होम /न्यूज /ज्ञान /

कैसे पुतिन के सुरक्षाकर्मियों को मिलीं महंगी जमीनें और ताकत के साथ अमीरी

कैसे पुतिन के सुरक्षाकर्मियों को मिलीं महंगी जमीनें और ताकत के साथ अमीरी

व्लादिमीर पुतिन (Vladimir Putin) के पुराने सुरक्षा कर्मी आज रूस में बहुत अमीर हो गए हैं. (तस्वीर: Wikimedia Commons)

व्लादिमीर पुतिन (Vladimir Putin) के पुराने सुरक्षा कर्मी आज रूस में बहुत अमीर हो गए हैं. (तस्वीर: Wikimedia Commons)

रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन (Vladimir Putin) के सुरक्षा रहे लोग (Bodygaurds) आज रूप में अमीरों (Russian Riches) का श्रेणी में गिने जाता है. पिछले साल में लंबे समय से पुतिन विश्वस्त रहे लोगों की जमीनी संपत्ति और ताकत में खूब इजाफा हुआ है और आज वे देश के बड़े अमीरों में शुमार किए जाते हैं. इसके पीछे रूसी नेताओं का पुतिन की उम्मीदों पर खरा ना उतर पाना भी एक बड़ी वजह है.

अधिक पढ़ें ...

    इस समय रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन (Vladimir Putin) ऐसे राजनेता हैं जिनके बारे में दुनिया सबसे ज्यादा जानना चाहती है. नाटो की भागीदारी के मामले में यूक्रेन पर रूस के हमले (Russia Ukraine War) के बाद से पश्चिमी देश उन्हें निरंकुश तानाशाह के तौर पर पेश कर रही है. पुतिन के शाही अंदाज भी कम चर्चे में नहीं रहे हैं. यहां तक कि उनके अंगरक्षक (Bodyguards of  Vladimir Putin) भी ना केवल बहुत अमीर हैं बल्कि उन्हें बहुत ज्यादा ताकत भी मिली हुई है. इनमें बहुतों ने तो विशाल संपत्ति भी अर्जित कर ली है जिसके  बारे में कहा जा रहा है कि वह उन्हें पुतिन की वफादारी के बदले में मिली है.

    एक अलग तरह के नेता हैं पुतिन
    पिछले 22 साल से रूस में सत्ता के शीर्ष पर कायम पुतिन ने आज दुनिया के अधिकांश देशों को अपने खिलाफ करने का साहस दिखाया जिसमें अमेरिका जैसी महाशक्ति भी शामिल है. लंबे समय से उनके बॉडीगार्ड के रूप में काम करने वाले आज रूस के कुलीन वर्ग में शामिल हो चुके हैं. इससे पता चलता है कि नए वर्ग ने उस तंत्र का कैसे दोहन कर खुद को उठाया है जो पुराने लोगों के रक्षा के लिए बनाया गया था.

    आम लोगों की जमीन
    ऑर्गेनाइज्ड क्राइम एंड करप्शन रिपोर्टिंग प्रोजोक्ट के साझेदार रूसी अखबार नोवाया गजेटा ने बताया है कि इस सब की कीमत किसने चुकाए है गजेटा के मुताबिक मॉस्को के बाहर एक विशाल पॉल्टरी संयंत्र में दशकों से काम कर रहे 1100 से भी आम लोगों ने इसकी बड़ी कीमत चुकाई है.

    सुरक्षा कर्मियों का गुट
    सोवियत युग में द्वितीय विश्व युद्ध के बाद  बहुत से वरिष्ठ सैन्य अधिकारियों के लिए जीवन भर के लिए रोजगार और पेंशन की सुविधा थी. लेकिन नए रूसी गणराज्य में ऐसा कोई सुविधा या गारंटी नहीं थी. 1990के दौरान सुरक्षा में लगे लोगों के गुट ने मास्को के पास लोगों की जमीनों पर धोखाधड़ी और जोर जबरदस्ती से कब्जा करने में लग गए.

