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Mars पर कितने समय तक रहा था चुंबकीय प्रभाव, वैज्ञानिकों की मिली सटीक जानकारी

Mars पर कितने समय तक रहा था चुंबकीय प्रभाव, वैज्ञानिकों की मिली सटीक जानकारी

अभी तक मंगल पर  केवल कुछ अंतरिक्ष यान ही उतरे हैं लेकिन वहां कोई इंसान नहीं गया है. . (प्रतीकात्मक तस्वीर)

अभी तक मंगल पर केवल कुछ अंतरिक्ष यान ही उतरे हैं लेकिन वहां कोई इंसान नहीं गया है. . (प्रतीकात्मक तस्वीर)

ताजा आंकड़ों ने वैज्ञानिकों की मंगल (Mars) पर चुंबकीय क्षेत्र (Magnetic Field) के समय संबंधी जानकारी को दुरुस्त किया है

नई दिल्ली:  वैज्ञानिकों को मगंल ग्रह (Mars) और अन्य खगोलीय पिंडों (Heavenly Bodies) के बारे में नई जानकारी तो मिलती रहती है. लेकिन इसके साथ ही कई बार उन्हें ऐसी जानकारी भी मिलती जो उनकी पुरानी जानकारी को सही कर देती है. अब वैज्ञानिकों को ताजा शोध के बाद पता चला है कि मंगल ग्रह के चुंबकीय क्षेत्र (Magnetic Field) के समय के बारे में उनके साल सही जानकारी नहीं थी.

आज मंगल ग्रह पर नहीं है चुंबकीय क्षेत्र
मंगल और पृथ्वी ग्रहों में कई समानताओं के अलावा एक यह भी है कि दोनों की पहले चुंबकीय क्षेत्र थे. इस समय मंगल ग्रह में भी वह चुंबकीय क्षेत्र नहीं है. उन्हें सटीक जानकारी मिली है कि मंगल ग्रह पर यह चुंबकीय क्षेत्र कब से कब तक थे..

कब होता है एक ग्रह में चुंबकीय क्षेत्र
एक ग्रह पर चुंबकीय क्षेत्र के लिए उसमें खास स्थितियां होना जरूरी है. वैज्ञानिकों का कहना है कि यह डायनामो की वजह होता है. डायनामो  ग्रहों के केंद्र में पिघली धातुओं के बहाव के कारण विद्युत पैदा होने के प्रभाव को कहते हैं. इसी वजह से पृथ्वी में कुतुबनुमा (Compass) की सुई उत्तर दिशा की ओर घूम जाती है.

मंगल पर हमेशा नहीं रहा डायनामो का प्रभाव
यही डायनामों का प्रभाव कभी मंगल ग्रह पर भी था, लेकिन यह प्रभाव अरबों साल पहले खत्म हो गया था. यूबीएस शोधकर्ताओं ने इसके समय पर प्रकाश डाला है. उनका शोध साइंस एडवांसेस में प्राकाशित हुआ है.  इस शोध से मंगल के डायनामों क समय और दौर की सटीक जानकरी मिली सकती है.

कब से कब तक मौजूद था मंगल पर डायनामो
शोध की प्रमुख लेखिका एना मिटेलहोल्ज ने बताया, “हमने पाया कि मंगल के डायनामो 4.5 अरब साल और 3.7 अरब साल पहले तक मौजूद था. डायनामो के समय का ग्रह के विकास में अहम योगदान होता है. हम जो पहले सोचा करते थे हमने उससे काफी अलग बात पाई. डायनामो ग्रह के तापीय इतिहास, उसके विकास के बारे में बताता है. उससे पृथ्वी, मंगल, शुक्र, और बुध ग्रहों के बारे में भी पता चलता है.

Mars
मंगल ग्रह पर करीब 3.7 अरब साल पहले ही डायनामो प्रभाव खत्म हो गया था.


कैसे हासिल की गई यह खास जानकारी
किसी ग्रह पर डायनामो के इतिहास के संकेत चुंबकीय चट्टानों में छिपे होते हैं जो उसकी सतह और उसके नीचे पाए जाते हैं. ज्वालामुखी चट्टान इस मामले में एक टेप रिकॉर्डर की तरह होते हैं. जब लावा ग्रह पर ठंडा होकर ठोस होता है तो उसमें मौजूद खनिज चुंबकीय क्षेत्र की मौजूदगी के हिसाब से जमकर ठोस होते हैं. इन चट्टानों के समय के बारे में जानने से वैज्ञानकों को अंदाजा लगा है कि उस समय जब वह चट्टान बनी थी क्या डायनामो का प्रभाव ग्रह पर मौजूद था.

दो इलाकों की जानकारी ने बताई समय सीमा
मंगल ग्रह की कुछ चट्टानों में चुंबकीय प्रभाव के होने से पता चलता है कि मंगल ग्रह पर डायनामो का प्रभाव 4.3 अरब साल से 4.2 अरब साल पहले के बीच सक्रिय था. लेकिन 3.9 अरब साल पुराने तीन बेसिन में चुबकीय प्रभाव गैराहजिस होने से पता चलता है कि तब उस समय तक वहां डायनामो सक्रिय नहीं रह गया था.

सैटेलाइट के आंकड़ों से मिली जानकारी
शोधकर्ताओं ने नए सैटेलाइड आंकड़ो का विश्लेषण कर यह जानकारी हासिल की. उन्होंने दो अलग अलग बेसिन की चट्टानों का अध्ययन कर पाया कि ये 3.7 अरब साल पहले और 4.7 अरब साल बने पहले चट्टानों में चुंबकीय प्रभाव नहीं है. इन्हीं अध्ययनों ने शोधकर्ता मंगल के डायनामों के समय के बारे में अनुमान लगा सके.

नए और पुराने सैटेलाइट के आंकड़ों से आया अंतर
ये सभी आंकड़े शोधकर्ताओं के मार्स एटमॉस्फियर वोलेटाइल इवॉल्यूशन (MAVE) सेटेलाइट से मिले. इससे पूर्व की जानकारी मार्स ग्लोबल सर्वेयर सैटेलाइट के आंकड़ों के आधार पर हासिल की गई थी. जो साल 1999 से साल 2006 तक मंगल के 400 किलोमीटर ऊपर से चक्कर लगा रहा था. लेकिन MAVEN ने 2013 के बाद से 135 किलोमीटर की ऊंचाई से मंगल के चक्कर लगाए और ज्यादा सटीक आंकड़े हासिल किए.

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Tags: Mars, Research, Science, Space

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