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कभी राममंदिर आंदोलन के हीरो थे ये दिग्गज नेता, आज नहीं होती चर्चा

News18Hindi
Updated: February 6, 2020, 10:09 AM IST
कभी राममंदिर आंदोलन के हीरो थे ये दिग्गज नेता, आज नहीं होती चर्चा
राममंदिर आंदोलन के अगुआ रहे थे लालकृष्ण आडवाणी, मुरली मनोहर जोशी और उमा भारती जैसे नेता

श्री रामजन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र (Sree Ramjnambhoomi Tirth Ksthetra) नाम के ट्रस्ट के निर्माण के साथ ही अयोध्या (Ayodhya) में भव्य राम मंदिर (Ram Mandir) निर्माण का रास्ता साफ हो गया है. बीजेपी (BJP) के लिए ये एक बड़ी कामयाबी है...

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  • Last Updated: February 6, 2020, 10:09 AM IST
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अयोध्या (Ayodhya) में राममंदिर (Ram Mandir) निर्माण के लिए मोदी सरकार (Modi Government) ने ट्रस्ट का निर्माण कर दिया है. श्री रामजन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र (Sree Ramjnambhoomi Tirth Ksthetra) नाम के इस ट्रस्ट में 15 सदस्य हैं. कांग्रेस की सरकार में अटार्नी जनरल रहे और रामजन्मभूमि मामले में हिंदू पक्ष रखने वाले वकील के परासरन को ट्रस्ट का पहला ट्रस्टी बनाया गया है. केंद्र सरकार ने ट्रस्ट को एक रुपए का दान भी दे दिया है.

ट्रस्ट के निर्माण के साथ ही अयोध्या में भव्य राम मंदिर निर्माण का रास्ता साफ हो गया है. बीजेपी के लिए ये एक बड़ी कामयाबी है. लेकिन सफलता के इस मौके पर उन नेताओं की चर्चा नहीं हो रही है, जिन्होंने राममंदिर आंदोलन को शुरू किया था. पूरे देश में राम के नाम की अलख जगाई थी. इस आंदोलन के जरिए बीजेपी की विचारधारा का पूरे देश में प्रचार प्रसार किया था. 80 और 90 के दशक में चले राम मंदिर आंदोलन की वजह से ही बीजेपी इतनी बड़ी पार्टी बन पाई.

राम मंदिर आंदोलन के हीरो थे ये दिग्गज नेता
बीजेपी नेता लालकृष्ण आडवाणी, मुरली मनोहर जोशी और उमा भारती राममंदिर आंदोलन के अगुआ रहे हैं. इन्हीं तीन बड़े नेताओं ने राममंदिर आंदोलन को गति दी थी. 90 के दशक में आडवाणी की रथयात्रा ने पूरे देश में हिंदुत्व की लहर फैला दी. 1992 में बाबरी मस्जिद विध्वंस इस आंदोलन का अहम पड़ाव साबित हुआ था.

उस वक्त उमा भारती ने बाबरी मस्जिद विध्वंस पर कहा था कि ‘उन्हें क्यों इस पर अफसोस करना चाहिए? मैं अयोध्या मामले में शामिल रही हूं. मुझे कोई पछतावा नहीं है.’ लेकिन आज जब राम मंदिर के निर्माण को लेकर सबसे बड़ा फैसला होता है तो उनकी कोई चर्चा नहीं होती.

अटल बिहारी वाजपेयी की सरकार में उमा भारती को महत्वपूर्ण मंत्रालय मिले थे. उन्हें मानव संसाधन विकास मंत्रालय, पर्यटन, युवा मामलों और खेल मंत्रालय का प्रभार दिया गया था. मोदी सरकार के पहले कार्यकाल में उन्हें जल संसाधन और नदी विकास एवं गंगा संरक्षण मंत्रालय दिया गया था. उन्हें प्रदूषित गंगा को फिर से निर्मल करने की अहम जिम्मेदारी मिली थी. इसमें नाकाम रहने पर 2017 में उन्हें पेय जल और सफाई मंत्रालय दे दिया गया. फिलहाल वो बीजेपी की राष्ट्रीय उपाध्यक्ष हैं.

ramjanmbhoomi trust formed by modi government but these legendary leaders of ram temple movement are nowhere
उमा भारती फिलहाल बीजेपी की राष्ट्रीय उपाध्यक्ष हैं
राममंदिर आंदोलन के दिग्गज नेताओं की आज चर्चा तक नहीं होती

इसी तरह से कभी राममंदिर आंदोलन के सबसे बड़े नेता रहे लालकृष्ण आडवाणी और मुरली मनोहर जोशी बीजेपी के मार्गदर्शक मंडल में हैं. उन्हें पार्टी का मार्गदर्शन करने की जिम्मेदारी मिली है. राम मंदिर निर्माण को लेकर हुए सबसे बड़े फैसले में उनकी कोई चर्चा नहीं हुई.

इसी तरह से गोविंदाचार्य, विनय कटियार और प्रवीण तोगड़िया राम मंदिर आंदोलन के प्रमुख नेताओं में से एक रहे हैं. लेकिन उनकी आज कोई चर्चा नहीं होती. एक वक्त था, जब गोंविदाचार्य को बीजेपी का चाणक्य कहा जाता था. राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ में सोशल इंजीनियरिंग के जरिए ओबीसी समुदाय को आगे लाने में उनका बड़ा योगदान रहा है. गोंविदाचार्य की वजह से ही संघ को उमा भारती, बंगारू लक्ष्मण, कल्याण सिंह, विनय कटियार और सुशील मोदी जैसे ओबीसी वर्ग के नेता मिले. आज ओबीसी वर्ग का बड़ा हिस्सा बीजेपी समर्थक है. लेकिन इन बड़े नेताओं को भुला दिया गया.

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गोंविदाचार्य को कभी बीजेपी का चाणक्य कहा जाता था


इसी तरह से विनय कटियार ने बजरंग दल और प्रवीण तोगड़िया ने विश्व हिंदू परिषद के जरिए हिंदुत्व के नाम पर लोगों को एकजुट करने का काम किया. रामजन्मभूमि आंदोलन का समर्थन करने के लिए विनय कटियार ने बजरंग दल की स्थापना की थी. युवाओं के इस संगठन ने बीजेपी को मजबूत करने का काम किया.

प्रवीण तोगड़िया को एक वक्त में विश्व हिंदू परिषद का फायरब्रांड नेता माना जाता था. राम मंदिर आंदोलन को तेज करने और इसके समर्थन में लोगों को एकजुट करने में विश्व हिंदू परिषद का बड़ा योगदान रहा. लेकिन आज प्रवीण तोगड़िया कहीं नजर नहीं आते.

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First published: February 6, 2020, 10:09 AM IST
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