यूरोप में सुशांत ने जिस पेंटिंग को देखा, क्या वो खुदकुशी को उकसाती है?

यूरोप में सुशांत ने जिस पेंटिंग को देखा, क्या वो खुदकुशी को उकसाती है?
‘Saturn Devouring His Son’ शीर्षक से इस पेंटिंग के रचयिता फ्रांसिस्को डी गोया थे

सुशांत सिंह राजपूत (Sushant Singh Rajput) के बारे में रिया चक्रवर्ती (Rhea Chakraborty) ने कहा कि यूरोप यात्रा के दौरान एक पेंटिंग (Europe Trip Painting) को देखकर उनकी मानसिक हालत बिगड़ी.

  • News18Hindi
  • Last Updated: August 14, 2020, 9:44 AM IST
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सुशांत की मौत (Sushant Singh Rajput death) का रहस्य गहराता चला जा रहा है. इस दौरान उनकी गर्लफ्रेंड रह चुकी और अब आरोपों में घिरी रिया चक्रवर्ती (Rhea Chakraborty) ने एक नई बात कही है. उनका कहना है कि यूरोप यात्रा के दौरान एक पेंटिंग को देखकर सुशांत की मानसिक अवस्था पर असर पड़ा. उस पेंटिंग में शनि अपने बच्चे को खाते दिख रहे हैं. जानिए, क्या है इस पेंटिंग की खासियत और क्यों इसके तार सुशांत की मौत से जोड़े जा रहे हैं.

क्या है वो पेंटिंग
रिया जिस पेंटिंग को लेकर खुलासा कर रही हैं, वो इटली के 600 साल पुराने हैरिटेज होटल में लगी हुई है. ‘Saturn Devouring His Son’ शीर्षक से इस पेंटिंग के रचयिता फ्रांसिस्को डी गोया थे. गोया की इस पेंटिंग को 19वीं सदी की सबसे महान कलाकृतियों में रखा जाता है. कलाकार ने इस थीम पर कुल 14 पेंटिंग्स बनाई थीं, जिन्हें नाम दिया था The Black Paintings. गोया ने ये पेंटिंग्स अपने मैड्रिड में अपने घर पर सजा रखी थीं. उन्हीं में से एक वो पेंटिंग थी, जिसमें शनि अपने ही बच्चे को खा रहा है. इस पेंटिंग की सबसे ज्यादा चर्चा होती है.

सुशांत की मौत का रहस्य गहराता चला जा रहा है, अब इसमें रिया चक्रवर्ती ने एक नई बात कही है

इस पेंटिंग में एक विशालकाय आदमी निर्वस्त्र है. उसके बाल बिखरे हुए हैं. आंखें फैली हुई हैं और वो बच्चे का सिर पहले ही खा चुका है. पेंटिंग में वो बच्चे का हाथ खाता हुआ दिखता है.



क्या कहानी है पेंटिंग की
गोया की ये पेंटिंग एक रोमन मिथक पर आधारित थी. इसके मुताबिक शनि, जो अपने समय का देवता था, उसे डर था कि उसकी अपनी ही औलाद उसे गद्दी से हटा देगी, जैसा कि उसने खुद भी अपने पिता सेलियस के साथ किया था. इसी डर से शनि ने जन्म के तुरंत बाद ही अपने हरेक बेटे को खा लिया. ये देखने के बाद शनि की पत्नी ने अपने आखिरी और छठवें बेटे को जन्म के बाद छिपा दिया. ये बेटा ज्यूपिटर था. मिथक के अनुसार इसी बेटे ने आगे चलकर शनि का डर सही साबित किया और उसे हरा दिया.

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कलाकार ने की खुदकुशी
पेंटिंग को बनाने वाले कलाकार गोया के बारे में कहा जाता है कि वे खुद 46 की उम्र से डिप्रेशन में थे. उन्हें अक्सर डिप्रेशन के दौरे पड़ते थे. इसी दौर में उन्होंने ये 14 पेंटिंग्स सीधे अपने घर की दीवार पर बनाई थीं. माना जाता है कि कलाकार नहीं चाहता था कि ये पेंटिंग्स दुनिया के सामने आएं क्योंकि इनमें उनके अवसाद की झलक थी. तब उन्होंने पेंटिंग को कोई नाम भी नहीं दिया था. बाद में गोया को मौत के 50 साल बाद इन तस्वीरों को दीवार से निकालकर कैनवास पर रखा गया और उनकी थीम को द ब्लैक पेंटिंग्स नाम मिला.

कुछ तस्वीरों में महान डच कलाकार विंसेंट वान गॉग की एक तस्वीर भी है


अवसाद में लाने वाली तस्वीरें
वैसे कई सारी पेंटिंग्स हैं, जिनके बारे में कहा जाता है कि अवसाद की मनोदशा में कलाकारों ने बनाई और उसके साथ ही आत्महत्या कर ली. ऐसी पेंटिंग्स के बारे में कहा जाता है कि इन्हें ज्यादा देर तक देखने वाला भी डिप्रेशन में जा सकता है और एक्सट्रीम में खुदकुशी जैसा कदम भी ले सकता है. ऐसी ही कुछ तस्वीरों में महान डच कलाकार विंसेंट वान गॉग की एक तस्वीर भी है.

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Wheatfield With Crows नाम की इस पेंटिंग को बनाने के दो हफ्ते बाद ही कलाकार ने खुद को गोली मार दी. 37 साल की उम्र में कलाकार की जब मौत हुई, तब तक उन्हें खास ख्याति नहीं मिली थी. यही वजह है कि मां ने उनकी काफी सारी पेंटिंग्स जला डालीं. मौत के बाद ही गॉग को दुनियाभर में लोकप्रियता मिली. कहा जाता है कि उनकी  बहुतेरी पेंटिंग्स का अर्थ आज भी बड़े से बड़े कलाकार भी नहीं निकाल सके हैं.

नॉर्वे के चित्रकार एडवर्ड मंच के बारे में भी कहा जाता है कि वे डिप्रेशन से जूझने लगे थे


रात में बाहर निकलता था ये कलाकार
महान फ्रेंच कलाकार एडगर डेगास की कई पेंटिंग्स भी इसी श्रेणी में रखी जाती हैं. डेगास के बारे में चर्चित है कि वे केवल रात में पेरिस की गलियों में नजर आते थे. उन्हें सूरज की रौशनी में कभी बाहर निकलते नहीं देखा गया. अस्सी के दशक में डेगास अवसाद के शिकार हुए. 1984 में लिखे एक पत्र में उन्होंने लिखा- मैं बंजर हो चुका हूं. मैंने प्रेरणा खो दी है. इसके बाद डेगास की देखने की शक्ति चली गई और वो पेरिस में बेवजह भटकने लगे. डिप्रेशन के दौर में ही उनकी मौत हो गई.

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नॉर्वे के चित्रकार एडवर्ड मंच के बारे में भी कहा जाता है कि वे डिप्रेशन से जूझने लगे थे. उन्हें अजीबोगरीब चीजें दिखने लगी थीं. उनकी एक पेंटिंग The Scream इसी दौर की है, जब खुद मंच ने कथित तौर पर आसमान को नीले से खून की तरह लाल होते देखा. वे चीखने लगे. हालांकि इस कलाकार ने अवसाद में आत्महत्या नहीं की, बल्कि उसे ही एक प्रेरणा की तरह इस्तेमाल किया.
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