कौन था Dr Death, जिसने लाशों की गंध छिपाने के लिए पाल रखी थीं मुर्गियां

कौन था Dr Death, जिसने लाशों की गंध छिपाने के लिए पाल रखी थीं मुर्गियां
लाश के सड़ने पर फैलने वाली गंध से शक न हो, इसके लिए संतोष ने अपने घर में मुर्गी फार्म खोल रखा था (Photo-pixabay)

महिला मरीजों को इलाज के बहाने संतोष पाल (Santosh Pol) एक इंजेक्शन देता था. इसमें एनेस्थीसिया (anesthesia ) की तरह काम करने वाला द्रव्य काफी ज्यादा मात्रा में होता. इसके असर से मरीज की मौत हो जाती.

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घटना महाराष्ट्र के सतारा (Satara, Maharashtra) की है, जब एक आंगनबाड़ी वर्कर (anganwadi worker) अचानक गायब हो गई. परिवार के शक पर जब पड़ताल की गई तो पुलिस को गुमशुदा वर्कर की ताजा लाश संतोष पाल (Santosh Pol) के आंगन में गड़ी मिली. दरिंदगी की हद तक सनकी संतोष का ये पहला जुर्म नहीं था. माना जाता है कि उसने लगभग 22 कत्ल किए, हालांकि जुर्म 6 कत्लों का ही साबित हो सका है.

डॉक्टरों को लोग ईश्वर का अवतार मानते हैं लेकिन कई बार ऐसी घटनाएं सामने आती हैं कि लोग सिहर उठें और नजरिया बदलने को मजबूर हो जाएं. डॉ संतोष पाल के कारनामे भी ऐसा ही एक उदाहरण हैं. होम्योपैथी की डिग्री लिया हुआ ये झोलछाप डॉक्टर सतारा में रहा करता और अपनी ही महिला मरीजों को शिकार बनाता था. जांच में पाया गया कि संतोष खुद को एमबीबीएम बताता था लेकिन उसके पास Electrohomeopathy की डिग्री थी. इसके अलावा वो कई बड़े अस्पतालों में ऑपरेशन थिएटर में काम कर चुका था और सर्जरी के दौरान काम में आने वाले सारे ड्रग्स के बारे में अच्छी तरह से जानता था.

संतोष इलाज के लिए आए मरीजों में से ऐसी महिला मरीजों को छांटता था, जो बेसहारा होती थीं




संतोष इलाज के लिए आए मरीजों में से ऐसी महिला मरीजों को छांटता था, जो बेसहारा या सामाजिक तौर पर अकेली होती थीं. इलाज की शुरुआत में उनका यकीन जीतता और फिर एक दिन इलाज के दौरान एक एक इंजेक्शन दे देता था. इस इंजेक्शन में succinylcholine द्रव्य होता था. ये एक तरह का न्यूरो मस्कुलर पैरालिटिक ड्रग है जो मांसपेशियों को निष्क्रिय कर देता है.
ये इतनी तेजी से असर करता है कि सारी मांसपेशियां काम करना बंद कर देती हैं और मरीज की हार्ट अटैक से मौत हो सकती है. इस द्रव्य को डॉक्टर एनेस्थीसिया की तरह इस्तेमाल करते हैं लेकिन इसके साथ ही मरीज को वेंटिलेटर पर रखा जाता है ताकि सांस चलती रहे. झोलाछाप डॉक्टर और उसकी प्रेमिका नर्स ये बात जानते थे और इसी तकनीक का इस्तेमाल मारने के लिए करते थे. हालांकि जांच में ये समाने नहीं आ सका कि सनकी डॉक्टर महिला मरीजों को मारता क्यों था.

इंजेक्शन में succinylcholine द्रव्य होता था जो मांसपेशियों को निष्क्रिय कर देता (Photo-pixabay)


पहली बार जून 2016 में एक गुमशुदा महिला के परिवार की शिकायत पर जांच शुरू हुई. पुलिस इस फर्जी डॉक्टर के फार्म हाउस पहुंची और वहां से खाली हाथ लौटने ही वाली थी कि तभी खोजी कुत्तों ने सुराग दिया. वे आंगन में एक नारियल के पेड़ के नीचे भौंक रहे थे. शक में आई पुलिस ने नारियल के पेड़ को जेसीबी मशीन की मदद से हटाया तो वहां गुमशुदा महिला मंगला जेधे की लाश मिली. इसके बाद पहली बार पकड़ाई में आए कातिल डॉक्टर ने चौंकानेवाला खुलासा किया. उसने बताया कि उसने कई मरीजों की हत्याएं की हैं. ये सारी मरीज औरतें थीं. संतोष पाल उन्हें किसी न किसी तरह से बरगलाता और फिर नशे का इंजेक्शन देकर मार देता था.

किसी को लाश के सड़ने पर फैलने वाली गंध से शक न हो, इसके लिए संतोष ने अपने घर में मुर्गी फार्म खोल रखा था. मुर्गियों की तेज गंध में सड़ती लाश की गंध चली जाती थी. हत्या के बाद डॉक्टर जेसीबी बुलाकर फार्म हाउस में गड्ढा खुलवाता था और बताता कि उसे वहां नारियल का पेड़ लगाना है. लोगों के जाने के बाद रात में उस जगह लाश दफनाकर नारियल का पेड़ लगा दिया जाता था.

रात में लाश दफनाकर उस जगह नारियल का पेड़ लगा दिया जाता था (Photo-pixabay)


शक से बचने का एक और तरीका इसने खोज रखा था. संतोष खुद को डॉक्टर के साथ-साथ सामाजिक कार्यकर्ता बताता था और कई बार कईयों घोटाले सामने ला चुका था. ऐसे में पूरे गांव के लोग उसे बहुत मानते थे और पुलिस शक के बावजूद जांच करने से डरती थी. खास बात ये है कि हर हत्या के तुरंत बाद संतोष भ्रष्टाचार के खिलाफ एक न एक मुहिम छेड़ देता था. संतोष के सीरियल मर्डर करने में उसकी प्रेमिका ज्योति मांद्रे मदद करती थी, जो कि खुद एक नर्स थी. इसी नर्स की मदद से संतोष के काले कारनामों का खुलासा हुआ था. संतोष को वाई पुलिस (महाराष्ट्र) ने 11 अगस्त 2016 को हिरासत में ले लिया. तब से जांच हो रही है. फिलहाल ये सामने नहीं आ सका है कि दोषी ने खुद कुबूली छह हत्याओं के अलावा क्या और भी हत्याएं की थीं. पुलिस ने ये पता करने की भी कोशिश की कि क्या वो ऑर्गन रैकेट जैसे किडनी रैकेट से जुड़ा हुआ था. लेकिन जिस गंदे फार्महाउस में दोषी हत्या को अंजाम देता था, वहां किसी मेडिकल सर्जरी की गुंजाइश पुलिस को नहीं दिखी.

लाशों के साथ डॉक्टर के घर से ईसीजी मशीन, दवाएं और आरटीआई के कागज मिले, जिनसे वो भ्रष्टाचार के मामले पता लगाता था ताकि हत्याओं की अपनी सनक को सोशल वर्कर के रूप में छिपा सके.
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