ईरान का डर, ब्रिटेन ने अपने जहाजों की सुरक्षा के लिए भेजे युद्धपोत

ब्रिटेन की सरकार ने रॉयल नेवी को ब्रिटिश जहाजों की सुरक्षा के लिए भेजा है


Updated: July 26, 2019, 8:19 PM IST
ईरान का डर, ब्रिटेन ने अपने जहाजों की सुरक्षा के लिए भेजे युद्धपोत
ब्रिटेन के पूर्व सचिव जेरेमी हंट ने ब्रिटिश संसद को बताया कि सोमवार तक व्यवसायिक जहाजों की सुरक्षा के लिए युद्धपोतों को भेजा गया है.

Updated: July 26, 2019, 8:19 PM IST
पिछले कुछ दिनों पहले ईरान के रेवॉल्यूशनरी गार्ड्स ने होरमुज की खाड़ी में ब्रिटिश तेल टैंकर 'स्टेनो इमपीरो' को जब्त किया था. अब ब्रिटेन ने खाड़ी में बढ़ते तनाव की स्थिति को देखते हुए होर्मूज स्ट्रेट से गुजरने वाले अपने सभी जहाजों की सुरक्षा के लिए यु्द्धपोत तैनात करने का निर्णय लिया है. ब्रिटेन सरकार के एक प्रवक्ता ने कहा कि रॉयल नेवी को ब्रिटिश जहाजों की सुरक्षा की जिम्मेदारी दी है. व्यापारिक जरूररतों के लिए बिना किसी डर के जहाजों की आवागमन बनाए रखना जरूरी है. इसके लिए वो हर तरह के कदम उठाएंगे.

ईरान के रेवॉल्यूशनरी गार्ड्स ने होरमुज की खाड़ी में ब्रिटिश तेल टैंकर को जब्त किया था.


ईरान और बिच पिछले कुछ दिनों से तनाव लगातार बढ़ते जा रहे हैं. 4 जुलाई को ब्रिटेन के नियंत्रण क्षेत्र में आने वाले गिब्राल्टार में एक ईरानी तेल टैंकर को ब्रिटिश सेना ने अपने कब्जे में ले लिया था. ब्रिटेन के विदेश मंत्रालय ने कहा था कि ये ईरानी तेल टैंकर यूरोपियन यूनियन के प्रतिबंधों का उल्लंघन कर रहा था, जिसकी वजह से उसे कब्जे में लिया गया. इसके जवाब में ईरान ने ब्रिटिश तेल टैंकर 'स्टेनो इमपीरो' को जब्त किया था. हलांकि ईरान के विदेश मंत्री मोहम्मद जावद जरीफ के मुताबिक ब्रिटिश जहाज को बदले की कार्रवाई की वजह से नहीं पकड़ा गया था. उनके मुताबिक ये मामला संप्रभुता की रक्षा का है.

नेवल शिप


ब्रिटिश सरकार पहले से ही ब्रिटिश जहाजों को होर्मूज स्ट्रेट में गुजरने से बचने की सलाह दी थी. इस रूट के आवागमन पर नौसेना को सूचना देने को कहा था. होर्मूज स्ट्रेट ईरान और ओमान के बीच संकरे जल क्षेत्र का नाम है. ये स्ट्रेट खाड़ी जल क्षेत्र में काफी अहमियत रखता है.

तेल टैंकर


ब्रिटेन के पूर्व सचिव जेरेमी हंट ने ब्रिटिश संसद को बताया कि सोमवार तक व्यवसायिक जहाजों की सुरक्षा के लिए युद्धपोतों को भेजा गया है. यूके चैम्बर ऑफ शिपिंग ट्रेड असोसिएशन ने अपनी सरकार के इस कदम की तारीफ की है. चीफ एग्जेक्यूटिव बॉब सैंग्युनेट्टी ने कहा कि इस अनिश्चित माहौल में सरकार के इस साहसिक कदम से व्यापारियों को जरूरी सुरक्षा मिलेगी. उनकी सरकार इस तनाव को समाप्त करने के लिए प्रयास करती रहेगी.
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ब्रिटिश यु्द्धपोत


इस विवाद को खत्म करने के लिए ईरान के राष्ट्रपति हसन रोहानी ने लंदन और तेहरान के बीच जब्त टैंकरों की अदला-बदली और समझौते का जिक्र भी किया है. उन्होंने कैबिनेट बैठक में कहा कि अगर ब्रिटेन गिब्रल्टार में गलत कदम नहीं उठाता है तो उन्हें ईरान की ओर से भी अच्छे संकेत मिलेंगे.

ईरान का झंडा


पूरी दुनिया के तेल का एक-पंच भाग होर्मूज स्ट्रेट से होते हुए गुजरता है. इस घटना के बाद तमाम तेल कंपनियां वहां पहले से कहीं ज्यादा सुरक्षा गार्ड्स की नियुक्ति कर रही है. लगभग 15 से 30 ब्रिटिश जहाज रोज इन इलाकों से होकर गुजरते हैं. इनमें से तीन जहाज होर्मूज स्ट्रेट से होते हुए निकलते हैं. ईरान पर पहले से ही यूएन, अमेरिका और यूरोपियन यूनियन के द्वारा भारी प्रतिबंधों लगे हुए हैं. अगर ऐसे ही विवाद बढ़ते रहे तो आने वाले वक्त ईरान के लिए आसान नहीं होगा.

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First published: July 26, 2019, 8:18 PM IST
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