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छेड़छाड़ में स्कूल से दंडित राम रहीम की स्टार बाबा बनने से उम्रकैद तक की कहानी

छेड़छाड़ में स्कूल से दंडित राम रहीम की स्टार बाबा बनने से उम्रकैद तक की कहानी

बाबा राम रहीम, अब हुई तीसरे मामले में सजा.

बाबा राम रहीम, अब हुई तीसरे मामले में सजा.

बाबा राम रहीम (Baba Ram Rahim) को सीबीआई कोर्ट (CBI Court) ने तीसरे मामले में उम्रकैद की सजा सुनाई है. ये मामला रणजीत सिंह हत्याकांड से संबंधित है. विवादास्पद बाबा पहले ही दो मामलों में सजा काट रहा है. बाबा की जिंदगी की कहानी में ग्लैमर, सेक्स और बेशुमार धन सबकुछ है.

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    बाबा राम रहीम को अदालत ने रणजीत सिंह हत्याकांड में 05 लोगों के साथ उम्रकैद की सजा सुनाई है.  इससे पहले वो पत्रकार रामचंद्र छत्रपति की हत्या मामले के साथ साध्वियों के यौनशोषण मामले में अलग-अलग सजाएं पा चुका है. राम रहीम की बाबा बनने की कहानी भी कुछ कम दिलचस्प नहीं है. स्कूल के दिनों में उसकी गिनती बिगडै़ल बच्चों में की जाती थी. लड़की छेड़ने के आरोप में उसे दंडित किया गया लेकिन इसके बाद भी वो स्टार बाबा बन गया. हालांकि वो ऐसा बाबा रहा जिसकी गतिविधियां हमेशा विवादों में रहीं.

    राम रहीम पहले से साध्वियों के यौन शोषण के मामले में 20 साल की सजा काट रहा है जबकि पत्रकार रामचंद्र की हत्या के मामले में उसे उम्रकैद की सजा हो चुकी है. फिलहाल वह सुनारिया जेल में है.

    डेरा सच्चा सौदा प्रमुख गुरमीत राम रहीम का जीवन बचपन से ही विवादों में रहा है. बचपन में राम रहीम ने कई ऐसे कांड किए थे, जिसके कारण उसके परिवार को काफी शर्मिंदगी का सामना करना पड़ा था. राम रहीम दसवीं की परीक्षा में फेल हो गया था. बचपन में लड़कियों के साथ छेड़छाड़ करने पर उसे स्कूल से निकाल दिया गया था.

    वैसे राम रहीम का जीवन शुरू से ही विवादों में रहा है. वो न सिर्फ स्कूल के दिनों में लड़कियों को छेड़ता था बल्कि आसपास के लोगों को भी काफी परेशान करता था. उसे 9वीं क्लास में स्कूल से निकाल दिया गया था. बाबा दसवीं में फेल हो गया.

    खुद को हीरो प्रोजेक्ट करके बाबा राम रहीम ने कम से कम 05 फिल्में खुद बनवाईं थीं. कई और फिल्मों के प्रोजेक्ट पर वो काम करवा रहा था.

    मजबूत राजनीतिक संपर्क रहे हैं
    कुल मिलाकर गुरमीत राम रहीम का विवादों से पुराना रिश्ता रहा है. उसके मजबूत राजनीतिक संपर्क थे. वो खुद को हीरो के तौर पर पेश करके कई फिल्में बना चुका था. डेरा सच्चा सौदा अब भी उसे अपना प्रमुख मानता है. उसकी गैर मौजूदगी में उसके नाम पर वहां गतिविधियां चल रही हैं. कहने को तो उसने दावा किया कि बाबा बनते ही उसने अपने परिवार से किनारा कर लिया लेकिन उसका परिवार हमेशा उसके साथ रहा. उसकी जिंदगी की कहानी उसकी फिल्मों की तरह ही रंगीन और आश्चर्यजनक है.

    राम रहीम की दो बेटियां और एक बेटा है. बड़ी बेटी का नाम चरणप्रीत और छोटी का नाम अमरप्रीत है. बेटे की शादी भठिंडा के पूर्व एमएलए हरमिंदर सिंह जस्सी की बेटी से हुई है. सभी बच्चों की पढ़ाई डेरे की ओर से चल रहे स्कूल में हुई है. लड़कियों की भी शादियां हो चुकी हैं.

