Home /News /knowledge /

सोवियत सेना को कभी नहीं मिली हिटलर की लाश, जर्मन तानाशाह ने मुसोलिनी के कारण की थी आत्‍महत्‍या

सोवियत सेना को कभी नहीं मिली हिटलर की लाश, जर्मन तानाशाह ने मुसोलिनी के कारण की थी आत्‍महत्‍या

जर्मन तानाशाह ने आज ही के दिन 1945 में आत्‍महत्‍या कर ली थी. इसी दिन को दूसरे विश्‍व युद्ध का अंत भी माना जाता है.

जर्मन तानाशाह ने आज ही के दिन 1945 में आत्‍महत्‍या कर ली थी. इसी दिन को दूसरे विश्‍व युद्ध का अंत भी माना जाता है.

ऑस्ट्रिया के वॉन में 20 अप्रैल 1889 को जन्‍मे जर्मन तानाशाह एडोल्‍फ हिटलर (Adolf Hitler) ने 30 अप्रैल 1945 को सोवियत सेनाओं के हत्‍थे चढने के डर से गोली मारकर आत्महत्या कर ली थी. इससे एक दिन पहले ही इटली के तानाशाह बेनिटो मुसोलिनी की लाश की लोगों ने दुर्दशा की थी. इसके बाद उसने अपने सहयोगियों को आदेश दिया...

अधिक पढ़ें ...
    जर्मन तानाशाह एडोल्‍फ हिटलर (Adolf Hitler) को दुनिया के सबसे क्रूर तानाशाहों में गिना जाता है. जर्मनी (Germany) के इतिहास में हिटलर का वही स्थान है, जो फ्रांस में नेपोलियन बोनाबार्ट का, इटली में बेनिटो मुसोलनी का और तुर्की में मुस्तफा कमालपाशा का माना जाता है. हिटलर को दूसरे विश्‍व युद्ध (World War-2) का दोषी माना जाता है. दूसरे विश्‍व युद्ध के दौरान एक समय ऐसा आया, जब जर्मनी लगातार जीत रहा था. इसके बाद उसकी हार का सिलसिला हिटलर की मौत के साथ खत्‍म हुआ.

    दूसरे विश्वयुद्ध के दौरान जब हिटलर को लगने लगा कि वह जीत नहीं पाएगा तो उसने पत्नी इवा ब्राउन (Eva Braun) के साथ खुद को बर्लिन (Berlin) में मौजूद खुफिया बंकर के एक कमरे में बंद कर लिया. यह बंकर जमीन में करीब 50 फीट नीचे बना हुआ था. सोवियत सेनाओं ने बर्लिन को घेर लिया. इसके बाद ऑस्ट्रिया के वॉन में 20 अप्रैल 1889 को जन्‍मे हिटलर ने 30 अप्रैल 1945 को पकड़े जाने के डर से गोली मारकर आत्महत्या कर ली. लेकिन, ऐसा क्‍या हुआ कि रेड आर्मी को उसकी लाश कभी नहीं मिल पाई...

    'मेरी लाश दुश्‍मनों के हाथ नहीं पड़नी चाहिए'
    हिटलर ने आत्महत्या करने से पहले अपने सहयोगियों से कहा था कि मैं मर जाऊं तो मेरा शरीर जला देना, जबकि वह ईसाई था और ईसाइयों में मृत व्‍यक्ति को दफनाया जाता है. कुछ इतिहासकारों का मानना है कि इटली के तानाशाह बेनिटो मुसोलिनी (Benito Mussolini) के शव के साथ 29 अप्रैल को हुई बदसलूकी ने हिटलर को आत्महत्या करने और उसके बाद अपने शव को जलवा देने के लिए प्रेरित किया था. प्रोफेसर कर्टजर ने अपनी किताब 'द पोप एंड मुसोलिनी' में लिखा है कि हिटलर को मुसोलिनी की मौत का समाचार रेडियो से 29 अप्रैल, 1945 को अपने बंकर में मिला. मुसोलिनी की हत्‍या के बाद मिलान के चौराहे पर उसकी और उसके साथियों की लाशों की दुर्दशा का हाल जानने के बाद हिटलर ने अपने सहयोगियों से कहा कि मेरी लाश किसी भी हाल में दुश्मनों के हाथ नहीं पड़नी चाहिए. उसे डर था कि उसके दुश्‍मन उसका शव कब्र से खोदकर निकाल लेंगे और उसकी लाश पर भी लोग अपना गुस्सा उतारेंगे.

    इतिहासकारों का मानना है कि हिटलर इटली के तानाशाह बेनिटो मुुसोलिनी के शव की दुर्दशा से घबरा गया था. इसके बाद उसने आत्‍महत्‍या करने और अपनी लाश जलवाने का फैसला किया.


    साथियों ने जला दीं हिटलर और इवा की लाशें
    हिटलर ने ओटो ग्वेंशे को 29 अप्रैल की रात को ही 200 लीटर पेट्रोल लाने का आदेश दिया और वादा लिया कि मरने के बाद उसकी और पत्नी इवा की लाश को पेट्रोल छिड़ककर जला दिया जाए. हिटलर के एक बॉडीगार्ड रोशस मिस्क ने 'हिटलर्स लास्ट विटनेस: द मेमॉइर्स ऑफ हिटलर्स बॉडीगार्ड' में बताया था कि बर्लिन के चारों तरफ सोवियत (Soviet Union) ने घेरा डालकर नाकेबंदी कर दी थी. जर्मनी इसे तोड़ नहीं पा रहा था. जब सोवियत सेना आगे बढ़ने लगी, तब हिटलर ने खुद को बंकर में बंद कर लिया.

