एक Gene से बदला मादा मच्छर का Gender, जीका-डेंगू संक्रमण फैलाती है ये

एक Gene से बदला मादा मच्छर का Gender, जीका-डेंगू संक्रमण फैलाती है ये
डेंगू जीका जैसी बीमारियां फैलाने वाली माादा मच्छर को बिना काटने वाले नर मच्छर में बदला जा सकता है.

एक शोध में पाया गया है कि केवल एक जीन (Gene) में बदलाव कर काटने वाली मादा एंडीज (Female Aedes aegypti) मच्छर बिना काटने वाले नर मच्छर (Male mosquito) में बदल जाती है.

  • Share this:
सभी जानते है कि इंसान को काटने वाला मच्छर (Mosquito) दरअसल नर (Male) मच्छर नहीं बल्कि मादा (Female) मच्छर होती है. ये मच्छर कई जानलेवा बीमारियों के कारण बन जाते हैं. मलेरिया से लेकर जानलेवा डेंगू (Dengue) और जीका वायरस (Zika Virus) संक्रमण भी इंसानों में मादा मच्छर के काटने से होते हैं. अब वैज्ञानिकों ने उस जीन (Gene) की पहचान कर ली है  जिसमें बदलाव करने से ही मादा मच्छर नर में बदल जाती है जिसके बाद वह मच्छर इंसान को नहीं काट पाता है.

मच्छरों की जनसंख्या काबू करने का उपाय?
इंसान की तरह जानवरों और अन्य जीवों में जनसंख्या कई तरह से कम होती है जिनमें से एक कारण यह भी होता है जब नर और मादाओं की सख्याओं में बहुत ज्यादा अंतर हो जाए. कई प्रजातियों के विलुप्त होने की कगार पर पहुंचने का यह कारण भी देखा गया है. लेकिन वैज्ञानिकों  ने मादा मच्छर को नर मच्छर के बदलने वाले जीन्स की पहचान कर इंसान के अस्तित्व के लिए खतरा बने मच्छरों की जनसंख्या नियंत्रित करने की दिशा में एक वैकल्पिक राह दिखाई है.

क्या हुआ है इस शोध में
वर्जीनिया टेक शोधकर्ताओं ने साबित किया है कि एक ही जीन में बदलाव करने से मादा एडिज एजिप्टी (Aedes aegypti) मच्छर को एक प्रजनन क्षमता वाले नर मच्छर में बदल देता है. शोधकर्ताओं ने ऐसे जीन की भी पहचान कर ली है जिसकी वजह से नर मच्छर उड़ सकता है. मादा एडिज एजिप्टी (Aedes aegypti) मच्छर को अंडे देने के लिए खून की जरूरत होती है. इसी वजह से वे जीका और डेंगू जैसे बुखार इंसानों में फैलने का कारण बनते हैं.



पहले ढूंढा यह एम लोकस
कॉलेज ऑफ एग्रीकल्चर एंड लाइफ साइंस के बायोकैमिस्ट्री विभाग के प्रोफेसर झीजियान टू का कहना है, “एडिज एजिप्टी (Aedes aegypti) में नर होने के गुण को तय करने वाला लोकस  (M locus) एम लोकस होता है. यह केवल नर मच्छरों में होता है.  वैसे ही जैसे मनुष्यों में वाय क्रोमोजोम होता है.

Mosquito
यह शोध डेंगू, जीका संक्रमण फैलाने वाली मादा एडिज एजिप्टी मच्छरों पर किया गया. (प्रतीकात्मक तस्वीर)


केवल एक जीन में बदलाव
टू ने बताया कि इस एम लोकस में निक्स नाम के जीन को मादा मच्छरों के क्रोमोजोम क्षेत्र में डालने से यह पाया गया कि निक्स ही मादाओं को प्रजनन में सक्षम मच्छरों में बदलने के लिए काफी है. इस खोज का भविष्या में मच्छर नियंत्रण करने की तकनीक विकसित करने में मदद मिल सकती है. इस अध्ययन के नतीजे प्रोसिडिंग्स ऑफ द नेशनल एकेडमी ऑफ साइंसेस में प्रकाशित हुए हैं.

गर्भपात की दवा पर हुए प्रयोगों से मिली इंसान की उम्र बढ़ाने की उम्मीद

एक और खास जीन की खोज
टू की लैब में रिसर्च साइंसिट्स और इस अध्ययन की पहली लेखिका अजादेह आर्यन ने बताया, “हमने एक और जीन की भी खोज की है जिसका नाम मायो सेक्स है. इसकी बदौलत ही नर मच्छर उड़ सकता है. इस अध्ययन से हम तीस जीन्स एम लोकस की अणुओं के स्तर पर कार्यप्रणाली को जान सके. आर्यन और उनके साथियों ने ट्रांसजेनटिक मच्छरों बनाकर उनके गुणों का अध्ययन किया.

Mosquitoes,
इंसान को नर मच्छर नहीं काटते केवल मादा मच्छर ही काटती हैं. (प्रतीकात्मक तस्वीर)


अध्ययनकर्ताओं ने पाया कि निक्स ट्रांस जीन ही मादाओं को नर में बदलने के के लिए काफी है, यहां तक कि इसके लिए एम-लोकस की जरूरत नहीं पड़ती है. इसके अलावा यह बदलाव कई पीढ़ियों तक स्थायी रहता है.

लेकिन उड़ नहीं सकते ऐसे मच्छर
निक्स जीन की वजह से मादा मच्छर नर में बदल गईं, लेकिन परिवर्तित नर मच्छर उड़ नहीं पाते थे.  इसकी वजह यह थी की उनमें माया सेक्स जीन नहीं रह पाता था जो एम लोकस में होता है. उड़ने की क्षमता की इन मच्छरों की प्रक्रिया में अहम होती है, लेकिन परिवर्तित नर मच्छर फिर भी  नियंत्रित स्थितियों में बेहोश मादा मच्छरों के साथ प्रजननक्रिया कर पिता बनने में सक्षम पाए गए. शोधकर्ता अब इस बात का अध्ययन करना चाहते हैं कि इन मच्छरों में इस निक्स जीन का विकास कैसे हुआ.

कैसे बिना पंख फड़फड़ाए 160 किमी तक उड़ान भर सकता है यह पक्षी

मच्छारों पर हुआ यह शोध कई जीवों के लिए भी सहायक हो सकता है खास तौर पर उन क्रोमोजोम्स के अध्ययन में जो नर और मादा दोनों में समान रूप से होते हैं.
अगली ख़बर

फोटो

टॉप स्टोरीज