Covid-19 का वायरस शरीर की किन कोशिकाओं के लिए होता है ज्यादा घातक

Covid-19 का वायरस शरीर की किन कोशिकाओं के लिए होता है ज्यादा घातक
कोरोना वायरस शरीर के अलग हिस्रों पर अलग अलग तरह का प्रभाव दिखा रहा है.

शोधकर्ताओं ने पाया है कि सार्स कोव -2 (SARS CoV-2) इंसान के फेफेड़ो, नासिका द्वार और आंतों की कुछ खास कोशिकाओं में सबसे तेजी से संक्रमण फैलाता है.

  • News18Hindi
  • Last Updated: April 23, 2020, 12:45 PM IST
  • Share this:
नई दिल्ली: कोरोना वायरस (Corona virus) को लेकर  चल रहे शोधों में नई जानकारियां सामने आ रही हैं. पहले कहा जा रहा था कि यह वायरस धीरे म्यूटेट (Mutate) होता है, लेकिन अब इसके बहुत से नए रूप दिखने लगे हैं. हाल ही में शोधकर्ताओं ने पाया है कि सार्स कोव-2 (SARS CoV-2) शरीर के कुछ खास हिस्सों की कोशिकाओं (Cells) में संक्रमण ज्यादा तेजी से फैलाता है.

अमेरिका के एमआईटी, एमजीएच और हार्वर्ड के शोधकर्ताओं ने ऐसे मानवीय कोशिकाओं की पहचान की है जिन पर सार्स कोव -2 खास तौर पर हमला करता है जिससे कोविड-19 बीमारी फैली.

शोधकर्ताओं ने विभिन्न कोशिकाओं के RNA के उपलब्ध डेटा का उपयोग किया और ऐसी कोशिकाओं की पहचान की जिनके दो प्रोटीन सार्स कोव -2 वायरस को मानवीय कोशिकाओं में प्रवेश आसान कर देते हैं. उन्होंने फेफड़ों, नासिका द्वार, और आंतों कोशिकाओं का एक समूह पाया जिनमें इन प्रोटीन का RNA अन्य कोशिकाओं के मुकाबले ज्यादा पाया गया.



COVID-19
यह शोध दुनिया के अन्य शोधकर्ताओं की मदद करेगा.




शोधकर्ताओं को इससे उम्मीद है कि उनको मिले नतीजे उन वैज्ञानिकों की सहायता करेंगे जो केविड-19 का इलाज ढूंढ रहे हैं या किसी दवा का परीक्षण कर रहे हैं.

शोध में शामिल एलेक्सके शैलेक का कहना है, ”हमारा उद्देश्य अपने समूह से बाहर अपने आंकड़े जल्द से जल्द साझा करना है जिससे  दुनिया में लगे दूसरे शोधकर्ताओं के प्रयासों को गति मिल सकते. साइंस डायरेक्ट के लेख के अनुसार यह शोधपत्र सेल में प्रकाशित हुआ है.

सार्स कोव-2 के फैलने के बाद जल्दी ही वैज्ञानिकों ने पाया कि इस वायरस में एक स्पाइक प्रोटीन है जो मानवीय कोशिका के एक रिसेप्टर से जुड़ जाता है. जिसे एंगियोटेन्सिन कनवर्टिंग एंजाइम 2 (ACE2) कहते हैं, इसके अलावा एक और मानवीय प्रोटीन एंजाइम है जिसमें  TMPRSS2 कहते हैं, भी कोरोना वायरस को सक्रिय करने में मदद करता है जिससे वह कोशिका में प्रवेश कर सके. कोशिका से जुड़ना और सक्रिय होने से वायरस कोशिका में प्रवेश कर जाता है.

Corona
शोधकर्ताओं ने अपना शोध अन्य शोधकर्तओं से साझा किया हैं.


