पिछले 03 दिनों में कोरोना के मामलों में आई क्यों बड़ी उछाल, जानें इससे जुड़ी 08 बातें

पिछले 03 दिनों में कोरोना के मामलों में आई क्यों बड़ी उछाल, जानें इससे जुड़ी 08 बातें
सांकेतिक तस्वीर

पिछले तीन दिनों में देशभर में कोरोना के पॉजिटिव मामलों में 25 फीसदी की बढोतरी हुई है. 01 मई से लेकर 03 मई तक कोरोना मामले 7500 से ज्यादा बढ़ा गए. ये सब हुआ दूसरे लॉकडाउन के एकदम आखिरी दिनों में.

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पिछले तीन दिनों में देशभर में कोरोना मरीजों की संख्या 7564 बढ़ गई. ये नया रिकॉर्ड था. क्या ये चिंताजनक है या विशेषज्ञ मान रहे थे कि ऐसा होगा. क्या है इसकी मुख्य वजह और कुल मिलाकर तस्वीर पेश करने वाली 08 बातें...

पिछले तीन दिनों में देशभर में कोरोना के पॉजिटिव मामलों में 25 फीसदी की बढोतरी हुई है. 01 मई से लेकर 03 मई तक कोरोना मामले 7500 से ज्यादा बढ़ा गए. ये सब हुआ दूसरे लॉकडाउन के एकदम आखिरी दिनों में. ऐसा क्यों हुआ है. हमारे ग्रोथ रेट आंकड़े कौन सी तस्वीर दिखा रहे हैं. आइए देश में 30 अप्रैल के बाद कोरोना मामलों में आई उछाल की वजहों के बारे में जानते हैं

1. 01 मई के बाद रोजाना कोरोना के मामलों में उछाल
- आंकड़े कहते हैं कि 30 अप्रैल के दिन से 03 मई तक रोजाना कोरोना के केस देशभर में बढ़ते गए. 30 अप्रैल को अगर ये आंकड़ा 1832 का था, तो फिर 01 मई को 2333, 02 मई को 2564 और 03 मई को 2667 मामले सामने आए. साफ है कि रोज कोरोना के मामलों में उछाल दर्ज की गयी. हालांकि जानकारों का कहना है कि ये माना जा रहा था कि ऐसा ही होगा. अप्रैल के आखिरी हफ्ते और मई के पहले हफ्ते में इन मामलों में बढ़ोतरी होगी.
2. इन राज्यों ने अचानक बढ़ा दी संख्या


महाराष्ट्र में कोरोना के मामले 12,296 हैं. कोरोना के मामले में ये राज्य सबसे ऊपर है लेकिन अब वहां कोरोना केसों में कमी दर्ज की जा रही है. कम से कम 03 मई को मिला संकेत तो यही कहता है. 03 मई को वहां एक दिन में 678 मामले सामने आए थे जबकि उससे एक दिन पहले ये 790 थे. कोरोना बढोतरी दरअसल दिल्ली (427 नए मामले), गुजरात (374), पंजाब (330), तमिलनाडु (266), हरियाणा (66) औऱ जम्मू-कश्मीर (35) में रिकॉर्ड किए गए. इससे बढोतरी हुई.

3. पंजाब में अचानक बढोतरी
पंजाब में कोरोना वायरस संक्रमण का मामला एकदम नियंत्रण में लग रहा था. वहां अचानक 330 केस बढ़ने से हर कोई हैरान रह गया. दरअसल वहां सिख तीर्थ यात्रियों का जत्था नांदेड़ गया था. जब वो वहां से लौटा तो उसमें 324 लोगों में कोरोना पॉजिटिव पाया गया. नांदेड़ में सिखों के हुजूर साहिब गुरुद्वारा है. वहां काफी सिख यात्री गए थे. आशंका है ये संख्या बढ़ सकती है, क्योंकि जिन 324 सिख तीर्थ यात्रियों में कोरोना संक्रमण पाया गया, वो करीब 600 अन्य लोगों के संपर्क में आए हैं.

दरअसल 3525 सिख तीर्थ यात्री वहां फंसे हुए थे. वहां उनकी कोई टेस्टिंग भी नहीं हुई थी. सरकार ने उन्हें लेने के लिए 80 बसें भेजीं. आशंका है कि अभी कोई लोगों की टेस्ट रिपोर्ट पॉजिटिव होगी.



4. टेस्ट बढ़ने से भी नए रोगी सामने आ रहे
भारत सरकार ने रोजाना अपने कोरोना टेस्ट बढ़ा दिए हैं. इससे भी कोरोना रोगियों में इजाफा हो रहा है. ये माना जा रहा है कि जैसे जैसे सरकार रोजाना के टेस्ट बढ़ाएगी, वैसे वैसे ये केस बढ़ सकते हैं.

5. क्या है ग्रोथ रेट
राहत की बात यही है कि अब तक भारत में ग्रोथ रेट संक्रमण के फैलाव और जनसंख्या के हिसाब से काफी कम रहा है. ये लगातार कम होता नजर आ रहा है. इसका मतलब ये भी है कि संक्रमित लोगों से जितने ज्यादा लोगों में संक्रमण हो सकता था, वैसा नहीं हुआ. फिलहाल कोरोना ग्रोथ रेट 6.2 का है, जो पहले 11.9 का था.

6. ये बात चिंताजनक है
भारत में कोरोना मरीजों की संख्या 1000 से 10000 तक पहुंचने में 74 दिन लगे थे. फिर 10,000 से 20,000 होने में 08 दिन लगे. इसके बाद 20,000 से 30,000 होने में 07 दिन. अब 30,000 संक्रमण से 40,000 तक की संख्या महज 05 दिनों में हो गई है लेकिन चूंकि जानकारों और डाटा ट्रेंड्स ग्रोथ रेट में कमी दिखा रहा है. उसका मतलब ये माना जा रहा है कि ये संख्या बेशक अभी बढ़ रही हो लेकिन कुछ दिनों में ये घटनी शुरू हो जाएगी.

7. कितने लोगों की रिकवरी
भारत में 04 मई को दोपहर 02.00 बजे तक कुल कोरोना संक्रमित लोगों की तादाद 42,533 थी, जिसमें 11442 लोग रिकवर हो चुके हैं. रिकवरी की इस संख्या का अनुपात दुनिया के उन देशों में सबसे ज्यादा है. जहां लोग बड़े पैमाने पर संक्रमित हो रहे हैं. उसी तरह भारत में अब तक कोरोना से 1390 लोग मरे हैं. ये संख्या भी संक्रमित लोगों की संख्या, देश की आबादी के हिसाब से बहुत कम है. एक आंकड़ा ये बता भी रहा है कि भारत में कोरोना डेथ रेट महज 3.3 फीसदी यानी काफी कम है.

8. बड़े शहरों में संक्रमण ज्यादा
आंकड़े बताते हैं कि तीन-चौथाई संक्रमित रोगी देश के 35 बड़े शहरों में हैं. जबकि उसकी तुलना में छोटे शहर, कस्बे और गांव काफी हद तक कोरोना पर नियंत्रण रखे हुए हैं.

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