    कब बना डेरा सच्चा सौदा का प्रमुख 
    डेरा की स्थापना 1948 में शाह मस्ताना ने की थी. देश की आजादी के करीब एक साल बाद अस्तित्व में आया डेरा सच्चा सौदा आश्रमों की एक श्रृंखला है. संत मत का अनुसरण करने वाले इस आश्रम का मुख्यालय हरियाणा के सिरसा जिले में है. डेरा सच्चा सौदा का साम्राज्य विदेशों तक फैल हुआ है. देश में डेरा के करीब कई आश्रम हैं और उसकी शाखाएं अमेरिका, कनाडा और इंग्लैंड से लेकर ऑस्ट्रेलिया और यूएई तक फैली हुई हैं.

    31 मार्च, 1974 को तत्कालीन डेरा प्रमुख शाह सतनाम सिंह जी ने उसका नाम राम रहीम रखा. 23 सितंबर, 1990 को शाह सतनाम सिंह ने देशभर से अनुयायियों का सत्संग बुलाया और गुरमीत राम रहीम सिंह को अपना उत्तराधिकारी घोषित कर दिया.

    जन्मदिन को लेकर भी विवाद
    गुरमीत राम रहीम सिंह का जन्म 15 अगस्त, 1967 को राजस्थान के श्रीगंगानगर जिले के गुरुसर मोदिया में जाट सिख परिवार में हुआ था. हालांकि ये भी कहा जाता है कि उसका असली नाम हरपाल सिंह है और जन्मतिथि 15 अगस्त नहीं होकर 10 जुलाई है. वैसे बाबा हमेशा अपना जन्मदिन 15 अगस्त को ही मनाता था.

    कैसे सामने आने लगे आरोप
    कभी वह गुरु गोविंद सिंह की तरह वेश रखकर विवादों में आया तो कभी खुद को भगवान विष्णु बताने के कारण लेकिन उसके मामले तब गंभीर होने शुरू हो गए जब उसके आश्रम में साध्वियों के यौन शोषण और अत्याचार की कहानियां बाहर आने लगीं. उसके खिलाफ कुछ हत्या के मामले भी उछलने लगे. ये आरोप उसी के आश्रम के ही लोगों के जरिए बाहर आ रहे थे.

    बाबा का चर्चित हरम
    ध्यान लगाने और लड़कियों का यौन शोषण करने के लिए गुरमीत ने डेरे के अंदर एक गुफानुमा अंडरग्राउंड घर बनवाया था. राजाओं के महलों में होने वाले हरम की तर्ज पर वो अपनी शिष्याओं में से किसी लड़की को चुनता और फिर उसे अपनी देह उसे समर्पित करने के लिए कहता. इन लड़कियों को डेरे में ही रखा जाता था. उन्हें इंतज़ार करना पड़ता था कि कब उनकी शादी डेरे के अंदर रहने वाले पुरुष श्रद्धालुओं से करा दी जाएगी. वो पुरुष श्रद्धालु, जो गुलामों की तरह गुरमीत के आदेश मानते थे.

    डेरा के साधुओं को नपुंसक बनाने का आरोप
    फ़तेहाबाद ज़िले के कस्बा टोहाना के रहने वाले हंसराज चौहान (पूर्व डेरा साधू) ने जुलाई 2012 में उच्च न्यायालय में याचिका दायर कर डेरा सच्चा सौदा प्रमुख पर डेरा के 400 साधुओं को नपुंसक बनाए जाने का आरोप लगाया था. अदालत के सामने 166 साधुओं का नाम सहित विवरण प्रस्तुत किया गया. यह मामला भी अदालत में विचाराधीन है.

    अरबों की संपत्ति है बाबा के पास
    बाबा राम रहीम के पास हरियाणा के सिरसा में करीब 700 एकड़ एग्रीकल्चर लैंड है. राजस्थान के गंगानगर में 175 बेड का उसका एक अस्पताल भी है. इसके अलावा उसके नाम एक गैस स्टेशन और एक मार्केट कॉम्प्लेक्स भी है. डेरा सच्चा सौदा की जमीन और जायदाद का रख-रखाव एक ट्रस्ट के जरिए किया जाता है जिसका मुखिया अब भी बाबा राम रहीम है.

    जेल में काम कर रहा है और वजन भी हुआ कम
    पिछले 04 सालों से बाबा राम रहीम हरियाणा की सुनारिया जेल में बंद है. कैदी नंबर 8647 के रूप में राम रहीम को यहां कड़ी मेहनत करनी पड़ती है. वो यहां सब्जियां उगाने के अलावा दूसरे काम भी करता है. जी तोड़ मेहनत से उसका वजन भी काफी कम हुआ है. सुनारिया जेल बाबा के रहने की वजह से हाई सिक्‍योरिटी जोन में बदल चुकी है. जेल की सुरक्षा में पैरा मिलिट्री को भी तैनात किया गया है.

    Tags: Gurmeet Ram Rahim, Gurmeet Ram Rahim Singh, Sirsa News

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