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इंटरनेट शटडाउन में खाना-पीना तक हो जाता है मुहाल, जानिए कैसी आती हैं मुश्किलें

साद का यमन में प्राथमिक उपचार किया गया लेकिन इस घटना से उनका चेहरा बुरी तरह बिगड़ गया था

साद का यमन में प्राथमिक उपचार किया गया लेकिन इस घटना से उनका चेहरा बुरी तरह बिगड़ गया था

आमतौर पर यही समझा जाता है कि इंटरनेट शटडाउन (internet shutdown) से ज्यादा से ज्यादा यही होगा कि वो सोशल मीडिया (Social Media) एकाउंट नहीं चला पाएंगे. लेकिन मुश्किल इससे कहीं ज्यादा है...

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    नागरिकता संशोधन एक्ट (Citizenship Amendment Act) के खिलाफ देश के कई हिस्सों में हिंसक विरोध प्रदर्शन (Violent Protest) चल रहा है. एहतियाती तौर पर कई इलाकों की इंटरनेट सेवाएं रोक दी गई हैं. जिन इलाकों में हिंसक प्रदर्शन का अंदेशा है, वहां भी इंटरनेट शटडाउन (Internet Shutdown) किया गया है. पुलिस प्रशासन किसी भी तरह की अफवाह को रोकने के लिए ये कदम उठाती है. अक्सर ही तनावपूर्ण स्थिति वाले इलाकों में इंटरनेट शटडाउन कर दिया जाता है.

    आमतौर पर यही समझा जाता है कि इंटरनेट शटडाउन से ज्यादा से ज्यादा यही होगा कि हम सोशल मीडिया एकाउंट नहीं चला पाएंगे. फेसबुक और वॉट्सऐप जैसे ऐप नहीं चला पाएंगे. लेकिन इंटरनेट शटडाउन से सिर्फ यही मुश्किल नहीं होती. असम में पूरे 9 दिनों तक इंटरनेट शटडाउन रहा. यूपी के 21 जिलों में इंटरनेट सेवाएं रोकी गई हैं. जानिए इन इलाकों में किस तरह की मुश्किल सामने आ रही हैं.

    इंटरनेट शटडाउन से आती हैं इस तरह की मुश्किलें
    -इंटरनेट शटडाउन की स्थिति में आप ऑनलाइन बैकिंग का इस्तेमाल नहीं कर सकते. किसी भी तरह का डिजिटल पेमेंट नहीं कर सकते. पेटीएम और गूगलपे जैसी सुविधाओं का इस्तेमाल नहीं कर सकते. यूपी के 21 जिलों में इंटरनेट सेवाएं रोक दी गई हैं. इसमें गाजियाबाद भी शामिल है.

    गाजियाबाद के कई लोगों की शिकायत थी कि जब वो दुकान में खरीददारी करने गए तो पता चला कि उनके पास कैश की कमी है. उन्होंने पेटीएम या गूगलपे से पैसे देने चाहे लेकिन वो इंटरनेट शटडाउन की वजह से चल ही नहीं रहे थे. कस्टमर के साथ-साथ दुकानदारों को भी मुश्किलों का सामना करना पड़ा. कुछ दुकानदारों ने कहा कि उन्होंने अपने रेगुलर ग्राहकों को उधार में ही सामान देकर उनकी मुश्किल दूर की.

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    इंटरनेट शटडाउन से बड़ा आर्थिक नुकसान होता है


    -आजकल मेट्रो शहरों के अलावा मंझोले और छोटे शहरों तक ऑनलाइन फूड डिलिवरी की सुविधा उपलब्ध है. स्वीगी और जोमैटो जैसी कंपनियां घर-घर जाकर फूड डिलिवरी कर रही है. इसमें इन कंपनियों को फायदा तो होता ही है, स्थानीय स्तर के रेस्टोरेंट और होटलों को भी मुनाफा होता है.

