लाइव टीवी

राष्ट्रीय एकता दिवस: जब महिलाओं से बोले पटेल- अपने गहने उतार फेंको

News18Hindi
Updated: October 31, 2019, 11:04 AM IST
राष्ट्रीय एकता दिवस: जब महिलाओं से बोले पटेल- अपने गहने उतार फेंको
सरदार पटेल महिला सशक्तिकरण के हिमायती थे

सरदार पटेल (Sardar Vallabhbhai Patel) महिला सशक्तिकरण (women empowerment) के हिमायती थे. वो अपने भाषणों से महिलाओं को स्वतंत्रता आंदोलन में हिस्सा लेने के लिए प्रेरित किया करते थे...

  • News18Hindi
  • Last Updated: October 31, 2019, 11:04 AM IST
  • Share this:
आज लौहपुरुष (Iron Man) सरदार वल्लभभाई पटेल (Sardar Vallabhbhai Patel) की जन्म जयंती (birth anniversary) है. भारत के स्वतंत्रता संग्राम के अग्रणी नेताओं में से एक सरदार पटेल का जन्म 31 अक्टूबर 1875 को गुजरात (Gujrat) के नांदेड़ में हुआ था. एक किसान परिवार से ताल्लुक रखने वाले सरदार पटेल गांधीजी से प्रभावित होकर स्वतंत्रता आंदोलन में कूदे थे. सरदार पटेल आजादी के बाद भारत के पहले उप प्रधानमंत्री बने. आजादी के तुरंत बाद वो देश को एकजुट रखने में अपने कुशल नेतृत्व के लिए जाने गए.

महिला सशक्तिकरण के हिमायती थे सरदार पटेल

सरदार पटेल के व्यक्तित्व पर काफी कुछ लिखा गया है. सरदार पटेल महिला सशक्तिकरण के हिमायती थे. वो स्वतंत्रता आंदोलन में महिलाओं की भूमिका को बखूबी समझते थे. बारदोली के सत्याग्रह में उन्होंने महिलाओं को झकझोरने वाला भाषण दिया था. वो चाहते थे कि इस सत्याग्रह में ज्यादा से ज्यादा महिलाएं शामिल हों.

बारदोली सत्याग्रह 1928 में हुआ गुजरात का किसान आंदोलन था. सरदार पटेल इस किसान आंदोलन का नेतृत्व कर रहे थे. उस समय ब्रिटिश सरकार के अधीन प्रांतीय सरकार ने किसानों के लगान में तीस फीसदी की वृद्धि कर दी थी. पटेल इस लगान वृद्धि का विरोध कर रहे थे. बारदोली सत्याग्रह के दौरान पटेल ने महिलाओं को प्रेरित करने वाले भाषण दिए.

जब पटेल ने महिलाओं से कहा- अपने गहने उतार फेंको

अपने भाषण में पटेल ने कहा था, 'बहनों, मैं तुम्हारे पैरों और हाथों में गुलामी की निशानियां नहीं देखना चाहता. ये जो तुम पीतल के भारी गहने पहनती हो वो बेकार है. ये बहुत गंदगी जमा करते हैं. इससे त्वचा वाली बीमारियां होती हैं. मैं तुम्हें सलाह देता हूं कि इससे तुम जल्दी छुटकारा पा जाओ.’ उस वक्त पटेल के इस भाषण का महिलाओं पर गहरा असर पड़ा था.

sardar vallabhbhai patel birth anniversary know what was iron man view regarding women
जेबी कृपलानी के साथ सरदार पटेल

Loading...

बारदोली सत्याग्रह में गुजरात की महिलाओं ने भरपूर भागीदारी निभाई. बारदोली सत्याग्रह के कुशल नेतृत्व और इसके बाद ब्रिटिश सरकार के किसानों की मांग मान लिए जाने के बाद गुजरात की महिलाओं ने वल्लभभाई पटेल को सरदार की उपाधि दी. इसके बाद वल्लभभाई पटेल सरदार पटेल के नाम से मशहूर हुए.

