3 D मॉडल ने सुलझाया शनि ग्रह पर षटकोणीय तूफान का रहस्य

शनि (Saturn) ग्रह के उत्तरी ध्रुव (North Pole) पर षटकोणीय तूफान (Hexagon Storm) का रहस्य 40 साल से अनसुलझा है. (तस्वीर: Pixabay)
शनि (Saturn) ग्रह के उत्तरी ध्रुव (North Pole) पर षटकोणीय तूफान (Hexagon Storm) का रहस्य 40 साल से अनसुलझा है. (तस्वीर: Pixabay)

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  • Last Updated: October 8, 2020, 1:04 PM IST
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वैज्ञानिकों को हमारे सौरमंडल (Solar System) में शनि (Saturn) ग्रह कई वजहों से आकर्षित करता है. इसका वलय इस ग्रह को बाकी ग्रहों से अलग तो बनाता ही है, इसके अलावा भी कई ऐसी विशेषताएं जो खगोलविदों (Astronomers) को इसका अध्ययन करने के लिए आकर्षित करती हैं. इनमें से बहुत से रहस्य अनसुलझे हैं जिन्हें समझने का प्रयास वैज्ञानिक कर रहे हैं. ऐसा ही एक रहस्य है शनि के उत्तरी ध्रुव (North Pole) में विशालकाय षटकोण (Hexagon) के आकार का तूफान (Storm). ताजा अध्ययन में इस रहस्य को सुलझाने के लिए एक 3 डी सिम्यूलेशन मॉडल (3 D Simulation Model) बनाया गया है.

कठिन है शनि के रहस्यों को सुलझाना
शनि के रहस्यों को सुलझाना बहुत ही कठिन हैं क्योंकि इसका सीधा अवलोकन बहुत ही मुश्किल है, वहीं इस विशालकाय गैसीय ग्रह का वायुमंडल हमारी पृथ्वी से बहुत ही अलग है. यहां अधिकांश पदार्थ के नाम पर केवल हाइड्रोजन और हीलियम की मौजूदगी है. इसलिए इसके बारे में पूरी तरह से जानकारी ही हासिल करने से सही परिदृश्य का पता चल सकेगा.

लंबे समय से हैरान कर रही है यह परिघटना
शनि के उत्तरी ध्रुव में छह भंवर षटकोण की भुजाएं बना रहे हैं. यह वायुमंडलीय परिघटना ग्रह विज्ञानियों को तब से हैरान किए हुए है जब साल 1980 में इसकी खोज हुई थी. उस समय अमेरिका के वोयगर प्रोग्राम के जरिए इसका पता चला था. इसके बाद साल 2006 में कैसिनी ह्यजन्स अभियान से इसके बारे में पता चला है.



किसी और ग्रह पर नहीं होती ऐसी घटना
यह तूफान 20 हजार मील के व्यास में फैला है जिसमें कई जगहों पर 300 मील प्रतिघंटा की रफ्तार तक से हवाएं चलती हैं. इस तरह के तूफान किसी और ग्रह या चंद्रमा पर भी नहीं है. हार्वर्ड के अर्थ एंड प्लैनेटरी साइंसेस विभाग के दो वैज्ञानिक प्रोफेसर जर्मी ब्लोक्सहैम रिसर्च एसोसिएट राकेश यादव ने इस परिघटना को समझने का प्रयास किया.

Earth
इस तरह के तूफान (Storm) पृथ्वी (Earth) सहित किसी और ग्रह (planet) या उपग्रह (Moon) पर नहीं दिखे हैं. (प्रतीकात्मक तस्वीर)


ऐसे आकार कभी नहीं दिखे
हाल ही में PNAS में प्रकाशित शोध में इन शोधकर्ताओं ने यह जानने की कोशिश की कि ये भंवर कैसे बनते हैं. यादव ने बताया,”हम पृथ्वी पर तूफान तो नियमित तौर पर देखते हैं जो हमेशा गोल घूमते हुए होते हैं, लेकिन षटकोण या अन्य बहुकोणीय आकार के कभी नहीं देखे गए हैं. यह पूरी तरह से अप्रत्याशित और हैरान करने वाले हैं.

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शोधकर्ताओं के सामने सवाल यह था कि इतना बड़ा सिस्टम बना कैसे और इतने बड़े ग्रह पर यह  अब तक बदला क्यों नहीं. यादव और ब्लोक्सहैम ने शनि के वायुमंडल का 3 डी सिम्यूलेशन मॉडल बनाया है. उनका मानना है यह उन्हें उनके सवालों के जवाबों तक पहुंचा सकेगा.

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शनि (Saturn) के इन तूफानों (Storm) पर पूरी जानकारी के लिए शोधकर्ताओं को और आंकड़ों की जरूरत है. (प्रतीकात्मक तस्वीर: Pixabay)


कैसे बना यह षटकोण
इस अध्ययन में शोधकर्ताओं ने बताया कि अप्राकृतिक लगने वाले तूफान तब बनते हैं जब शनि के अंदर के वायुमंडीय प्रवाह में बड़े और छोटे चक्रवाती भंवर बनते हैं. इसके आसपास उत्तरी ध्रुव में पूर्व की ओर तेजी से बहने वाली हवा बहती है. इस हवा में भी काफी तूफान होते हैं. छोटे तूफान बड़े तूफान से अंतरक्रियाएं करते हैं और पूर्वी तेज हवा को धक्का देकर उत्तरी ध्रुव तक सीमित कर देते हैं. इस प्रक्रिया से हवा की धार एक षटकोण में बदल जाती है.

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शोधकर्ताओं के मॉडल से षटकोण तो नहीं बना लेकिन उससे नौ भुजाओं वाले बहुभुज जरूर बना जो शनिके तूफान से ज्यादा तेज था. फिर भी आकार ने शोधकर्ताओं के काफी अनुमानों को सही साबित किया है. अब शोधकर्ताओं का अपने मॉडल में सुधार के लिए और अधिक आंकड़ों की जरूरत है.
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