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क्या 4 अरब साल पहले लाल मंगल ग्रह था नीला, जानिए किस खोज ने किया यह इशारा

क्या 4 अरब साल पहले लाल मंगल ग्रह था नीला, जानिए किस खोज ने किया यह इशारा

नासा अगले दशक में मंगल पर इंसान भेजने की जोरों से तैयारी कर रहा है. (प्रतीकात्मक तस्वीर)

नासा अगले दशक में मंगल पर इंसान भेजने की जोरों से तैयारी कर रहा है. (प्रतीकात्मक तस्वीर)

मंगल से धरती पर आए एक उल्कापिंड (Meteorite) का अध्ययन कर वैज्ञानिकों को वहां 4 अरब साल पहले नाइट्रोजन वाले जैविक पदार्थ होने के सबूत मिले.

नई दिल्ली:  क्या मंगल (Mars) पर कभी जीवन था. इस सवाल पर वैज्ञानिकों को समय समय पर कई संकेत मिलते रहे हैं. अब वैज्ञानिकों को इस लाल ग्रह पर जीवन होने से संबंधित एक और संकेत मिला है. उन्हें मंगल के नाइट्रोजन (Nitrogen) वाले जैविक पदार्थ (Carbonate compound) मिले हैं.

जापान की टीम ने की यह खोज
जापान की टीम ने एक मंगल के उल्कापिंड में ऐसा जैविक पदार्थ पाए हैं जिसमें नाइट्रोजन है. इस टीम में टोक्यो इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी के अर्थ-लाइफ साइंस इंस्टीट्यूट के वैज्ञानिक आत्सुको कोबायाशी और जापानी एरोस्पेस एक्पोरेशन एजेंसी की इंस्टीट्यूट ऑफ स्पेस एंड एस्ट्रनॉटिकल साइंस के वैज्ञानिक मिजुहो कोएके शामिल हैं.

4 अरब साल पुराने
यह पदार्थ करीब 4 अरब वर्ष पुराने हैं. ये पदार्थ जमीन के अंदर पानी में जमे थे जिससे पता चलता है कि उस समय मंगल पर जैविक पदार्थ और पानी की भरमार रही होगी. इससे पता मंगल पर उस समय जीवन होने की संभावनाओं को और बल मिला है.

बहुत पहले से खोजे जा रहे थे इन सावलों के जवाब
दशकों से वैज्ञानिक इस बात को जानने की कोशिश कर रह थे कि क्या मंगल पर जैविक पदार्थ हैं और यदि हैं तो वे वहां कहां से आए.  मंगल पर गए रोवर से जो अध्ययन चल रहे हैं उससे भी वहां जैविक पदार्थ होने के पक्के सबूत मिले हैं, लेकिन इस बारे में बहुत कम जानकारी मिली है कि वे कहां से आए, कितने पुराने हैं और वे कहां तक फैले हैं और उनकी जैवरसायन गतिविधियों से कितना संबंध हैं.

कैसे मिला यह उल्कापिंड
मंगल के उल्कापिंड उसकी सतह के वे टुकड़े हैं जो मंगल से उल्का टकराने के बाद हुए धमाके से अंतरिक्ष में पहुंचे और फिर बाद में धरती पर आ पहुंचे.  उनसे मंगल के इतिहास के बारे में विशेष जानकारी मिलती है. इनमें से एक उल्कापिंड अंटार्कटिका में गिरा था जिसे ऐलन हिल्स  (ALH) 84001 नाम दिया गया है. यह उल्कापिंड साल 1984 में वैज्ञानिकों को मिला था.

Mars
म्ंगल पर चार अरब साल पहले बहुत पानी और जैविक पदार्थ थे.


क्या मिला इस उल्कापिंड में
इसमें नारंगी रंग के कार्बोनेट खनिज थे जो मंगल पर 4 अरब साल पहले नमकीन पानी में जमे थे. इन खनिजों से मंगल पर 4 अरब साल पहले पानी होने के सबूत मिलते हैं. बहुत से शोध इस बात पर हुए कि क्या मंगल पर उस समय जीवन था.

पृथ्वी के मिलावटी पदार्थों ने खड़ी की मुश्किल
इस उल्कापिंड में अंटार्कटिका की बर्फ की मिलावट होने से पहले ज्यादा कुछ पता नहीं चल सका, लेकिन अब विकसित तकनीक से पता चला है कि इस उल्का पिंड में पाई जाने वाली नाइट्रोजन वाकई मंगल ग्रह थी. ALH84001 के कार्बोनेट खनिजों का अध्ययन खास विश्लेषण तकनीक से हुआ था. अब टीम को विश्वास है कि उन्होंने मंगल पर 4 अरब साल पुराने नाइट्रोजन वाले जैविक पदार्थ का पक्का सबूत हासिल कर लिया है.

नई तकनीक ने की मदद
बाहर के ग्रहों के पदार्थों का अध्ययन करते समय हमारे ग्रह के पदार्थों की मिलावट एक गंभीर समस्या है. इस मिलावट से बचने के लिए टीम ने नमूने विकसित करने के लिए एक नई तकनीक विकसित की. उन्होंने अपनी लैब में नमूने के ऊपर चांदी के टेप का उपयोग किया जिससे वे महीन कार्बोनेट के कण निकाल सकें. इसके बाद उन्होंने इलेक्ट्रॉन माइक्रोस्कोप मदद से आयन बीम डालकर पर मिलावटी कणों को बाहर निकाला. इसके बाद उन्होंने माइक्रो XANES तकनीक से नाइट्रोजन की उपस्थिति का पता लगाया. उन्होंने पाया कि कार्बोनेट खनिज मंगल ग्रह के ही थे.

क्या नीला ग्रह था तब आज का यह लाल ग्रह
 शोधकर्ताओं ने पाया कि यह स्पष्ट है कि मंगल पर स समय जैविक नाइट्रोजन मौजूद थी. तब वहां कम ऑक्सीकृत पानी, और जैविक पदार्थ भरपूर मात्रा में थे. शोधकर्ताओं का कहना है का आज का लाल ग्रह तब शायद नीला था.

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Tags: Mars, Research, Science, Space

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