वैज्ञानिकों को मिली राह, सुपरमासिव ब्लैकहोल के रहस्य को समझने में मिलेगी मदद

वैज्ञानिकों को मिली राह, सुपरमासिव ब्लैकहोल के रहस्य को समझने में मिलेगी मदद
सुपरमासिव ब्लैकहोल की उत्पत्ति के बारे में अब पर्याप्त जानकारी नहीं थी, लेकिन अब दिशा में उम्मीद जगी है. (प्रतीकात्मक तस्वीर)

वैज्ञानिकों ने एक नई तकनीक निकाली है जिससे उन्हें सुपरमासिव ब्लैकहोल(SMBH) सहित अन्य खगोलीय पिंडों (Astronomical Objects) के बारे में ज्यादा जानकारी मिल सकेगी.

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ब्लैकहोल (Black Hole) हमेशा से ही वैज्ञानिकों के लिए कठिन पहेली रहे हैं. उनके बारे में वैज्ञानिक वैसे तो काफी कुछ जानते हैं लेकिन उनकी, खास तौर सुपरमासिव ब्लैकहोल (SMBH) उत्पत्ति के बारे में उन्हें पर्याप्त जानकारी नहीं हैं. इस दिशा वैज्ञानिकों को एक नई तकनीक से काफी उम्मीदें हैं जिसका उपयोग कर वे SMBH की उत्पत्ति के बारे काफी कुछ जान सकते हैं.

किसने किया यह शोध
कार्डिफ यूनिवर्सिटी के वैज्ञानिकों की एक टीम का कहना है कि वे अब सुपर मासिव ब्लैकहोल के जन्म को समझने के लिए एक कदम और करीब आ गए हैं. शोधकर्ताओं का यह अध्ययन मंथली नोटिसेस ऑफ रॉयल एस्ट्रोनॉमिकल सोसाइटी में प्रकाशित हुआ है. कार्डिफ यूनिवर्सिटी के बयान के मुताबिक, वैज्ञानिकों को ऐसी तकनीक मिल गई है. जिसकी मदद से वे एक खगोलीय पिंड के बड़े रूप में देख सकते हैं जिससे वे उसकी विस्तार से जानकारी हासिल कर सकें.

कैसे बने ये ब्लैकहोल- सबसे बड़ा सवाल
SMBH वैज्ञानिकों को अभी तक सुपरमासिव ब्लैकहोल की उत्पत्ति के बारे में अब भी स्पष्टता से कुछ पता नहीं हैं. कई वैज्ञानिकों का मानना है कि वे बिगबैंग की घटना के कुछ समय बाद ही ‘सपाट विध्वंस’ (Direct Collapse) कारण बने थे या फिर छोटे ब्लैक होल के रूप में शुरू होकर विशाल तारों की मृत्यु के बाद वे विशालकाय होकर सुपरमासिव ब्लैकहोल बन गए.



दो मत हैं उत्पत्ति के बारे में
इस शोध के मुताबिक यदि पहले तरीके से उनका निर्माण हुआ तो ये ब्लैकहोल बहुत ही विशाल भार के साथ पैदा हुए होंगे लेकिन उनका न्यूनतम आकार निश्चित रहा होगा. लेकिन अगर दूसरे तरीके से वे बने होंगे तब SMBH बहुत छोटे रूप में बने होंगे और फिर बाद में उनका आकार आसपास के तारे और गैसीय बदलों को निगलने से बढ़ता गया होगा.

Galaxies
गैलेक्सी और ब्लैकहोल के विकसित होने में गैलेक्सी के पास होने वाले पदार्थों की भी भूमिका रही है. (प्रतीकात्मक तस्वीर)


इस तरह के ब्लैकहोल की तलाश
खगोलविद लंबे समय से सबसे कम वजन वाले SMBH की खोज कर रहे थे. इससे उन्हें यह जानने में मदद मिलने की पूरी उम्मीद थी कि ब्लैकहोल का निर्माण कैसे हुआ होगा. कार्डिफ के वैज्ञानिकों की अगुआई वाली शोधकर्ताओं की इस टीम  ने बताया कि SMBH का अब तक अनुमानित सबसे कम भार पास की एक गैलेक्सी के केंद्र के ब्लैकहोल का है जो हमारे सूर्य के वजन से 10 लाख गुना भार से कम का है.

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कहां है यह ब्लैकहोल
 इस अध्ययन के मुताबिक यह ब्लैकहोल मिराच घोस्ट नाम की गैलेक्सी में है. इस गैलेक्सी का नाम इस के पास के वाले तारे के नाम पर पड़ा है जिसका नाम मिराच है. शोधकर्ताओं ने अपने अध्ययन के लिए चिली के एंडीज पर्वत में स्थित एटाकामा लार्ज मिलीमीटर/सबमिलीमीटर ऐरे (ALMA) टेलीस्कोप का उपयोग किया था.

Black Hole
वैज्ञानिकों को लंबे समय से एक छोटे SMBH की तलाश थी. (प्रतीकात्मक फोटो: रायटर्स)


क्या किया अध्ययन में
शोधकर्ताओं ने इस ब्लैकहोल के पास की गैलेक्सी NGC404 का अवलोकन किया जिससने उन्हें SMBH के आसपास घूमते गैस के बादलों का अवलोकन करने का मौका मिला.  उन्होंने इन गैस के बादलों के बारे विस्तृत जानकारी मिल सकी जिससे वे SMBH के बारे में और ज्यादा जानकारी हासिल कर सके.

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इस खोज के बारे में कार्डिफ यूनिवर्सिटी में स्कूल ऑफ फिजिक्स एंड एस्ट्रोनॉमी के डॉ टिम डेविस ने कहा, “मिराज घोस्ट में स्थित इस ब्लैकहोल का भार डायरेक्ट कोलैप्स मॉडल्स के अनुमानित दायरे में हैं. यह इस समय सक्रिय है और गैस निकल रहा है. हमें इसके अध्ययन के लिए और आंकड़े चाहिए लेकिन यह SMBH को समझने की दिशा में बहुत बड़ा और अहम कदम है यह तय है.”
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