महिलाओं की पर्दा प्रथा के खिलाफ थे पटेल

पटेल महिलाओं के पर्दा प्रथा के भी खिलाफ थे. बिहार में महिलाओं को पर्दे के पीछे रखने के वो घोर आलोचक थे. एक बार अपने भाषण में इसकी मुखालफत करते हुए, उन्होंने कहा था- तुम्हें शर्म नहीं आती, तुम अपनी औरतों को पर्दे में रखते हो? ये महिलाएं कौन हैं? तुम्हारी माताएं, बहनें और पत्नी. क्या तुम्हें लगता है कि पर्दे में रखकर ही तुम अपनी औरतों की पवित्रता का ख्याल रख सकते हो? अगर मैं कह सकता तो तुम्हारी औरतों से कहता कि ऐसे कायर पति के साथ रहने से ज्यादा अच्छा है तुम तलाक ले लो.’

पटेल चाहते थे कि भारत के स्वतंत्रता संग्राम में महिलाओं की भागीदारी बढ़े. इसमें महिलाओं की पर्दा प्रथा आड़े आ रही थी. महिलाएं घर से निकलने में सकुचाती थी. पटेल उनके भीतर से शर्म और डर को निकालना चाहते थे. वो चाहते थे कि पुरुषों की तरह महिलाएं भी बराबरी में आकर स्वतंत्रता संग्राम में हिस्सा लें.

पटेल समाज में महिलाओं की अहमियत समझते थे

एक बार महिलाओं को प्रेरित करते हुए उन्होंने कहा था- ‘अब आंदोलन अपने चरम पर पहुंच चुका है. इसलिए औरतों को अपने मर्दों के भरोसे बैठने से काम नहीं चलेगा. औरतों को विरोध करना चाहिए. औरतें पुरुषों को कुछ उसी तरह से देखती हैं जैसे भारत के लोग सरकार और पुलिस की तरफ देखते हैं. लेकिन इससे तुम्हारी रक्षा नहीं होगी.’

पटेल समाज में महिलाओं की अहमियत को समझते थे. वो हमेशा महिलाओं को कुछ नया और समाज के भीतर अपनी भागीदारी बढ़ाने के लिए प्रेरित करते थे.

sardar vallabhbhai patel birth anniversary know what was iron man view regarding women
बापू और नेहरू से बातचीत करते सरदार पटेल


सरदार पटेल ने हटवाई थी महिलाओं के चुनाव लड़ने पर लगी पाबंदी

पटेल महिलाओं के साथ हो रहे भेदभाव के खिलाफ थे. आजादी के पहले म्यूनिसिपल कॉरपोरेशन के चुनाव में महिलाएं उम्मीदवार नहीं हो सकती थीं. उनके चुनाव लड़ने पर पाबंदी थी. सरदार पटेल ने अहमदाबाद म्यूनिसिपल कॉरपोरेशन में रहते हुए पहली बार महिलाओं के चुनाव लड़ने को मंजूरी दिलवाई.

अहमदाबाद जिला म्यूनिसिपल एक्ट के सेक्शन 15(1)(सी) में ये प्रावधान था कि महिलाएं कॉरपोरेशन का चुनाव नहीं लड़ सकतीं. 13 फरवरी 1913 को एक प्रस्ताव पारित कर महिलाओं को चुनाव लड़ने से रोका गया था. सरदार पटेल का कहना था कि महिलाओं को चुनाव से दूर रखकर आधी आबादी के साथ नाइंसाफी की जा रही है. सरदार पटेल की वजह से सेक्शन 15 (1)(सी) को खत्म कर दिया गया.

ये भी पढ़ें: मायावती और उनकी बीएसपी के लिए खतरे की घंटी बज चुकी है
जब कोठारी बंधुओं ने बाबरी मस्जिद पर लहराया था भगवा झंडा...
होमी जहांगीर भाभा की मौत का रहस्य, क्या इसके पीछे अमेरिकी साजिश थी
बगदादी के बाद अब ये संभालेगा इस्लामिक स्टेट में आतंक की कमान

News18 Hindi पर सबसे पहले Hindi News पढ़ने के लिए हमें यूट्यूब, फेसबुक और ट्विटर पर फॉलो करें. देखिए नॉलेज से जुड़ी लेटेस्ट खबरें.

First published: October 31, 2019, 10:11 AM IST
Loading...
पूरी ख़बर पढ़ें अगली ख़बर
Loading...