Gogoi, Justice Ranjan Gogoi, New Delhi, Supreme Court, Supreme court of india

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