    हिटलर को 30 अप्रैल की सुबह बताया गया कि अगर आज नाकेबंदी तोड़ने में कामयाबी नहीं मिली, तो बहुत बुरा होगा. सेना का गोला-बारूद खत्म हो जाएगा. हिटलर ने कहा कि रेड आर्मी के मोर्चे पर उसे तोड़ने की कोशिश करो. ये हिटलर की आखिरी उम्मीद थी. बंकर में सभी घबराए हुए थे. कुछ देर बाद स्‍टडी रूम से गोली चलने की आवाज आई. इसके बाद हिटलर और इवा की लाशों को बंकर से बाहर लोकर पेट्रोल डालकर जला दिया गया. ढाई घंटे तक पलटें उठती रहीं. इसके बाद जली हुई लाशों को दफना दिया गया. बाद में जब उस जगह को खोदा गया तो सोवियत को वहां कुछ नहीं मिला. हालांकि, हिटलर की मौत की पुष्टि उनके अवशेषों से मिले एक डेंटल ब्रिज से की गई.

    आत्‍महत्‍या से एक रात पहले इवा से की शादी
    आत्‍महत्‍या करने से पहले हिटलर ने तय किया कि वह इवा ब्राउन से शादी कर उस रिश्ते को वैध करार देंगे. 'द लाइफ एंड डेथ ऑफ एडोल्फ हिटलर' में रॉबर्ट पेन लिखते हैं, 'सवाल उठा कि ऐसे माहौल में दोनों की शादी कौन कराएगा? इस पर उनके प्रचार मंत्री गोएबेल्स को ख्‍याल आया कि वाल्टर वैगनर ने उनकी शादी कराई थी. अब समस्‍या ये पैदा हुई कि उनको ढूंढा कैसे जाए? उनके आखिरी पते पर एक सैनिक को भेजा गया. शाम को बड़ी मुश्किल से उन्हें हिटलर के बंकर में लाया गया, लेकिन वह शादी का सर्टिफिकेट लाना भूल गए. वह दोबारा अपने घर गए. रूसियों की भयानक गोलाबारी के बीच वैगनर वापस बंकर में पहुंचे. उस समय शादी की दावत शुरू होने वाली थी. हिटलर और इवा ब्राउन बेसब्री से उनका इंतजार कर रहे थे. हिटलर ने गोएबेल्स और इवा ने बोरमन को अपना गवाह बनाया.

    हिटलर ने 29 अप्रैल की आधी रात के बाद अपनी गर्लफ्रेंड इवा ब्राउन से बंकर में ही शादी की.


    साथियों से कहा, जो जाना चाहे जा सकता है
    रॉबर्ट पेन लिखते हैं कि शादी के सर्टिफिकेट पर हिटलर के हस्ताक्षर मकड़ी के जाले की तरह दिख रहे थे. वहीं, उनकी पत्‍नी ने हस्‍ताक्षर करते समय पहले अपने नाम के साथ ब्राउन लिखने के लिए 'बी ' लिखा. फिर उसे काटा और इवा हिटलर ब्राउन लिखा. शादी के बाद के भोज में बोरमन, गोएबेल्स, माग्दा गोएबेल्स, जनरल क्रेब्स, जनरल बर्गडॉर्फ़, हिटलर की दो निजी सचिव और उनका शाकाहारी रसोइया भी शामिल हुआ. इवा हिटलर के स्वास्थ्य के लिए सबने जाम उठाए. इवा ने काफी शैंपेन पी ली थी. हिटलर ने भी शैंपेन का एक घूंट लिया और पुराने दिनों के बारे में बातें करने लगे.

    अपने जीवन के आखिरी दिन हिटलर ने कुछ घंटों की नींद ली और जल्‍दी उठे. नहाने और शेव करने के बाद हिटलर अपने जनरलों से मिले. उन्होंने कहा कि अंत नजदीक है. सोवियत सैनिक किसी भी वक्‍त उनके बंकर में घुस सकते हैं. जो जाना चाहे जा सकता है. उसके बाद स्‍टडी में जाकर उन्‍होंने आत्‍महत्‍या कर ली. एडोल्फ हिटलर राष्ट्रीय समाजवादी जर्मन कामगार पार्टी (NSDAP) के नेता थे. इस पार्टी को नाजी पार्टी के नाम से भी जाना जाता है.

    ये भी देखें:

    जानें क्‍या है क्रोनिक लिम्फोसाइटिक ल्यूकेमिया, जिसका इलाज कराने के लिए अमेरिका गए थे ऋषि कपूर

    दुनिया के सबसे बड़े मालवाहक जहाज ने शुरू की पहली यात्रा, जानें इसके बारे में सबकुछ

    वुहान के दो अस्‍पतालों की हवा में पाया गया कोरोना वायरस

    जानिए कोरोना को लेकर उन सवालों के जवाब, जो रोज आप खुद से पूछते होंगे

    Tags: England, France, Germany, Italy, Mussolini, Suicide, World WAR 2

    विज्ञापन

    विज्ञापन

    टॉप स्टोरीज

    अधिक पढ़ें

    अगली ख़बर