रूसी स्पेस एजेंसी प्रमुख ने दी ISS छोड़ने की धमकी, यह जताई आशंका

रूस पहले से ही इंटरेशनल स्पेस स्टेशन (ISS) छोड़ने के संकेत दे चुका है. (प्रतीकात्मक तस्वीर: shutterstock)

रूस पहले से ही इंटरेशनल स्पेस स्टेशन (ISS) छोड़ने के संकेत दे चुका है. (प्रतीकात्मक तस्वीर: shutterstock)

रूस (Russia) की स्पेस एजेंसी रोसकोसमोस के प्रमुख ने कहा है कि अगर अमेरिका (US) अंतरिक्ष प्रतिबंध नहीं हटाता है तो वह इंटरनेशल स्पेस (ISS) स्टेशन को छोड़ देगा.

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हाल के कुछ सालों में दुनिया के कई देशों की अंतरिक्ष अनुसंधान में गतिविधियां बढ़ी हैं. इसी को देखते हुए अमेरिकी स्पेस एजेंसी ने आर्टिमिस करार तैयार किया है जो अंतरिक्ष उत्खनन के लिए एक तरह की नीति निर्देशिका की तरह काम करेगा. इसी बीच रूस (Russia) की स्पेस एजेंसी रोसकोसमोस का कहना है कि अगर अमेरिका (US) ने रूस पर लगाए अंतरिक्ष प्रतिबंध नहीं लगाए तो वह इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन (ISS) कार्यक्रम से हट जाएगा.

क्या कहा रोसकोसमोस प्रमुख ने

रूसी संसद ड्यूमा में हुई एक सुनवाई के दौरान रोसकोसमोस के डायरेक्टर जनरल दिमित्रि रोगोजिन ने कहा, “यदि अमेरिका ने रूसी अंतरिक्ष कार्यक्रम से प्रतिबंध नहीं हटाए तो रूस के इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन से रूस के  हटने के लिए अमेरिका ही जिम्मेदार होगा. या तो हम साथ काम करें जिसके लिए अमेरिका को फौरन ही पाबंदियां हटानी होगी या फिर हम साथ काम नहीं करेंगे और हम खुद का ही स्टेशन स्थापित करेंगे.

इन कंपनियों पर लगाई है पाबंदी
दिसंबर में ट्रम्प प्रशासन ने अमेरका के जेएससी रॉकेट एंड स्पेस सेंटर प्रोग्रेस और जेएससी सेंट्रल रिसर्च इंस्टीट्यूट ऑफ मशीन बिल्डिंग (TsNIIMash) कंपनियों पर रूसी सेना के साथ संबंध होने के कारण प्रतिबंध लगाए थे. अमेरिकी वाणिज्य विभाग ने इस प्रतिबंध की श्रेणी में रूस के विदेशी खुफिया विभाग सहित 42 अन्य रूसी और 58 चीनी कंपनियों को रखा  है.

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रूस (Russia) खुद का अपने स्पेस स्टेशन बनाने की तैयारी शुरू कर चुका है. (प्रतीकात्मक तस्वीर: shutterstock)

और यह अंदेशा



सीएनबीसी के अनुसार अमेरिका के कोष विभाग और नासा ने इस बारे में अभी तक कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है वही सीएनएन की रिपोर्ट के मुताबिक अमेरिकी स्पेस एजेंसी नासा ने आशंका जताई है कि रूस के इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन से पीछे हटना नई स्पेस रेस को जन्म देगा लेकिन नासा और अमेरिका दोनों का यह भी कहना है कि वे नहीं चाहते कि रूस पीछे हटे.

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क्या कहना है नासा प्रमुख का

इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन साल 1998 में अंतरिक्ष में स्थापित हुआ था जिसमें कई अमेरिका और रूस सहित बहुत से देशों ने इसमें भाग लिया है. लेकिन यह पहली बार नहीं है कि रूस ने आईएसएस कार्यक्रम छोड़ने के संकेत दिए हैं. नासा प्रमुख बिल नेल्सन ने कहा, “रूस का यह कार्यक्रम छोड़ना ठीक नहीं होगा. दशकों तक हमने अंतरिक्ष में रूसियों का सहयोग किया है और मैं चाहता हूं कि यह सहयोग जारी रहे.”

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अंतरिक्ष क्षेत्र की गतिविधियां इशारा कर रही हैं कि अंतरिक्ष प्रतिस्पर्धा (Space Race) शुरू हो गई है. (फाइल फोटो)

क्या अंतरिक्ष प्रतिस्पर्धा शुरू हो गई है

उल्लेखनीय है कि पिछले कुछ समय से अमेरिका और रूस दोनों ही अंतरिक्ष अनुसंधान के क्षेत्र में नए सहयोगी बनाने शुरू कर दिए हैं. जहां दक्षिण कोरिया और न्यूजीलैंड आर्टिमिस करार के तहत अमेरिका से जुड़े हैं. तो वहीं रूस ने सऊदी अरब और चीन से जुड़ गया है. रूस और चीन ने चंद्रमा पर एक प्रयोगशाला तक बनाने के लिए करार किया है.

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और चीन भी पीछे नहीं

वहीं चीन मंगल पर अपने रोवर सफलता पूर्वक उतार चुका है. वह खुद का इंटरनेशनल अंतरिक्ष स्टेशन भी स्थापित कर रहा है और उसका प्रमुख मॉड्यूल स्थापित हो चुका है और वह जुलाई तक तीन अंतरिक्ष यात्री भी उसमें भेजने की तैयारी में है. इस बीच नासा की योजना साल 2024 तक चंद्रमा पर दो यात्री उतरने पर काम कर रहा है जिसमें एक महिला होगी.

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