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चीन के सरकारी अखबार का दावा- तेजी से ठीक हो रहे हैं कोरोना वायरस के रोगी

News18Hindi
Updated: February 25, 2020, 9:47 PM IST
चीन के सरकारी अखबार का दावा- तेजी से ठीक हो रहे हैं कोरोना वायरस के रोगी
चाइना डेली के मुताबिक शंघाई में कोरोना से संक्रमित मरीजों की रिकवरी तेज हुई है.

वैश्विक चिंताओं के बीच चीन के सरकारी अखबार चाइना डेली का दावा है कि शंघाई में कोरोना वायरस के मरीज तेजी से ठीक हो रहे हैं.

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  • Last Updated: February 25, 2020, 9:47 PM IST
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चीन के एक सरकारी अखबार का दावा है कि शंघाई में कोरोना वायरस (Corona Virus) के मरीजों की रिकवरी में तेजी आई है. चाइनाडेली (China Daily) पर प्रकाशित एक खबर के मुताबिक शंघाई में कोरोना वायरस से संक्रमित मरीजों के ठीक होने का प्रतिशत 80 तक पहुंच गया है. अखबार को ये जानकारी शंघाई मुनसिपल हेल्थ कमीशन ने दी है. हालांकि चाइना डेली सरकारी अखबार है और उसकी खबरों पर संदेह जताया जाता रहा है. कोरोना वायरस को शुरुआती स्टेज में छिपाए जाने को लेकर चीन की आलोचना होती रही है.

क्या कहता है अखबार
अखबार के मुताबिक शंघाई के एक अस्पताल से 7 कोरोना संक्रमित मरीजों को जांच के बाद डॉक्टरों ने घर भेज दिया है. इसमें से एक मरीज 32 दिन पहले बेहद गंभीर हालात में लाया गया था. लगातार इलाज के बाद अब वो ठीक हो गया है. अभी तक इस अस्पताल से कुल 261 लोगों को इलाज कर ठीक किया जा चुका है. अब भी यहां बड़ी संख्या में मरीज भर्ती हैं. अखबार के मुताबिक वायरस से रिकवरी तेज होने को एक पॉजिटिव साइन के रूप में देखा जा रहा है.

जापान और द. कोरिया के साथ मिलकर काम करेगा चीन



अखबार के दावे से अलग हटकर देखें तो चीन इस समय कोरोना को लेकर बुरे संकट में है. कोरोना वायरस से लड़ने के लिए चीन ने अपनी पूरी ताकत झोंक दी है. एक खबर के मुताबिक अब कोरोना से लड़ने के लिए चीन ने जापान  और दक्षिण कोरिया के साथ मिलकर काम करने का फैसला किया है. गौरतलब है कि चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने कोरोना वायरस को कम्यूनिस्ट चीन में सबसे बड़ी हेल्थ इमरजेंसी करार दिया है.

वुहान प्रांत में सबसे ज्यादा आतंक
चीन में इस वक्त कोरोना वायरस का कहर सबसे ज्यादा वुहान प्रांत में है. चीन की आर्थिक गतिविधियों के केंद्र वुहान को लेकर वैश्विक स्तर पर चिंता जाहिर की जा रही है. वुहान में कोरोना के मरीजों का इलाज करते हुए कई डॉक्टरों ने भी जान गंवा दी है.

WHO ने किया है फिर आगाह
डब्ल्यूएचओ के महानिदेशक टेड्रॉस एडहैनॉम ने जिनेवा में कहा 'हालांकि दुनिया में बड़े पैमाने पर मौतें नहीं देखी जा रही हैं लेकिन सभी देशों को एक संभावित महामारी से जूझने के लिए हर तरह की तैयारी करना चाहिए'. संयुक्त राष्ट्र के प्रमुख ने भी यही चेतावनी देते हुए ये भी कहा कि इसे काबू करना अभी मुमकिन दिख रहा है. एडहैनॉम ने ये भी कहा कि दुनिया के विभिन्न हिस्सों में कोरोना वायरस के कारण होने वाली बीमारी में भिन्नता देखी जा रही है.

बुजुर्गों और बीमारों को ज्यादा खतरा
COVID-19 का खतरा उम्रदराज़ों और उन्हें ज़्यादा बताया गया है, जो पहले ही किसी बीमारी से जूझ रहे हैं. इस वर्ग में COVID-19 बीमारी के गंभीर रूप के विकसित होने की आशंकाएं ज़्यादा हैं. द साइंटिस्ट की एक ताज़ा रिपोर्ट में कोरोना वायरस के करीब 45 हज़ार मामलों के विश्लेषण से तैयार डेटा के हवाले से कहा गया है कि इस वायरस से संक्रमण से ग्रस्त लोगों में मृत्यु दर 10.5 फीसदी है. डायबिटीज़, कैंसर और सांस संबंधी गंभीर रोगों के मरीज़ों को ज़्यादा खतरा बताया गया है.

वृद्धों को भी इस वायरस से संक्रमण का खतरा ज़्यादा है जबकि ये भी कहा गया है कि इस वर्ग में संभव है कि कई की जांच भी न हो पाये. वहीं डब्ल्यूएचओ के पिछले हफ्ते जारी बयान के मुताबिक बच्चों में भी यह संक्रमण देखा जा रहा है लेकिन, नौ साल से कम उम्र के बच्चों में अब तक कहीं भी संक्रमण का मामला नहीं है.
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First published: February 25, 2020, 9:38 PM IST
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