क्यों नहीं बदला जा सकता है अहमदाबाद का नाम!

पिछली NDA सरकार के दौरान भी अहमदाबाद का नाम बदले जाने की मांग उठ चुकी है.

News18Hindi
Updated: November 9, 2018, 3:01 PM IST
क्यों नहीं बदला जा सकता है अहमदाबाद का नाम!
अहमदाबाद को यूनेस्को से वर्ल्ड हेरिटेज सिटी का दर्जा मिला हुआ है
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Updated: November 9, 2018, 3:01 PM IST
गुजरात के उपमुख्यमंत्री ने अहमदाबाद का नाम बदलकर कर्णावती करने की इच्छा जताई है लेकिन ऐसा करने से इस शहर को यूनेस्को से मिला वर्ल्ड हेरिटेज सिटी का टैग छिन सकता है. जिसे पिछले साल ही यूनेस्को ने शहर को दिया था.

इससे पहले उत्तरप्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने फैजाबाद जिले का नाम बदलकर अयोध्या कर दिया था. इससे पहले यूपी में इलाहाबाद का नाम बदलकर प्रयागराज किया गया. इसके बाद ही गुजरात के उपमुख्यमंत्री नितिन पटेल ने कहा कि गुजरात सरकार की इच्छा अहमदाबाद का नाम बदलकर कर्णावती करने की है.

पुराने अहमदाबाद में प्राचीन कर्णमुक्तेश्वर मंदिर है. इसी के चलते काफी वक्त से संघ परिवार की मांग अहमदाबाद का नाम बदलकर कर्णावती किए जाने की रही है.

इसके पहले भी जब केंद्र में अटल बिहारी वाजपेयी की सरकार थी, अहमदाबाद का नाम बदलकर कर्णावती किए जाने का प्रयास किया गया था. अहमदाबाद म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन और गुजरात विधानसभा दोनों पर BJP का अधिकार था. लेकिन फिर भी शहर का नाम चेंज नहीं हो सका था क्योंकि NDA की साथी पार्टियां AIADMK और तृणमूल कांग्रेस इस कदम के खिलाफ थे.

BJP एक बार फिर तीनों ही स्तर पर सत्ता में है. लेकिन अब शहर का नाम बदले जाने में रोड़ा बन गया है, शहर को यूनेस्को का मिला हुआ हेरिटेज सिटी का तमगा.

जिस कमेटी ने अहमदाबाद शहर के नाम को वर्ल्ड हेरिटेज (विश्व धरोहर) के लिए सुझाया, उसके एक सदस्य देबाशीष नायक कहते हैं, जिन इमारतों और स्थापत्य के चलते अहमदाबाद को वर्ल्ड हेरिटेज का तमगा मिला है उनका निर्माण उसी काल में हुआ था जब उसका नाम वर्तमान वाला ही था.

बुधवार को नायक ने स्टेट्समैन अख़बार को बताया, "जिस नाम के जरिए हेरिटेज का तमगा मिला, उसे बनाए रखना ही तर्कसंगत है." उन्होंने कहा कि नाम बदलने के क्रम में जिन प्राचीन नामों जैसे अशावल और कर्णावती को सुझाया जा रहा है, वे केवल कुछ चौकियां थीं जो कि बाद में अहमदाबाद का अंग बन गईं.
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संभवत: इस शहर को मिले वर्ल्ड हेरिटेज सिटी का टैग ही वजह थी कि इसे महसूस करते हुए मुख्यमंत्री विजय रूपाणी ने खुद साल की शुरुआत में राज्य की विधानसभा में यह कहा था कि गुजरात सरकार ने पिछले दो सालों में कोई भी ऐसा प्रस्ताव केंद्र को नहीं भेजा है.

हालांकि कांग्रेस ने BJP सरकार की इस मुद्दे पर आलोचना की थी. कांग्रेस प्रवक्ता मनीष दोषी ने कहा था, अहमदाबाद का नाम बदलने का वादा एक और चुनावी नौटंकी है. BJP के लिए अयोध्या में राम मंदिर का निर्माण और अहमदाबाद का नाम बदलकर कर्णावती करना हिंदुओं के वोट जुटाने का साधारण तरीका है.

उन्होंने यह भी कहा, "BJP के नेता इन मुद्दों को सत्ता में आने के बाद रद्दी की टोकरी में डाल देते हैं. उन्होंने इन सारे सालों में केवल हिंदुओं को ठगा है."

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