Home /News /knowledge /

कैसे तय होती है पर्वतों की ऊंचाइयां, नई वजह पता लगने पर शोधकर्ता हुए हैरान

कैसे तय होती है पर्वतों की ऊंचाइयां, नई वजह पता लगने पर शोधकर्ता हुए हैरान

शोधकर्ताओं का कहना है कि पर्वतों की ऊंचाइयों का कारण अपरदन नहीं पृथ्वी के अंदर के बल हैं. (प्रतीकात्मक तस्वीर)

शोधकर्ताओं का कहना है कि पर्वतों की ऊंचाइयों का कारण अपरदन नहीं पृथ्वी के अंदर के बल हैं. (प्रतीकात्मक तस्वीर)

वैज्ञानिकों को पता चला है कि पर्वतों की ऊंचाइयों (Heights of Mountains) का कारण अपरदन (Erosion) नहीं बल्कि कुछ और तरह के बल (Forces) हैं.

नई दिल्ली: हम सभी ने बचपन में भूगोल में पढ़ा था कि हमारे पर्वतों  की ऊंचाई को नियंत्रित करने वाले कौन से कारक होते हैं. वे कौन से बल और प्रक्रियाएं होती हैं दो किसी पर्वत की ऊंचाई का निर्णय करती हैं अगर आपको इस सवाल का जवाब याद नहीं है तो चिंता की कोई बात नहीं क्योंकि अब वह जवाब उतने काम का नहीं रहा है और उसकी जगह नया जवाब लेने जा रहा है. शोधकर्ताओं के मुताबिक इसका कारण अपक्षय (Weathering) और अपरदन (Erosion) नहीं बल्कि हमारी पृथ्वी के अंदर से लग रहे बल (Forces) हैं.

बहुत अहम खोज है यह
मुस्टेर और पोट्सडैम के शोधकर्ताओं के समूह ने इस सवाल का अनूठा जवाब ढूंढा है. पहाड़ों और पर्वतों की ऊंचाई का फैसला पृथ्वी की पर्पटी पर लगने वाले बलों की साम्यवस्था Equilibrium) है. पृथ्वी विज्ञान में यह मूल सिद्धांतों के लिहाज से एक नई और अहम पड़ताल है. यह जानकारी नेचर जर्नल में प्रकाशित हुई है. पृथ्वी की सतह कई प्लेटों से मिल कर बनी है जिन्हें हम टैक्टोनिक प्लेट्स (Tectonic plates) कहते हैं. यहां पर हिमालय और एंडीज जैसी दुनिया की सबसे ऊंची पर्वत श्रृंखलाएं इस तरह की प्लेटों की सीमाओं के मिलने से निर्मित हुई हैं.

क्या होता है जब टकराती हैं दो प्लेट
जब दो प्लेट एक दूसरे से टकराती हैं तो उनकी सीमाओं के मिलने के बाद कुछ नतीजे हो सकते हैं. या तो वे एक दूसरे से टकराकर ऊपर उठने लगती हैं और पर्वत बनाने लगती हैं या फिर वे टकर नीचे धंस सकती हैं जिसकी संभावना नहीं के बराबर ही होती है. इसके अलावा यह भी हो सकता की एक प्लेट दूसरी को नीचे खिसकाकर उसी के ऊपर आगे बढ़ सकती है. पर्वत निर्माण के मामले में पहली ही संभावना होती है.

लाखो-करोड़ों साल लग जाते हैं इस प्रक्रिया में
हिमालय और एंडीज इसी प्रकार बने हैं. यह पूरी प्रक्रिया होने में लाखों-करोड़ों साल लगते हैं और इसके परिणाम स्वरूप कई तेज भूकंप भी बार बार आते हैं. इसी वजह से कई महाद्वीपों के किनारे पर ऐस पर्वत श्रृंखला देखी जाती है.

Mountain
टेक्टोनिक प्लेट की गतिविधियों के कारण ही पर्वतों का निर्माण होता है. (प्रतीकात्मक तस्वीर)


बहस का विषय रहा है कई समय से यह प्रश्न
भूविज्ञान में यह कई समय से बहस का विषय रहा था कि क्या पर्वत श्रृंखलाओं का ऊंचाइयों में पृथ्वी के अंदर की टेक्टोनिक प्रक्रियाओं का योगदान था या पृथ्वी की सतह पर होने वाली अपक्षय और अपरदन प्रक्रियाओं का.

क्या किया गया शोध में
जीएफजेड जर्मन रिसर्च सेंटर फॉर जियोसाइंस के आर्मिन डाइलफोर्डर की अगुआई में नए अध्ययन ने दर्शाया है कि नदियों और ग्लेशियर के अपदन का पर्वतों की ऊंचाइयों पर कोई खास असर नहीं होता है. जीएफजेट और म्यूस्टेर यूनिवर्सिटी के वैज्ञानिकों ने इस लंबी बहस को विराम दे दिया है उन्होंने विभिन्न प्लेटों की सीमाओं का मजबूती का अध्ययन किया और उनका बलों का आंकलन किया जो प्लेट पर काम कर रही हैं. इन प्लेट की सीमाओं पर लगने वाले बलों को मापने पर शोधकर्ताओं का हैरान करने वला नतीजा मिला. उन्होंने दो प्लेटों की सीमाओं पर होने वाले घर्षण को कई अप्रत्यक्ष तरीके मापा जिनमें सतह के नीचे होने वाले ऊष्मा के बहाव के मापन भी शामिल थे.

ऐसे समझें इसे
इस परिघटना को एक छोटे से प्रयोग से समझा जा सकता है. अगर आप टेबल पर कपड़ा बिछाकर अपने हाथ उसके नीचे टेबल पर रखें और धीरे धीरे हाथों को एक दूसरे के पास लाएं तो कपड़ा कई जगह से मुड़ने लगेगा और आपके हाथों पर से भी खिसकने लगेगा. इस तरह से फोल्ड से ही एंडीज पर्वत बने हैं. वहीं चट्टानों पर कई तरह के बल एक साथ लगते हैं जिससे सतह के अंदर कई तनाव भी पैदा होते हैं जिनका नतीजा भूकंप में भी बदलता है.

earthquake
पर्वतों के निर्माण की वजह से बार बार भीषण भूकंप भी आते हैं.


पता लगा निर्णायक बलों का
शोधकर्ताओं ने कई तरह की पर्वत श्रृंखलाओं की सतह के नीचे लग रहे घर्षण पर उपलब्ध साहित्य के आंकड़ों का अध्ययन किया और उनमें पैदा होने वाले तनाव बलों की गणना कर उन निर्णायक बलों का पता लगाया जो पर्वतों के उठाव के लिए निर्णायक रूप से जिम्मेदार हैं.

इस शोध ने पर्वतों और पर्वत श्रृंखलाओं के निर्माण के अध्ययन में कई संभावनाओं को खोला है और अब इन प्रक्रियाओं को समझकर और कई जानकारी भी हासिल की जा सकेंगी.

Tags: Earth, Research, Science

विज्ञापन

राशिभविष्य

मेष

वृषभ

मिथुन

कर्क

सिंह

कन्या

तुला

वृश्चिक

धनु

मकर

कुंभ

मीन

प्रश्न पूछ सकते हैं या अपनी कुंडली बनवा सकते हैं ।
और भी पढ़ें
विज्ञापन

टॉप स्टोरीज

अधिक पढ़ें

अगली ख़बर