पाकिस्तान को डर- कहीं हिंदू राष्ट्र तो नहीं बन जाएगा भारत

मोदी को पाकिस्तान के अखबार डॉन ने कई दशकों में भारत का सबसे ताकवर नेता बताया तो चीन के ग्लोबल टाइम्स का रुख दिखा सकारात्मक

News18Hindi
Updated: May 22, 2019, 9:09 PM IST
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Updated: May 22, 2019, 9:09 PM IST
लोकसभा चुनावों के बाद एग्जिट पोल के अनुमानों पर दुनिया भर में प्रतिक्रिया हो रही है, लेकिन सबसे ज्यादा अहम है ये जानना कि हमारे पड़ोसी देश इस पर क्या रिएक्शन दे रहे हैं. खासकर उनके मीडिया में क्या कहा जा रहा है. पाकिस्तान के मीडिया में निश्चित तौर पर इसे लेकर स्तब्धता और निराशा की स्थिति है तो चीन के सरकारी मुखपत्र में इसे सकारात्मक तौर पर देखा गया है. बांग्लादेश की प्रतिक्रिया भी बहुत उत्साहजनक नहीं है. नेपाल ने इस मामले पर चुप्पी साधी हुई है.

चीन का सरकारी मुखपत्र ग्लोबल टाइम्स पिछले कुछ समय से नरेंद्र मोदी की सरकार को लेकर सकारात्मक दिखता रहा है. उसने कुछ समय पहले भी मोदी सरकार की आर्थिक नीतियों की तारीफ की थी. एग्जिट पोल आने के बाद चीन की प्रतिक्रिया फिर उत्साह से भरी नजर आई. ग्लोबल टाइम्स में सुन हारून ने अपने लेख में कहा, 'लगता है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सत्ता में बड़े बहुमत से वापस आ रहे हैं. एग्जिट पोल कम से कम इसी ओर इशारा कर रहे हैं.'



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बेहतर हो रहे हैं हमारे रिश्ते 

ग्लोबल टाइम्स ने लिखा कि भारत और चीन के रिश्ते बेहतर हो रहे हैं और वो इसी तरह से आगे बढ़ते रहेंगे. हालांकि अखबार ने सतर्क तरीके से आगे ये भी कहा कि इससे कोई फर्क नहीं पड़ता कौन जीतता है या नहीं. लेकिन ये तय है कि भारत और चीन पड़ोसी हैं और उनके संबंध बेहतर होंगे.
चीन ने भारत के इस चुनाव को दुनिया का सबसे बड़ा चुनाव भी बताया. उसने कहा कि पिछले कुछ सालों में दोनों देशों के बीच समझबूझ का नया माहौल बना है. दोनों देशों के बीच बहुत कुछ एक जैसा है, जिसमें अर्थव्यवस्था, विकास, क्षेत्रीय सुरक्षा, हेल्थ केयर आदि शामिल है.

चीन के ग्लोबल टाइम्स ने कहा कि एग्जिट पोल के आधार पर लग रहा है कि मोदी की वापसी हो रही है

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मोदी का बड़ा आधार है
दुबई से प्रकाशित होने वाले खलीज़ टाइम्स ने लिखा कि बेशक रोजगार सृजन, किसानों को लेकर नीतियों को लेकर उनकी आलोचना होती रही हो लेकिन उनका हिंदू राष्ट्रवादियों का एक बड़ा आधार है. उन्होंने अपनी लड़ाई को पाकिस्तान के साथ तनाव के बाद बड़े बेहतर तरीके से राष्ट्रीय सुरक्षा से जोड़ दिया. इस मामले में उन्होंने विपक्ष के लचीले रवैये की खासी आलोचना की.

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अल जजीरा ने एक्जिट पोल के आधार पर रिपोर्ट दी कि ऐसा लग रहा है कि मोदी की अगुआई वाली नेशनल डेमोक्रेटिक अलायंस (एनडीए) 300 से ज्यादा सीटें लेकर वापस सत्ता में लौट रही है.

डॉन ने कहा, मोदी सबसे ताकतवर नेता
पाकिस्तान के अखबार डॉन के संपादकीय लेख में जाहिद हुसैन ने लिखा, 'लगता है कि मोदी फिर पांच साल के शासन के लिए लौट रहे हैं. बीजेपी की अगुआई वाली गठबंधन सरकार आराम से बहुमत हासिल कर लेगी. ऐसा हिंदू राष्ट्रवाद और आक्रामक राष्ट्रीय सुरक्षा के नारों के चलते हुआ है.'

लेख में मोदी को पिछले कई दशकों में भारत के सबसे शक्तिशाली नेताओं में बताया गया है. लेख में लिखा गया कि उनका पूरा चुनाव अभियान खुद को चौकीदार बताते हुए पाकिस्तान को नेस्तनाबूद करने के नारे पर टिका रहा.

पाकिस्तानी मीडिया का कहना है कि मोदी और भाजपा ने चुनावों को पाकिस्तान का हौव्वा और आक्रामकता के साथ राष्ट्रीय सुरक्षा की ओर मोड़ दिया


कमजोर पड़ सकते हैं सेक्युलरिज्म के तार 
लेख में आगे कहा गया कि मोदी ऐसा लगता है कि देश को हिंदू राष्ट्र बनाने की ओर मोड़ रहे हैं. अब भारत के सेक्युलरिज्म के तार कमजोर पड़ सकते हैं और ये भारत में सामाजिक तौर पर बड़ा बदलाव होगा. इसमें कोई हैरानी नहीं होनी चाहिए कि मोदी की वापसी से भारत के अल्पसंख्यक सबसे ज्यादा निराश हों.

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पाकिस्तान में गूगल पर सबसे ज्यादा मोदी-मोदी
हालांकि ये बात भी सच है कि 19 मई यानी जिस दिन एक्जिट पोल के नतीजे आए थे, उस दिन गूगल ट्रेंड में नरेंद्र मोदी को हिंदुस्तान से ज्यादा पाकिस्तान में सर्च किया गया. 19 मई के बाद से गूगल पर पाकिस्तानी सिर्फ और सिर्फ नरेंद्र मोदी को खोज रहे हैं.

यानी 23 मई का जितना इंतजार हिंदुस्तान में नहीं है. लगता है कि उससे ज्यादा पाकिस्तान में इसको लेकर उत्सुकता है. गूगल ट्रेंड के मुताबिक प्रधानमंत्री मोदी को गूगल में सबसे ज्यादा सौ फीसदी बलूचिस्तान में सर्च किया गया. बलूचिस्तान वो इलाका है जो लगातार पाकिस्तानी फौजों के रवैये के खिलाफ उबलता रहता है.

ढाका के अखबार ने लिखा कि भारत की सीमा पर बसे अल्पसंख्यक घबराहट में हैं तो नेपाल की मीडिया ने आश्चर्यजनक तरीके से एग्जिट पोल पर चुप्पी साधे रखी


अल्पसंख्यकों में घबराहट 
ढाका ट्रिब्यून ने लिखा है कि भारत में सीमा पर बसे अल्पसंख्यकों से हमारी बात हुई है. वो घबराहट में हैं. अखबार ने ये भी आशंका जाहिर की कि कहीं भारत हिंदू राष्ट्र तो नहीं बन जाएगा.

नेपाली अखबारों में चुप्पी 
वहीं नेपाल के दो बड़े अखबारों द हिमालयन टाइम्स और काठमांडू पोस्ट ने भारत के एग्जिट पोल पर कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है, वैसे ये हैरानी की बात भी है.

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