    Russia, Russia Ukraine War, Vladimir Putin, Bodyguards of Vladimir Putin, Russian President, Viktor Zolotov,

    विक्टर जोलोतोव व्लादिमीर पुतिन (Vladimir Putin) के खास सुरक्षा कर्मियों में से एक रहे हैं. (तस्वीर: Wikimedia Commons)

    जमीनों का बंटवारा
    पुतिन के द्वारा पोषित फेडरल गार्ड सर्विस और प्रेसिडेंशियल सिक्युरिटी सर्विस के लोगों के बीच दर्जनों हेक्टेयर की जमीन छोटे प्लॉट काट कर बांट दी गई थी. इनमें तीन लोगों को नाम सबसे ऊपर हैं जिन्हें पुतिन की सुरक्षा के लिए दी गई सेवाओं के बदला काफी कुछ मिला था. विक्टर जोलोतोव, ओलेग क्लिमेनतिएव, और एलेक्सी द्युमिन लंबे समय तक पुतिन के बॉडी गॉर्ड रह चुके हैं.

    यह भी पढ़ें: क्या हैं kamikaze drone, जो रूस यूक्रेन यु्द्ध में हो सकते हैं गेमचेंजर

    तीन प्रमुख सहयोगी
    पिछले पांच सालों में ये तीन और उनके सहयोगियों की ताकत बहुत बढ़ गई है और आज ये राष्ट्रपति के कई विशेष सेवाओं और प्रशासन में गर्वनर, मंत्री, टॉप कमांडर जैसे पदों पर पहुंच गए. इसके पास रूप के कई एकड़ जमीन का मालिकाना हक है. ये रूस के सबसे महंगे संपत्ति के तौर पर मानी जाती है जो उन्हें कौड़ियों का भाव या मुफ्त मिली है.

    Russia, Russia Ukraine War, Vladimir Putin, Bodyguards of Vladimir Putin, Russian President, Viktor Zolotov,

    व्लादिमीर पुतिन (Vladimir Putin) की विश्वस्तों की जरूरत की वजह उनके सुरक्षियों को ऐसे अवसर मिल सके हैं. (तस्वीर: shutterstock)

    पुतिन को भी जरूरत थी
    कई सुरक्षा कर्मी जिन्होंने अपने जमीन गंवाई है अब भी लड़ाई कर रहे हैं. लेकिन अधिकांश ने अपनी लड़ाई छोड़ दी है. खुद पुतिन के आसपास के ही लोग खास तरह से फूले फले हैं. वहीं जहां कई संस्थानों ने अपनी विश्वस्नीयता गंवाई हैं पुतिन के रक्षा कर्मियों की निष्ठा हमेशा ही अक्षुण्ण रही है. ये लोग पुतिन का हर हुक्म का पालन करते हैं और उसमें हमेशा खरे भी उतरते रहे हैं.  ऐसे में पुतिन  जब अपने लिए काबिल और विश्वसनीय लोगों की जरूरत हुई तब उन्होंने धीरे धीरे मंत्रालय और अन्य प्रशासकीय कार्य भी इनको सौंपने शुरू कर दिए.

    यह भी पढ़ें:  यूक्रेन के राष्ट्रपति ने अमेरिका को क्यों दिलाई 9/11 की याद

    जहां जोलोतोव को नेशनल गार्ड का प्रमुख का पद मिला है तो वहीं क्लिमेन्तिएव को फेडरल गार्ड सर्विस का पहले डेप्यूटी डायरेक्टर का पद दिया गया है. द्युमिन के जिम्मे अब डेप्यूटी डिफेंस मिनिस्ट्री आ गई है ज ओ अब तुला इलाके का गवर्नर की जिम्मेदारी संभाले हुए हैं. रूस में ऐसी कई और कहानियां भी हैं जो किसी सुरक्षा कर्मी के  बड़े आदमी बनने की दास्तान सुनाती है.

    Tags: Research, Russia, Russia ukraine war, Vladimir Putin, World

    अगली ख़बर