हां मैंने वो अवार्ड खरीदा था, जिस पर अमिताभ की नजर थी-ऋषि की 05 खुल्लमखुल्ला बातें

हां मैंने वो अवार्ड खरीदा था, जिस पर अमिताभ की नजर थी-ऋषि की 05 खुल्लमखुल्ला बातें
ऋषि कपूर की आत्मकथा "खुल्लमखुल्ला" का कवर

वर्ष 2017 में ऋषि कपूर की आत्मकथा खुल्लमखुल्ला प्रकाशित हुई. ये इतनी बेबाकी से लिखी गई थी कि इस पर कई विवाद भी हुए. कई लोग उनसे इसे लेकर नाराज भी हुए. इसी किताब की पांच ऐसी बातें, जिसे पढ़कर लोग चौंक उठे थे

  • News18Hindi
  • Last Updated: April 30, 2020, 2:18 PM IST
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ऋषि कपूर ने जब 2017 में अपनी आत्मकथा खुल्लमखुल्ला प्रकाशित की तो वो वाकई काफी खुल्लमखुल्ला बातें करने वाली किताब थी. उसमें उन्होंने बहुत बेबाकी के साथ अपने जीवन, परिवार और अभिनेत्रियों के बारे में खुलकर लिखा. यहां तक कि उन्होंने अपने पिता राजकपूर के बारे में भी साफ लिखा कि शादी के बाद भी उनके कई महिलाओं से रिश्ते थे.

आइए जानते हैं ऋषि कपूर की आत्मकथा खुल्लमखुल्ला की 05 वो बातें, जिन्हें पढ़कर आप भी हैरान रह जाएंगे

1. पिता के एक्स्ट्रा मेरिटल संबंधों पर
ऋषि कपूर ने ईमानदारी से आत्मकथा में लिखा कि उनके पिता के मां कृष्णा राज कपूर से शादी होने के बाद भी कई महिलाओं से अफेयर थे. मैं तब बहुत युवा था, जब मेरे पिता का अफेयर नरगिस जी के साथ था. हालांकि इसका असर घर में नहीं दिखता था. इसके बाद पापा का अफेयर वैजयंतीमाला से चला. इस पर मां बहुत नाराज भी हुईं. उन्होंने इस प्रकरण खत्म करके ही दम लिया.
2. अपने पहले प्यार पर


मेरी पहली गर्ल फ्रेंड पारसी लड़की यास्मीन मेहता थी. जिसे मैं नीतू के जीवन में आने से पहले डेट करता था. 1973 में बॉबी रिलीज होने के बाद स्टारडस्ट मैगजीन ने मेरी और डिंपल के बीच रोमांस पर एक बड़ी कवर स्टोरी छापी. लेकिन डिंपल अब तक राजेश खन्ना से शादी कर चुकी थीं लेकिन इससे मेरा और यास्मीन का रिलेशन खत्म हो गया. मैने बहुत कोशिश की कि उसको मना सकूं लेकिन वो राजी ही नहीं हुई.

3. राजेश खन्ना ने ऋषि की अगूंठी क्यों फेंकी थी.
जब मैं यास्मीन के साथ डेट कर रहा था जब उसने मुझको एक अंगूठी दी थी. जब मैं डिंपल के साथ बॉबी फिल्म कर रहा था तो डिंपल ने इसे खुद निकालकर पहन लिया. वो इसको तब तक पहने रही जब तक कि राजेश खन्ना ने उनको प्रपोज नहीं कर दिया. जब राजेश खन्ना ने डिंपल की अंगुली में मेरी उस अंगूठी को देखा तो उसको उतारकर समुद्र में फेंक दिया, जो उसके घर के करीब था. वैसे सच्चाई ये है कि मैंने कभी डिंपल से प्यार नहीं किया और ना ही उसकी ओर जरा सा भी झुकाव रहा.

4. डिप्रेशन में अपनी नाकामी नीतू पर मढ़ते थे
हर किसी की जिंदगी में उतार-चढ़ाव आते हैं. ऐसा ही ऋषि के साथ भी हुआ. अपनी आत्मकथा में वो लिखते हैं, जब बॉबी फिल्म सुपरहिट हो गई तो उन्हें अपनी दूसरी फिल्मों से भी यही उम्मीद थी लेकिन वो बॉक्स ऑफिस पर फेल हो गईं. इस समय तक उनकी शादी नीतू कपूर से हो गई. जब उनकी कई फिल्में अच्छा नहीं कर पाईं तो वो डिप्रेशन में आ गए. ऐसे में उन्होंने नीतू तो दोष देना शुरू किया. उनके रिश्तों पर इसका खराब असर पड़ा. नीतू उस समय प्रेग्नेंट थी, रिद्धिमा होने वाली थी. खैर मैं किसी तरह अपने सपोर्टिंव सहयोगियों की मदद से इस हालत से निकल पाया. इस काम में परिवार और दोस्तों ने भी मदद की. लेकिन मुझको आज भी लगता है कि मैंने उसके साथ कितना गलत किया था.

5. हां, मैने फिल्म अवार्ड खरीदा
ऋषि कपूर ने स्वीकार किया कि कभी-कभी में काम के दौरान उनका अमिताभ बच्चन से कोल्ड वार चल रहा था. शायद इसलिए क्योंकि उन्होंने एक ऐसा अवार्ड जीता था, जिस पर अमिताभ की नजर थी. मैंने बॉबी के लिए बेस्ट एक्टर अवार्ड जीता. मैं श्योर हूं कि अमिताभ को लगता था कि ये अवार्ड उन्हें जंजीर के लिए मिलना चाहिए था, जो उसी साल रिलीज हुई थी. मैं ये कहते हुए शर्मिंदा हूं कि लेकिन ये सही है कि मैंने वो अवार्ड खऱीद लिया था. उन्होंने पीआरओ तारकनाथ गांधी का जिक्र करते हुए लिखा, 'गांधी ने मुझसे कहा, सर तीस हजार दे दो, तो आप को मैं अवार्ड दिला दूंगा. मैने इससे ज्यादा कुछ नहीं किया लेकिन ये बात सही है कि मैंने बगैर कुछ सोचे उसको पैसा दे दिया था.'

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