रूस ने बनाई जानवरों के लिए कोरोना वैक्सीन, जानिए क्यों बताया उसे अहम

वैज्ञानिकों का कहना है कि जानवरों की इस वैक्सीन (Animal Vaccine) ने वायरस का म्यूटेशन रुकेगा. (प्रतीकात्मक तस्वीर: shutterstock)

वैज्ञानिकों का कहना है कि जानवरों की इस वैक्सीन (Animal Vaccine) ने वायरस का म्यूटेशन रुकेगा. (प्रतीकात्मक तस्वीर: shutterstock)

रूस (Russia) की एक कंपनी ने जानवरों के लिए कोरोना वायरस (Corona Vaccine) की वैक्सीन बनाई है. उसका दावा है कि इससे जानवरों में वायरस म्यूटेशन (Virus Mutation) को रोका जा सकेगा.

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रूस (Russia) ने हाल ही में घोषणा की है कि उसने जानवरों (Animals) के लिए दुनिया की पहली कोरोनावायरस वैक्सीन (Coronavirus Vaccine) का पंजीकरण कराया है. रूसी शोधकर्ताओं का कहना है कि यह वायरस के म्यूटेशन को रोकने  के लिए बहुत अहम कदम है. इस वैक्सीन का बड़े पैमाने पर उत्पादन अप्रैल के महीने में ही शुरू हो सकता है. इस वैक्सीन पर काम करने वाली एजेंसी का कहना है कि कार्निवैक-कोव (Carnivak-Cov) को पिछले साल अक्टूबर से कुत्तों, बिल्लियों, लोमड़ियों और अन्य जानवरों पर परीक्षण किया गया है और यह काफी प्रभावी साबित भी हुई है.

सभी में विकसित हुईं एंटिबॉडीज

इस वैक्सीन को बनाने वाली कंपनी रोसेलक्होज्नेड्जोर के उप प्रमुख कोन्सतान्तिन सेवनकोव का कहना है कि सभी जानवरों जिन्हें यह वैक्सीन दी गई उनमें एंटीबॉडीज विकसित हुईं. यह दुनिया की पहली और एकमात्र ऐसा उत्पाद है जो जानवरों में कोविड-19 के संक्रमण को रोका जा सकता है.

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रोसेलक्होज्नेड्जोर ने डेनमार्क में पिछले साल केवल कुछ संक्रमण पाए जाने पर 1.5 करोड़ मिंक जानवरों को खत्म करने के फैसले का उदाहरण देते हुए बताया कि इस वैक्सीन के विकास से जानवरों में म्यूटेशन रोका जा सकेगा और जानवरों से इंसानों में संक्रमण के खतरे को भी खत्म किया जा सकता है. कंपनी ने अपने बयान में कहा कि वैज्ञानिकों का कहना है कि वैक्सीन का उपयोग वायरस म्यूटेशन के विकास को रोकेगा.

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यह पहली बार है कि जानवरों (Animals) के लिए कोई वैक्सीन निकाली गई है. (सांकेतिक फोटो)


मिलने लगे हैं ऑर्डर



एजेंसी का कहना है कि ग्रीस, पोलैंड, ऑस्ट्रिया, अमेरिका, कनाडा और सिंगापुर के जानवरों क पालने वाले केंद्र और निजी कंपनियों ने कार्निवैक-कोव में दिलचस्पी दिखाई है. रूस के दूसरे बड़े शहर सेंट पीटरबर्ग्स के सैन्य अधिकारियों ने घोषणा की है कि सेना में कुत्तों को वैक्सीन लगावना अनिवार्य कर दिया जाएगा. उनके मुताबिक यह काम उन्हें हवाई अड्डों पर तैनाती और  मई में द्वितीय विश्व संबंधी देशव्यापी समारोहों से पहले पूरा कर लिया जाएगा.

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पशु चिकित्सकों को कोई जल्दी नहीं

वहीं पशु चिकित्सकों और फर उत्पादकों का कहना है कि वे जानवरों को फौरन वैक्सीन लगवाने की कोई जल्दबाजी नहीं देख रहे हैं. मास्को में एक वेटनरी क्लीनिक ने कहा कि वह और जानकारी का इंतजार कर ररे हैं लेकिन् फिलहाल कुत्तों बिल्लियों को वैक्सीन लगवाने का कोई कारण नहीं देखते हैं.

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रूस (Russia) में जानवरों में अभी कोरोना संक्रमण के मामले नहीं दिखाई दिए हैं. (प्रतीकात्मक तस्वीर: Pixabay)


जानवरों में अभी संक्रमण नहीं

क्लीनिक का कहना है कि अभी तक ऐसा कोई प्रमाण सामने नहीं आया है जो कहता हो कि जानवर कोविड-19 के संवाहक (Carrier) हैं.  इसी प्रकार फर ब्रीडर एसोसिएशन के प्रमुख नादजेहदा जुबकोवा का कहना है कि रूसी फर उत्पादकों को जानवरों में कोरोना वायरस के कोई संक्रमण देखने को नहीं मिले हैं.

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वैक्सीन पर संदेह भी

जुबकोवा ने यह भी कहा कि कुछ जानवरों को ट्रायल के दौरान  वैक्सीन लगी थी और वे पूरी तरह से ठीक महसूस कर रहे हैं. यह अच्छी वैक्सीन है. जुबकोवा की एसोसिएशन में 20 लाख जानवरों वाले फार्म शामिल हैं जिसमें मिंक और लोमड़ी भी शामिल हैं. वैसे तो रूस इस वैक्सीन ने देश विदेश में प्रोमोशन कर रहा है, लेकिन इसे पश्चिम और यहां तक कि रूस में भी संदेह की निगाह से देखा जा रहा है
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