जानिए क्या है राष्ट्रीय कामधेनु आयोग ओर क्यों चर्चा में है ये

राष्ट्रीय कामधेनु आयोग (Rashtriya Kamdhenu Aayog)  ने गाय (Cow) के गोबर से निर्मित खास चिप के अलावा त्यौहारों से संबंधी सामग्री के लिए एक खास अभियान चलाया है.  (तस्वीर साभार: Rashtriya Kamdhenu Aayog website)
राष्ट्रीय कामधेनु आयोग (Rashtriya Kamdhenu Aayog) ने गाय (Cow) के गोबर से निर्मित खास चिप के अलावा त्यौहारों से संबंधी सामग्री के लिए एक खास अभियान चलाया है. (तस्वीर साभार: Rashtriya Kamdhenu Aayog website)

राष्ट्रीय कामधेनु आयोग (Rashtriya Kamdhenu Aayog) ने गाय के गोबर Cow dung) से खास चिप (Chip) का निर्माण किया है, इसके कारण चिप के साथ ही आयोग का काम भी चर्चा में आ गया है.

  • News18Hindi
  • Last Updated: October 14, 2020, 1:27 PM IST
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हाल ही में राष्ट्रीय कामधेनु आयोग (Rashtriya Kamdhenu Aayog) चर्चा में आया है. इसकी वजह है इसके अध्यक्ष का एक अनोखा दावा है. आयोग के अध्ययक्ष वल्लभ भाई कथीरिया का कहना है कि आयोग की बनाई गई गाय के गोबर से बनी चिप मोबाइल फोन से निकलने वाले विकिरण का उत्सर्जन काफी कम सकती है. इस दावे के बाद से कथीरिया के साथ ही आयोग भी चर्चित हो गया है.

साल भर पहले ही गठन हुआ है आयोग का गठन
सरकार ने राष्ट्रीय कामधेनु आयोग का गठन पशुपालन को आधुनिक और वैज्ञानिक तरीके से विकसित करने के लिए किया था. 2019 में ही गठित इस आयोग का प्रमुख कार्य पशुओं की  विभिन्न प्रजातियों के संरक्षण और संवर्धन के अलावा गाय और बछड़ों की हत्या को रोकना है जिसमें गाय, गोबर और गौमूत्र के व्यवसायिक उपयोग को बढ़ावा देना भी शामिल है.

इस अभियान पर जोर दे रहा है आयोग
हाल ही में आयोग ने राष्ट्रीय स्तर पर कामधेनु दीपावली अभियान चलाया है जिसका लक्ष्य गोबर उत्पादों को प्रोत्साहित करना है. इस मौके पर इस चिप के बारे में बात करते हुए कथीरिया का कहना था कि गाय के गोबर से निर्यमित यह चिप रेडिएशन से रक्षा करती है, यह वैज्ञानिक तौर पर प्रमाणित हो चुका है कि यह एंटीरेडिएशन है इस चिप का उपयोग मोबाइल फोन में विकिरण को रोकने के लिए उपयोग में लाया जा सकता है साथ ही यह कई बीमारियों से भी रक्षा कर सकेगा.



क्या है आयोग का काम
गुजरात से राजकोट के भाजपा सांसद कथीरिया इस आयोग के अध्यक्ष हैं. आयोग के उद्देश्यों में ऐसी नीतियां बनाना शामिल है जिसमें मवेशियों के लिए ऐसी योजनाओं को लागू किया जाए जिससे छोटे किसानों को उनकी आजीविका में लाभ मिल सके. इस साथ ही मवेशियों पर शोध के लिए वैज्ञानिकों और शोधकर्ताओं को एक मंच प्रदान करना और युवाओं को गाय और अन्य मवेशियों संबंधित डेयरी एवं अन्य उत्पादन संबंधी स्टार्टअप के लिए प्रोत्साहित करने का काम आयोग करता है.

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आयोग ने दीपावली (Diwali) के लिए गाय (Cow) के गोबर से बनी खास सामग्री तैयार की है.


दीपावली के लिए बनाई कई तरह सामग्री
अपने राष्ट्रीय स्तर के अभियान में आयोग ने लोगों से अपील की है कि दीपावली के मौके पर चीन निर्मित दियों के उपयोग से बचें और स्वदेशी निर्मित दियों का उपयोग करें. आयोग ने अपने अभियान के तहत गोबर से बनी भगावान गणेश, लक्ष्मी प्रतिमाओं सहित बहुत सारी सामग्री तैयार की है, जिसमें दिए मोमबत्ती, अगरबत्ती, धूप, हवन सामग्री, आदि शमिल है.

और भी सामग्री का हो रहा है उत्पादन
आयोग का काम केवल गाय के उत्पादनों को बढ़ावा देना ही नहीं हैं बल्कि देश में गाय और अन्य मवेशियों के लिए समुचति चारागाहों की व्यवस्थायों को देखना भी है जिसमें इनसे संबंधित क्षेत्रों की पहचान करना वहां गायों और अन्य मवेशियों के चरने की व्यवस्थाओं का विकास करना भी है.

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आयोग त्यौहारों पर चीनी (Chinese) सामानों की जगह स्वदेशी (swadeshi) उत्पादों खास को बढ़ावा देने का अभियान चला रहा है. सांकेतिक फोटो (flickr)


यह भी है आयोग का एक बड़ा काम
अयोग देश में एक बड़े उद्योग के तौर पर स्थापित डेयरी उद्योग की विभिन्न ईकाइयों के बीच समन्वय का भी काम करता है. जिसमें कॉपरेटिव सोसाइटी, किसान संगठन, मवेशी विकास संगठन, कृषि और डेयरी संबंधी कम्पनियां शामिल हैं.

गोसत्व चिप का निर्माण राजकोट की श्रीजी गोशाला ने किया है. इंडियन एक्सप्रैस ने कथीरिया के हवाले से कहा है कि  इस चिप का निर्माण अब 500 गौशाला करेंगीं. यह चिप 50 से 100 रुपये के बीच की कीमत पर उपलब्ध होंगी. एक व्यक्ति ने इस चिप को 10 डॉलर प्रति चिप की दर से अमेरिका में निर्यात करने की बात कही है.
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