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Sathya Sai Baba B’day: चमत्कार के साथ मानव सेवा से भी प्रभावित थे बाबा के भक्त

Sathya Sai Baba B’day: चमत्कार के साथ मानव सेवा से भी प्रभावित थे बाबा के भक्त

सत्य साई बाबा (Sathya Sai Baba) के चाहने वाले हर वर्ग और दुनिया के कोने कोने में पाए जाते हैं. (तस्वीर: Wikimedia Commons)

सत्य साई बाबा (Sathya Sai Baba) के चाहने वाले हर वर्ग और दुनिया के कोने कोने में पाए जाते हैं. (तस्वीर: Wikimedia Commons)

    पिछले कुछ समय से भारत (India) में बाबाओं पर से लोगों को विश्वास उठता हुआ देखा गया है. बाबाओं साधुओं के साथ विवाद जुड़ना कोई नई बात नहीं हैं. बाबाओं के कई चमत्कार तो वैज्ञानिक तौर पर सिद्ध भी किए जा चुके हैं कि वे  किसी जादुई ट्रिक से कम नहीं हैं. चमत्कार और बाबा के जिक्र होता है तो सत्य साईं बाबा (Sathya Sai Baba) की याद आ ही जाती है जिन्होंने बहुत सारे चमत्कार दिखा कर भक्तों को हैरान नहीं किया बल्कि मानव सेवा (Human Service) को धर्म बना कर इतने बड़े बड़े कार्य भी किए हैं जिसके कारण ही बहुत से लोग उन्हें दिव्य पुरुष की श्रेणी में रख देते हैं.

    बड़े बड़े लोगों तक पर प्रभाव
    सत्य साईं बाबा की कहानी अपने आप में अनोखी है. वे खुद को शिरडी के साईं बाबा के अवतार कहा करते थे और उन्होंने संसार त्यागने से पहले यह तक बता दिया था कि वे अगली बार धरती पर कब लौटेंगे. उनके प्रभाव में आने वाले लोगों समाज बड़ा दखल रखने वाले तक शामिल थे. राजनीति से लेकर खेल और फिल्मी दुनिया तक में उन्हें गुरू मानने मिल जाते थे. इनमें पूर्व प्रधानमंत्री नरसिम्हा राव, अटल बिहारी वाजपेयी, मनमोहन सिंह से लेकर सचिन तेंडुलकर उन्हें गुरुतुल्य मानते थे.

    14 साल की उम्र में बदला स्वरूप
    सत्य साईं बाबा का जन्म 23 नवंबप 1926 को आंध्रप्रदेश के पुट्टपर्थी गांव में हुआ था. उनका पूरा नाम सत्यनारायण राजू था. बताया जाता है कि वे 13 साल तक वे एक सामान्य बालक की ही तरह जिए, लेकिन एक बार उन्हें जहरीले बिच्छू के के कारण काफी देर तक बेहोशी छाई रही और होश में आने के बाद से वे बदल से गए.  होश में आने के बाद से धाराप्रवाह से संस्कृत बोलना शुरू कर दिया जिसके बारे में वे उससे पहले कुछ नहीं जानते थे.

    बाबा और चमत्कार
    बताया जाता है कि इसके बाद एक साल के भीतरह ही उन्होंने  खुद को शिरडी वाले साईं बाबा का अवतार घोषित कर दिया. वे हमेशा ही शिरडी के सांई बाबा को ‘अपना पूर्व शरीर’ कहा करते थे. शिरडी के साईं बाबा भी बहुत चमत्कार दिखाने के लिए मशहूर थे. लेकिन सत्य सांई बाबा भी अपने भक्तों को चमत्कार दिखाने में पीछे नहीं थे. उनके कई चमत्कारों को महज जादुई ट्रिक तक साबित करने का प्रयास भी किया.

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    विवादों में रहने के बाद भी सत्य साई बाबा (Sathya Sai Baba) ने बहुत से सामाजिक सेवाकार्य किए हैं. (फाइल फोटो)

    दुनिया भर में फैले भक्त
    लेकिन सत्य साईं बाबा को केवल इसी नजरिए से देखना शायद पूरी तरह से न्यायसंगत नहीं होगा. उनकी चाहने वाले पूरी दुनिया में फैले थे. भारत के अलावा विदेशों में भी उनके लाखों भक्त हैं. बाबा के आध्यात्मिक स्थल प्रशांति निलयम में दिन-रात विदेशी भक्त आते जाते रहे हैं इस कस्बे में एक विशेष हवाई अड्डे पर दुनिया के अनेक हिस्सों से बाबा के भक्तों के चार्टर्ड विमान उतरते रहे हैं. इसी वजह से ही आंध्र प्रदेश का छोटा-सा गाँव पुट्टपर्थी अंतरराष्ट्रीय स्तर भी चर्चित रहा है.

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    सेवा की मिसाल भी
    बाबा को अपनी सेवा भाव के लिए भी जाना जाता है. 20 वीं सदी में जब आंध्र प्रदेश में बुरा अकाल पड़ा था तब सत्यसाई बाबा ने 750 गांवो के लिए पानी की व्यवस्था की थी. बाबा ने आध्यात्मिक उपदेशों के साथ ही सामाजिक क्षेत्र में भी अनेक सेवा कार्य किये. उन्होंने मानव सेवा को ही सर्वश्रेष्ठ धर्म कहा था. इसकी शुरुआत पुट्टपर्थी में एक छोटे से अस्पताल के निर्माण के साथ हुई, जो अब 220 बिस्तर वाले सुपर स्पेशलिटी सत्य साई इंस्टीट्यूट ऑफ हायर मेडिकल साइंसेस का रूप ले चुका है.

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    सत्य साई बाबा (Sathya Sai Baba) को अरबों खरबों रुपये दान में मिला करते थे. (फाइल फोटो)

    दान की विशाल मात्रा
    सत्य साईं बाबा की ख्याति शायद अब तक के किसी संत की नहीं हुई. बताया जाता है कि उन्होंने  करोड़ों-अरबों का दान मिलता रहता था. साईं आश्रम में सालाना दान की राशि को लेकर कोई भी स्पष्ट जानकारी तो नहीं है लेकिन माना जाता है कि वहां साईं के जीवित रहते हर साल अरबों का दान आता था. इसी से सत्य साईं ने कई अस्पताल, स्कूल, आश्रम और पीने के पानी की परियोजनाएं बनवाईं. इसके साथ ही उनकी ख्याति और बढ़ गई.

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    साई बाबा की मुत्यु 24 अप्रैल 1911 को हुई. इससे पहले वे एक महीने से अस्पताल में भर्ती थे. उससे भी पहले उन्होंने फिर से दूसरे शरीर के साथ पृथ्वी पर वापस आने की भविष्यवाणी तक कर दी थी. आज उनकी संपत्ति की देखरेख और कार्य सत्यसाईं सेंट्रल ट्रस्ट करता है. उनके किए गए कार्य उन पर लगे आरोपों को हमेशा ही छोटा करते रहे जो कभी सिद्ध नहीं हो सके.

    Tags: India, Religion, Research

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