Milky Way के केंद्र में दिखी खास आकृति, हमारी गैलेक्सी का ऊर्जा स्रोत है ये

Milky Way के केंद्र में दिखी खास आकृति, हमारी गैलेक्सी का ऊर्जा स्रोत है ये
मिल्की वे के केंद्र से पृथ्वी की ओर आ रही इस आकृति से बड़े ऊर्जा स्रोत का पता चला है. (प्रतीकात्मक तस्वीर)

वैज्ञानिकों को हमारी गैलेक्सी Milky Way के केंद्र में खास आकृति दिखी जिसे वे गैलेक्सी (Galaxy) का ऊर्जा स्रोत कह रहे हैं.

  • Share this:
अंतरिक्ष की गहराइयों में हमें काफी जानकारी टेलीस्कोप (Telescope) से मिलती है, आज टेलीस्कोप कई रहस्मय जानकारियां दे रहे हैं. ऐसे ही एक शोध में हमारे वैज्ञानिकों को हमारी गैलेक्सी मिल्की वे (Milky Way) के बारे में अहम जानकारी मिली है. वैज्ञानिकों को ताजा अध्ययन में मिल्की वे के केंद्र में ऊर्जा का बहुत बड़ा स्रोत मिला है माना जा रहा है कि यह हमारी गैलेक्सी को ऊर्जा देने वाला मूल स्रोत है.

क्या पता लगाया शोधकर्ताओं ने
शोधकर्ताओं ने हमारी गैलेक्सी मिल्की वे गैलेक्सी के केंद्र में एक ‘हाइड्रोडन स्रोत’ का होना पाया है. साइंस एडवांस में प्रकाशित इस अध्ययन में एंब्री रिडल एरोनॉटिकल यूनिवर्सिटी के वैज्ञानिकों ने भाग लिया. उन्होंने मिल्की वे की कॉस्मिक किरणों को शक्ति देने वाले एस्ट्रोफिजिकल स्रोत और प्रक्रिया की पहचान कर ली है.

कैसे ऊर्जावान हो जाती है गैस
एम्ब्री रिडिल में ऐस्ट्रोनॉमी एवं फिजिक्स के एसिस्टेंट प्रोफेसर और शोधपत्र के सह लेखक मैथ्यू हाफनर का कहना है कि मिल्की वे के केंद्र में जो हाइड्रोजन है उसका आयनीकरण हुआ है. यानि कि हाइड्रोजन के परमाणु में से एक इलेक्ट्रॉन बाहर निकल गया जिससे वह बहुत ऊर्जावान हो गया. हाफनर का कहना है कि जब कोई विद्युत का स्रोत नहीं होता है तो स्वतंत्र इलेक्ट्रॉन एक दूसरे को ढूंढ लेते हैं और तेजी से न्यूट्रल अवस्था पाने वाली जगह की ओर चले जाते हैं.  लेकिन हम आयनीकृत गैस को ढूंढ सके इसका मतलब है कि इस स्थिति को बनाए रखने के लिए खास स्रोत भी होंगे. और नए तरीके हमें ये स्रोत ढूंढने में मदद कर सकते हैं.



universe
इस तरह के ऊर्जा स्रोत दूसरी गैलेक्सी के केंद्र में भी पाए गए हैं. (प्रतीकात्मक फोटो)


अब मिल्की वे के केंद्र में ऊर्जा की मात्रा पता की
हाफनर के मुताबिक इससे पहले कई पुराने अध्ययनों ने बहुत सी स्पिल गैलेक्सी के केंद्र में आयनीकृत गैस की मात्रा और क्षमता को मापने की कोशिश की है. लेकिन यह पहली बार है कि हम अपने गैलेग्सी की जानकारी उन गैलेक्सी के आंकड़ों से तुलना करने की स्थिति में आ सके.

अचानक गायब हो गया बहुत बड़ा तारा, वैज्ञानिक हुए परेशान, कैसे हुआ ये 

कौन कौन शामिल थे इस अध्ययन में
इस अध्ययन में चिली स्थिति विस्कॉनसिन एच एल्फा मैपर (WHAM) नाम के टेलीस्कोप का इस शोध के लिए अध्ययन किया गया. हाफनर के साथ इस अध्ययन में मिल्की वे गैलेक्सी के तारों और गैसों की संरचना को जानने वाले विशेषज्ञ प्रोफेसर बॉब बेंजिमन और विस्कॉनसिन मैडिसन यूनिवर्सिटी के स्नातक छात्र धनेश कृष्णाराव भी शामिल थे.

Galaxy
पुराने आंकड़ों ने शोधकर्ताओं को नतीजों पर जल्दी पहुंचने में मदद की. (प्रतीकात्मक तस्वीर)


एक ‘रेड फ्लैग’ ने दिखाई राह
शोधकर्ताओं ने मिल्की वे के बीच से आने वाले विकिरण की ऊर्जा को मापने के लिए एक पुराने डस्टकैप का उपयोग किया. अध्ययनकर्ताओं ने पाया कि जहां उन्हें तारों के बीच गैस और धूल के कई काले धब्बे दिखाई दे रहे हैं, उसमें कई अरब तारों के साथ उन्हें एक रैड फ्लैग नाम की खास वैज्ञानिक आकृति भी दिखाई दे रही है. शोधकर्ताओं ने पाया कि उस आकार में आयनीकृत हाइड्रोजन गैस है जो एक मुड़ी हुई डिस्क की तरह है. उन्होंने इस रेड फ्लैग की 3 डी इमेज ली तो पाया कि हमारी गैलेक्सी का यह केंद्र गैसीय है और आयनीकृत है और साथ ही यह भी कि यह आकृति पृथ्वी की ओर आ रही है.

वैज्ञानिकों ने पहली बार देखी अनोखी घटना, ब्लैकहोल के विलय से निकला प्रकाश

शोधकर्ता इस खोज से बहुत उत्साहित हैं और इसका आगे भी अध्ययन कर रहे हैं.  वहीं WHAM से शक्तिशाली टेलीस्कोप बनाने की तैयारी भी चल रही है. इस नए उन्नत टेलीस्कोप से शोधकर्ताओं को और विस्तार से जानकारी मिल सकेगी.
अगली ख़बर

फोटो

टॉप स्टोरीज

corona virus btn
corona virus btn
Loading