बार-बार खांसने से मास्क को होता है नुकसान, फिल्टर करने की क्षमता हो जाती है कम

बार-बार खांसने से मास्क को होता है नुकसान, फिल्टर करने की क्षमता हो जाती है कम
मास्क पहन कर खांसने या छींकने से उसकी फिल्टर क्षमता पर बुरा असर होता है.

एक अध्ययन में पाया गया है कि बार-बार खांसने (Coughing) से मास्क (Mask) की फिल्टर करने की क्षमता (Filtering Capacity) पर प्रतिकूल असर पड़ता है.

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लंदन. कोरोना वायरस (Corona virus) का संक्रमण रुकने का नाम नहीं ले रहा है. कई विशेषज्ञों का मानना है कि हालात और ज्यादा शायद बहुत ही ज्यादा खराब होते अगर लॉकडाउन, सोशल डिस्टेंसिंग और मास्क जैसे उपाय नहीं अपनाए गए होते. इस संक्रमण से बचाव के लिए मास्क पर बहुत जोर दिया जा रहा है. मास्क को लेकर भी तमाम तरह के शोध हुए हैं, लेकिन ताजा शोध बताता है कि मास्क पहनने के बाद खांसने से मास्क की क्षमता पर बुरा असर होता है.

मास्क करता है यह काम
चेहरे पर लगाए जाने वाले मास्क से कोरोना वायरस के फैलने का खतरा कम होता है क्योंकि मास्क वायरस को प्रभावी तरीके से फिल्टर कर लेता है. लेकिन इसे इस्तेमाल करने के तरीके पर भी खासा ध्यान देना होता है. वहीं मास्क का चुनाव भी एक मुद्दा है. लेकिन हर मास्क की खासियत उसकी फिल्टर करने की क्षमता होती है. ताजा शोध में पता चला है कि बार-बार खांसने से उसकी फिल्टर करने की क्षमता पर प्रतिकूल असर पड़ता है.

क्या कहा गया है अध्ययन में
इस नए अध्ययन में यह बात कही गई है. इसमें स्वास्थ्य देखभाल कर्मियों के लिए एयर-फिल्टर्स और फेस शील्ड से लैस हेल्मेट समेत निजी सुरक्षा उपकरण पहनने की सिफारिश की गई है. साइप्रस में यूनिवर्सिटी ऑफ निकोसिया के तालिब दिबुक और दिमित्रिस द्रिकाकिस समेत वैज्ञानिकों ने कम्प्यूटर मॉडलों का इस्तेमाल कर यह पता लगाया कि जब मास्क पहनने वाला कोई शख्स बार-बार खांसता है तो खांसने से गिरने वाली छोटी-छोटी बूंदों के प्रवाह की क्या प्रवृत्ति होती है.



Coronavirus
मास्क को कोरोना संक्रमण रोकने का एक कारगर उपाय माना गया है. (प्रतीकात्मक फोटो)


पहले यह भी पाया जा चुका है कि..
इससे पहले एक अध्ययन में पाया गया कि जब बिना मास्क पहने व्यक्ति खांसता है तो उसकी लार की बूंदें पांच सेकंडों में 18 फुट तक की दूरी तय कर सकती हैं. पत्रिका ‘फिजिक्स ऑफ फ्लूइड्स’ में प्रकाशित इस अध्ययन में चेहरे पर लगाए जाने वाले मास्क की फिल्टर की क्षमता का अध्ययन किया गया.

मास्क पहनने के बाद भी दूर गिर सकती हैं लार की बूंदें
अध्ययन के अनुसार मास्क से हवा में लार की बूंदों के फैलने का खतरा कम हो सकता है लेकिन बार-बार खांसने से उसकी क्षमता पर प्रतिकूल असर पड़ता है. वैज्ञानिकों ने कहा कि यहां तक कि मास्क पहनने पर भी लार की बूंदें कुछ दूरी तक गिर सकती हैं. उन्होंने कहा कि मास्क न पहनने पर लार की बूंदों के गिरने की दूरी दोगुनी हो जाती है.

मास्क पहनते समय कई बातों का ध्यान जरूरी
मास्क पहनते समय कई बातों का ध्यान भी रखना जरूरी है. इसमें सबसे जरूरी है कि मास्क के इस्तेमाल के दौरान इस बात का खास ध्यान रखना पड़ता है कि मास्क के आगे हिस्से को कभी अपने हाथों से न छुआ जाए और न ही उसे इस्तेमाल के बाद उसके आगे के हिस्से को छुआ जाए.

Corona Virus
मास्क की कारगरता में उसके फिल्टर की अहम भूमिका होती है.


पूरी सुरक्षा की गारंटी नहीं मास्क
इस अध्ययन ने भी इस बात को रेखांकित किया है कि केवल मास्क ही पूर्ण सुरक्षा की गारंटी नहीं है. लोगों को खास तौर पर सुरक्षाकर्मियों और चिकित्साकर्मियों को इस बात पर ज्यादा ध्यान देने की जरूरत है.  सुरक्षा के उपायों को समग्रता के स्तर पर ही देखने में मास्क की उपयोगिता की सार्थकता सिद्ध होगी.

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