    इंटरनेट शटडाउन की स्थिति में ऑनलाइन फूड डिलिवरी का कारोबार भी ठप पड़ गया. लोग चाहकर भी खाने का ऑनलाइन ऑर्डर नहीं कर पाए. एक ऑनलाइन फूड डिलीवर करने वाले ऐप के मैनेजर ने बताया कि सिर्फ गाजियाबाद से ही उन्हें एक दिन में कम से कम 10 हजार ऑर्डर मिलते थे. इंटरनेट शटडाउन की वजह से उनका कारोबार सिर्फ 10 से 15 फीसदी चल रहा है.

    - इंटरनेट शटडाउन की वजह से कहीं सफर करने में भी मुश्किल खड़ी होती है. आजकल ओला और ऊबर जैसी कैब कंपनियां छोटे शहरों तक पहुंच चुकी हैं. लोग छोटे-बड़े सफर के लिए ऑनलाइन कैब कंपनियों को सहारा लेते हैं. इंटरनेट शटडाउन की वजह से आप कैब भी नहीं बुक कर सकते. गाजियाबाद में कई लोग सिर्फ इस वजह से वक्त पर ऑफिस नहीं पहुंच पाए क्योंकि उन्हें दफ्तर जाने के आखिरी वक्त पता चला कि इंटरनेट सेवा बंद होने की वजह से वो कैब बुक कर ही नहीं सकते.

    -आजकल ज्यादातर ट्रेनों और फ्लाइट्स की टिकट बुकिंग ऑनलाइन होती है. लोग अपने मोबाइल से ही ट्रेन टिकट बुक कर लेते हैं. इंटरनेट शटडाउन रहने की स्थिति में आप इस सेवा का फायदा भी नहीं उठा सकते. न ट्रेन के टिकट बुक करवा सकते हैं और न फ्लाइट्स के.

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    असम में 9 दिनों तक इंटरनेट शटडाउन रहा


    -ऑनलाइन मार्केटिंग पर सबसे ज्यादा बुरा असर पड़ता है. आजकल ज्यादातर खरीददारी फ्लिपकार्ट और अमेजन जैसी ऑनलाइन कंपनियों से हो रही है. लोग घर बैठे-बैठे फ्लिपकार्ट और अमेजन से सामान बुक करते हैं और घर बैठे पा लेते हैं. लेकिन इंटरनेट शटडाउन रहने की स्थिति में आप ये भी नहीं कर सकते. अगर लंबे वक्त तक इंटरनेट शटडाउन रहता है तो आप सोच सकते हैं कि इन कंपनियों को कितना नुकसान होता है. सिर्फ कंपनियों को ही नहीं बल्कि इन्हें प्रोडक्ट सप्लाई करने वाले छोटे-बड़े वेंडर्स को भी काफी नुकसान होता है.

    -आजकल कहीं जाने के लिए लोग गूगल मैप का इस्तेमाल करते हैं. अगर किसी अनजान जगह पर जा रहे हैं तो किसी से रास्ता पूछने की जरूरत ही नहीं है. बस गूगल मैप ऑन कीजिए और अपनी मनचाही जगह पर पहुंच जाइए. गूगल मैप एक एक मोड़ से लेकर ट्रैफिक जाम के बारे में सारी जानकारी देता है.

    इंटरनेट शटडाउन की वजह से आप इसका भी इस्तेमाल नहीं कर सकते. गाजियाबाद में कई लोगों ने शिकायत की कि इंटरनेट शटडाउन की वजह से वो गूगल मैप का इस्तेमाल नहीं कर पाए और उन जगहों पर जाकर फंस गए, जहां जबरदस्त जाम लगा था. उन्हें काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा.

    -इंटरनेट शटडाउन की स्थिति में आप ईमेल का इस्तेमाल भी नहीं कर पाते. कई लोगों के लिए वो ऑफिस में न हों तो भी ऑफिशियल ईमेल को देखते रहना जरूरी है. पता नहीं कब इमरजेंसी की नौबत में उन्हें घर से ही काम करना पड़े. गाजियाबाद के कुछ लोगों ने शिकायत की कि इंटरनेट शटडाउन की स्थिति में उन्हें एक ईमेल भेजने के लिए नोएडा जाना पड़ा. नोएडा में इंटरनेट शटडाउन नहीं था.

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