होम /न्यूज /नॉलेज /सऊदी अरब अगले साल महिला को अंतरिक्ष में भेजेगा, क्या हैं इसके मायने?

सऊदी अरब अगले साल महिला को अंतरिक्ष में भेजेगा, क्या हैं इसके मायने?

सऊदी अरब (Saudi Arabia) जैसे देश जहां महिलाओं पर सख्त पाबंदियां होती हैं वहां से महिला का अंतरिक्ष में भेजा जाना बड़ी बात होगी. -(प्रतीकात्मक तस्वीर: shutterstock)

सऊदी अरब (Saudi Arabia) जैसे देश जहां महिलाओं पर सख्त पाबंदियां होती हैं वहां से महिला का अंतरिक्ष में भेजा जाना बड़ी बात होगी. -(प्रतीकात्मक तस्वीर: shutterstock)

सऊदी अरब (Saudi Arabia) पिछले कुछ सालों से अपने परंपरागत नजरिए में बदलाव लाने का प्रयास करता दिख रहा है. चार साल पहले म ...अधिक पढ़ें

  • News18Hindi
  • Last Updated :

हाइलाइट्स

सऊदी अरब में महिलाओं के पास ज्यादा अधिकार नहीं हैं.
ऐसे में अगले साल महिला का अंतरिक्ष में जाना एक बड़ा कदम साबित होगा.
सऊदी अरब ने पिछले साल रूस से अंतरिक्ष सहयोग के लिए समझौता किया था

पिछले साल मई में सऊदी अरब (Saudi Arabia) और रूस में अंतरिक्ष (Space) सहयोग को लेकर समझौता हुआ था. इसमें अन्य मुद्दों के अलावा रूस के सऊदी अरब के अंतरिक्ष यात्रियों को प्रशिक्षण भी देने पर सहमति हुई थी. अब हाल ही में सऊदी अरब ने ऐलान किया है कि अगले साल यानि 2023 में वह अंतरिक्ष एक महिला को अंतरिक्ष में यात्रा (Woman Astronaut) के लिए भेजगा. यह ऐलान कई लिहाज से अहम माना जा रहा है जिसका संबंध अरब देशों में अंतरिक्ष कार्यक्रमों के लेकर गंभीरता और महत्वाकांक्षी कार्यक्रम, सऊदी अरब में महिलाओं के लिए बदल रहे माहौल जैसे पहलू शामिल हैं.

अगले साल अंतरिक्ष में जाएंगे
सऊदी अरब ने यह मंगलवार को ऐलान किया कि वह एक प्रशिक्षण कार्यक्रम शुरू करेगा जिसमें उसका लक्ष्य अपने ही नागरिकों को अंतरिक्ष में अगले साल ही भेजने का लक्ष्य रखा जाएगा. जिसमें एक महिला यात्री भी शामिल होगी. सऊदी अरब हाल ही में काफी सक्रियता से विज्ञान और प्रौद्योगिकी को प्रोत्साहित कर रहा है.

विजन 2030 प्लान
सऊदी अरब ने एक विस्तृत और बहु आयामी विजन 2030 प्लान के तहत अपने अर्थव्यवस्था में बदलाव करने का फैसला किया है जिससे वह अपने अर्थ्व्यवस्था की तेल पर निर्भरता को कम करना चाहता है. इसके लिए कई तरह के तकनीकी नवचारों को प्रोत्साहित किया जा रहा है जिसमें ग्रीन ऊर्जा पर कई कार्यक्रमों का भी समावेश किया गया है.

महिलाओं के प्रोत्साहन की दिशा में
सऊदी अरब के क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान की पहल पर ही इस योजना को बनाया गया है. उन्होंने खुद इस बात के प्रयास शुरू किए हैं जिससे परंपरावादी मुस्लिम देश के कार्यबल में महिलाओं को ज्यादा से ज्यादा शामिल किया जा सके. इससे पहले साल 2018 में ही सऊदी अरब ने महिलाओं को कार चलाने के प्रतिबंध से हटाया गया था.