शोधकर्ता जोस ओर्डोवास मोटोन्स ने बताया, “जैसे ही हमने इन प्रोटीन की भूमिका पहचान कर इसकी पुष्टि की, हमें देखना शुरू किया कि हमारे डेटाबेस में इनके जीन की जानकारी कहां है. इसके बाद हमने यह जानने की कोशिश की कि वायरस वास्तव में किन कोशिकाओं को अपना निशाना बनाते हैं. “

शैलेक लैब और दुनिया की बहुत सी लैब में इस बात पर शोध हुआ है कि किस कोशिका में कौन सा जीन सक्रिय रहता है. इसके लिए उन्होंने RNA सीक्वेंसिंग तकनीक का उपयोग किया है. इस टीम ने बहुत सी ऐसी कोशिकाओं का अध्ययन किया जो फेफड़ों, नासिका द्वार और आतों की थीं. ऐसा उन्होंने इसलिए  किया क्योंकि संक्रमण के शुरुआत से सी इस वायरस ने इन्हें निशाना बनाया था. इसके बाद उन्होंने उन अंगों की कोशिकाओं से तुलना की जो संक्रमित नहीं हुए थे.

ये आंकड़े खास तौर पर कोविड-19 के अध्ययन के लिए नहीं थे, लेकिन इससे उन्हें अपने शोध के लिए पर्याप्त जानकारी मिल सकती थी.

Corona
कोरना वायरस कुछ खास कोशिकाओं पर ज्यादा प्रभावी हमला करता है. (प्रतीकात्मक तस्वीर)


शोधकर्ताओं ने नाक के अंदर गोब्लेट सीक्रेटरी सेल्स मिली जिससे म्यूकस निकलता है. इन कोशिकाओं के RNA के दोनों प्रोटीन इसमें होते हैं जिन्हें सार्स कोव-2 संक्रमण फैलाता है. इसी तरह उन्हें फेफड़ों में टाइप 2 न्यूमोसाइट्स कोशिकाएं मिली. यही कोशिकाएं फेफड़ों में हवा के आने जाने के लिए एल्वेओली बनाती है. इसी तरह से आंतों में एबसोर्प्टिव एट्रोसाइट्स कोशिकाएं पोषक तत्वों को अवशोषित करने का काम करती है.

ओर्डोवास मोटोन्स का कहना है कि यह अध्ययन एक बेहतर तस्वीर दे रहा है. आंकड़ों में शोधकर्ताओं को एक और बात देखी कि ACE2 जीन का इंटरफेरॉन प्रोटीनसे भी संबंध है जो वायरस संक्रमण में सक्रिय हो जाता है.  शोधकर्ताओं ने पाया कि एंटरफेरॉन ACE2 को भी सक्रिय करता है. एंटरफेरॉन वायरस से लड़ने के साथ वायरस को अन्य कोशिकाओं को संक्रमित करने क मौके भी दे रहा है.

शोधकर्ताओं को लगता है कि इससे अन्य शोधकर्ताओं को अपने शोध में मदद मिल सकती है. वे अपने अध्ययन में इन कोशिकाओं को खासतौर पर शामिल कर सकते हैं.

यह भी पढ़ें:

वैज्ञानिकों ने बनाया खास डिवाइस, जानिए कोरोना के खिलाफ होगा कितना मददगार

वैज्ञानिकों ने पहली बार देखा दो अलग ब्लैकहोल का विलय, जानिए क्यों है यह खास

अंतरिक्ष में गायब हो गया एक ग्रह, जानिए वैज्ञानिकों ने कैसे सुलझाई ये पहेली

खुद को तेजी से बदलने लगा है कोरोना, चीन में मिले इस वायरस के 30 प्रकार

वैज्ञानिकों ने बनाया खास प्लास्टिक , पर्यावरण को बचाने में ऐसे करेगा मदद
अगली ख़बर

फोटो

टॉप स्टोरीज

corona virus btn
corona virus btn
Loading