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जानिए रूस क्यों कर रहा है ISS को बदलने की बात

रूस (Russia) का कहना है कि वह ISS को अपने स्पेस स्टेशन से बदलना चाहता है.
रूस (Russia) का कहना है कि वह ISS को अपने स्पेस स्टेशन से बदलना चाहता है.

रूस (Russia) का कहना है कि इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन (ISS) के बहुत सारे हिस्से खराब और बेकार हो रहे हैं और वह खुद ही स्टेशन को बदलने (Replacement) की तैयारी कर रहा है.

  • News18Hindi
  • Last Updated: November 29, 2020, 3:51 PM IST
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इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन (International Space Station) अपने मिशन की लंबाई से ज्यादा समय तक काम कर चुका है. फिर भी यह कुछ साल और चल सकता है. चीन (China) अपने एक खुद का इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन तैयारी काफी समय से कर रहा है. अब रूस (Russia) अपने पुराने स्पेस स्टेशन मीर (Mir Space Station) जैसे ही एक खुद का स्पेस स्टेशन ISS से बदलने (Replacement) के बारे में विचार कर रहा है.

रूस खुद लेगा पूरी जिम्मेदारी
रूस का इरादा साल 2024 तक अपना स्पेस स्टेशन लॉन्च कर सकता है जो इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन की जगह ले सकेगा.  फिलहाल ISS  साल 2030 तक काम कर सकता है, लेकिन ऐसे संकेत मिल रहे हैं जिनसे लगता है कि ऐसा हो नहीं पाएगा. रूस के इस नए स्टेशन में तीन से सात मॉड्यूल होंगे जिसमें चार लोगों के लिए जगह हो सकती है.

क्यों है रूस का ऐसा इरादा
आईएसएस के रूसी हिस्सा का संचालन करने वाली कंपनी आरएससी एनर्जिया के पहले डिप्टी डिजाइनर जनरल व्लादिमीर सोलोवयोव ने रूस की योजनाओं के बारे में बताया. उनके मताबिक आईएसएस के बहुत सारे हिस्सों ने पहले से ही काम करना बंद कर दिया है और 2025 से हालात और खराब होते जाएंगे.



केवल 2025 तक ही
सोलोवयोव ने बताया, “साल 2025 तक रूस का आईएसएस की भागीदारी का कारर है.  इसके बहुत बहुत सारी हिस्से बहुत खराब हो चुके हैं और उनकी सेवाएं भी बंद हो गई हैं. इनमें से कई को बदला भी नहीं जा सकता. हमें लगता है कि 2025 के बाद स्टेशन के बहुत से हिस्से नाकाम होने लगेंगे.

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इटरनेशनल स्पेस स्टेशन (ISS) के बारे में माना जार हा है कि यह साल 2030 तक काम कर सकता है.


लगातार आ रही  हैं समस्याएं
ISS में लागातार समस्याएं आ रही हैं. पिछले महीने रूस के ज्वेज्दा मॉड्यूल में दरार आ गई थी. उस समय पूर्व अंतरिक्ष यात्री इवान वेग्नर का कहना था कि यह वियर एंड टियर यानि उपयोग के कारण हुई टूट फूट का नतीजा है. उन्होंने आगे कहा कि सभी स्पेस स्टेशन के लिए 20 साल का समय बहुत शानदार है.

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जल्दबाजी तो नहीं
फिलहाल करार के मुताबिक रूस साल 2025 तक इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन कार्यक्रम में भाग ले सकता है.  उसके बाद उसकी कीमत बहुत ही ज्यादा हो जाएगी. वहीं रोसकोसमोस के प्रमुख दिमित्री रोगोजिन का कहना है कि अंतरराष्ट्रीय प्रजोक्ट को खत्म करना जल्दबाजी होगी, लेकिन कुछ मॉड्यूल बदले जा सकते हैं.

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हाल ही में ISS के रूसी मॉड्यूल में दरार आने की खबर आई थी. (प्रतीकात्मक तस्वीर: Pixabay)


अभी काफी गुंजाइश
रोगोजिन ने ट्विटर पर लिखा, “मुझे लगता है कि स्टेशन को बंद करना बहुत जल्दबाजी होगी. मुझे अभी आईएसएस काफी सक्षम लगता है. उसमें  अभी स्पेस टूरिज्म और निजी स्पेस कंपनी की भागीदारी की बहुत गुंजाइश है.” बाद में रोसकोसमोस ने सफाई दी कि सोलोवयोव की टिप्पणीयां केवल जानकारी की तरह थे और उनमें किसी तरह से आईएसएस से भागीदारी खत्म करने का प्रस्ताव नहीं था.

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यह है तैयारी
रूस के ISS को उसके बनाए स्टेशन से बदलने का प्रस्ताव फिलहाल तैयारी के स्तर पर है, लेकिन इसकी योजना 2024 के बाद लागू करने कीहै. रूस का ऑर्बिटल  स्टेशन स्वचालित होगा लेकिन उसका संचालन दो से चार लोग करेंगे. मई के महीने में ही रोगोजिन ने आईएसएस को बदलने पर काम जारी रहने की बात की थी. लेकिन यह स्पष्ट नहीं किया गया था कि यह कैसे होगा.
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