महासागरों में नदियां जमा कर रही हैं जला हुआ कार्बन, जानिए क्या है ये सिस्टम

महासागरों में नदियां जमा कर रही हैं जला हुआ कार्बन, जानिए क्या है ये सिस्टम
दुनिया भर की नदियां बड़ी मात्रा में जला हुआ कार्बन महासागरों में पहुचाती हैं. (प्रतीकात्मक तस्वीर)

हर साल संसार की नदियां (Rivers) लाखों टन का जला हुआ कार्बन (Burned Carbon) महासागरों (Oceans) में ले जाकर हजारों सालों के लिए जमा कर रही हैं.

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नई दिल्ली:  इस साल जंगलों की आग (Wildfires) ने भी दुनिया को बहुत परेशान किया है. ऑस्ट्रेलिया और ब्राजील में अमेजन के जंगलों की आग पर्यावरणविदों (Envrionmentalists) के लिए गहन चिंता का विषय बना हुआ है. विश्व पर्यावरण दिवस पर जहां दुनिया के सामने एक और मौका है जहां सभी पर्वावरणविद  इस बात पर फिर से मनन करेंगे कि ऐसी आपदाओं को कैसे रोका जा सका है पर्यावरण संरक्षण की मुहिम को कैसे और तेज, व्यापक और कारगर बनाया जा सके. इसी बीच शोधकर्ताओं ने यह पता लगाया है कि पेड़ों के जलने के बाद कितना कार्बन (Carbon) नदियों (Rivers) में बहकर महासागरों (Oceans) में चला जाता है.

हजारों सालों के लिए जमा हो रहा है महासागरों में कार्बन
ईस्ट एंजलिया यूनिवर्सिटी (UEA) के एक शोध में वैज्ञानिकों ने पाया है कि हमारी पृथ्वी की नदियां हजारों सालों के लिए जला हुआ कार्बन समुद्र में जमा कर रही हैं. हाल ही में नेचर कम्यूनिकेशंस में प्रकाशित इस अध्ययन में इस बात का आंकलन किया गया कि हमारी नदियां महासागरों में कितना जला हुआ कार्बन ले जा कर जमा करती हैं.

कितनी नदियों का किया अध्ययन



शोधकर्ताओं ने पृथ्वी की इस प्रक्रिया को अनोखी बताया. उनके मुताबिक नदियां जले हुआ कार्बन की आश्चर्य जनक मात्रा महासगारों तक ले जाती हैं. शोधकर्ताओं ने अंटार्किटिका के अलावा दुनिया की 78 नदियों का अध्ययन किया और देखा कि वे कितनी मात्रा में घुला हुआ कार्बन अपने साथ ले जाती है.



आग लगने से क्या होता है कार्बन का
इस अध्ययन केप्रमुख शोधकर्ता डॉ मैथ्यू जोंस का कहना है कि आग से बहुत सारा कार्बन समृद्ध सामग्री जैसे चारकोल या राख मिट्टी में मिल जाती है. यह कार्बन लंबे समय के लिए पृथ्वी में जमा हो जाता है क्योंकि यह अन्य बिना जले हुए कार्बन के मुकाबले ग्रीनहाउस गैसों में बहुत धीरे बदलता है.

Wild fires
हाल ही में जंगलों में आग की घटनाएं बढ़ी हैं.


ज्यादा लंबे समय के लिए जमा होता है वहां कार्बन
डॉ जोंस ने कहा, “हम जानते हैं कि यह जला हुआ कार्बन धरती के मुकाबले महासागरों में 10 गुना ज्यादा समय में टूटता है. इस प्रक्रिया को जानने के बाद हमने यह जानना चाहा कि आखिर नदियों से कितना जला हुआ कार्बन महासागरों में पहुंचता है.

कितना कार्बन जाता है महासागरों में
78  नदियों के 409 अवलोकनों से शोधकर्ताओं ने यह पता लगाया कि जले हुए कार्बन की मात्रा अलग-अलग जगहों की नदियों में कितनी रहती है. उन्होंने पाया कि सालाना एक करोड़ 80 लाख टन का जला हुआ कार्बन नदियां से महासागरों के साथ जाता है. जब अवसाद के साथ मिला हुआ कार्बन इसमें जोड़ा जाए तो यह मात्रा 4.3 करोड़ टन कार्बन प्रति वर्ष हो जाती है. शोधकर्ताओं के लिए हैरानी की बात यह थी कि पूरे कार्बन का 12 प्रतिशत ही जले हुए पेड़ों का कार्बन था.

और जला हुआ कार्बन कितना होता है
संसार में आग से करीब दो अरब टन का कार्बन हर साल जलता है. इससे करीब 25 करोड़ टन का कार्ब चारकोल और राख के तौर पर जले हुए काबर्न के रूप में छूटता है जिसमें से आधा लंबे समय तक रहने वाला ‘काला कार्बन’ होता है. अध्ययन में पाया गया है कि काले कार्बन का एक तिहाई महासागरों में पहुंच जाता है.

Ocean
महासागरों में हजारों सालों के लिए यह कार्बन जमा हो रहा है. (प्रतीकात्मक तस्वीर)


कार्बन का इस तरह से लंबे समय के लिए जमा होना अच्छी बात है. इस काले कार्बन को कार्बन डाइऑक्साइड में बदलने में हजारों साल लग जाते हैं. शोधकर्ताओं को उम्मीद है कि जिस तरह से दुनिया के जंगलों में हर साल आग लग रही है और ज्यादा जला हुआ कार्बन महासागरों में जाएगा.

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First published: June 4, 2020, 7:58 PM IST
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