Research, World, Space, Science, Saudi Arabia, Saudi Arabia Space program, Woman Astronaut,

पिछले कुछ सालों से सऊदी महिलाओं (Saudi Women) के अधिकारों में इजाफा देखने को मिल रहा है. (प्रतीकात्मक तस्वीर: shutterstock)

महिला करेगी साम्राज्य का प्रतिनिधित्व
वहीं सऊदी अरब की स्पेस एजेंसी सऊदी स्पेस कमीशन ने एक बयान में कहा कि सऊदी एस्ट्रोनॉट प्रोग्राम, जो देश की साम्राज्य के महत्वाकांक्षी विजन 2030 का एकीकृत हिस्सा है, मानवता की बेहतर सेवा करने के लिए अंतरिक्ष में सऊदी यात्री भेजेगा. इनमें से एक यात्री सऊदी महिला होगी जिसका मिशन अंतरिक्ष में साम्राज्य को पहली बार ऐतिहास रूप से प्रतिनिधित्व करना होगा.

यह भी पढ़ें: वैज्ञानिकों ने खोजा 30 छल्लों का ‘सुपर सैटर्न’, शनि से है 200 गुना ज्यादा बड़ा

रूस के साथ सहयोग
सऊदी अरब ने पिछले साल मई में ही  रूस से अंतरिक्ष प्रशिक्षण कार्यक्रम के लिए समझौता किया था. इस सहयोगी समझौते के तहत दोनों देश एक दूसरे के साथ साझा अंतरिक्ष उपयोग के साथ साथ संयुक्त मानव अभियान भी चलाने के लिए सहमत  हुए थे. पिछले कई महीनों से रूस इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन से पीछे हटने की तैयारी में हैं और साथ ही कुछ ही सालों में खुद का स्पेस स्टेशन भी बना रहा है. इसें सऊदी अरब उसका एक सहयोगी हो सकता है.

Research, World, Space, Science, Saudi Arabia, Saudi Arabia Space program, Woman Astronaut,

अंतरिक्ष में सऊदी अरब (Saudi Arabia) ने रूस के साथ सहयोग करने के लिए पिछले साल समझौता किया था. (प्रतीकात्मक तस्वीर: shutterstock)

शाही परिवार का स्पेस कनेक्शन
वहीं उल्लेखनीय है कि अंतरिक्ष सबसे पहली यात्रा करने वाले सऊदी अरब का नागरिक बनने का गौरव किसी और के नहीं साम्राज्य के प्रिंस सुल्तान बिन सलमान के नाम हैजो क्राउन प्रिंस के भाई है और एयर फोर्स के पायलट भी हैं. वे साल 1985 में नासा के डिस्कवरी अभियान के जरिए सात क्रू सदस्यीय टीम का हिस्सा थे. बाद में वे 2018 तक सऊदी स्पेस कमीशन के प्रमुख भी रहे थे.

यह भी पढ़ें: मंगल पर नासा के रोवर ने सूर्य से जुड़ी देखी ऐसी घटना जो केवल पृथ्वी पर होती है

सामान्यतः जब भी अंतरिक्ष अनुसंधान की बात आती है तो इसमें, अमेरिका, रूस, यूरोप, चीन और भारत जैसे देशों का नाम आता है. लेकिन अब एक अहम पहलू यह भी है कि इस सूची में मध्य पूर्व के देश भी शामिल होगए हैं. पिछले साल फरवरी में ही संयुक्त अरब अमीरात का एक विशेष अतरिक्ष यान मंगल की कक्षा में पहुंचा था जो मंगल के ध्रुवों के ऊपर से उसका अध्ययन कर रहा है. अब इस दुनिया के अंतरिक्ष अनुसंधान के नक्शे में सऊदी अरब का भी नाम उभरने वाला है.

Tags: Research, Saudi arabia, Science, Space, World

विज्ञापन

टॉप स्टोरीज

अधिक पढ़ें