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वैज्ञानिकों ने बनाया हीरे से भी कठोर लेकिन हल्का पदार्थ, जानिए कहां आएगा काम

 हीरा सबसे कठोर प्राकृतिक पदार्थों माना जाता है.
हीरा सबसे कठोर प्राकृतिक पदार्थों माना जाता है.

वैज्ञानिकों ने हीरे (Diamond) से भी कठोर पदार्थ बनाने में सफलता पाई है जो मजबूत होने के साथ काफी हलका भी है. यह भविष्य में कई उद्योगों में उपयोगी हो सकता है.

  • News18Hindi
  • Last Updated: April 20, 2020, 3:43 PM IST
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नई दिल्ली: कहा जाता है कि दुनिया का सबसे कठोर पदार्थ हीरा (Daimond) होता है. यह बात वैज्ञानिकों ने भी लंबे समय तक मानी. लेकिन हाल ही में हुए एक अध्ययन से कार्बन का नया कठोरतम रूप सामने आया है. वैज्ञानिकों का कहना है यह नए किस्म का नैनोलैटिस (Nanolattice) पदार्थ हीरे से भी ज्यादा कठोर है.

नया तरह का नैनोलैटिस है यह
नेचर कम्यूनिकेशन मे प्रकाशित खबर के मुताबिक प्लेट नैनोलैटिस नाम के नई संरचना वाले कार्बन की मजबूती और कठोरता इससे पहले बीम आधारित नैनोलेटिस के मुकाबले कई गुना ज्यादा है. यह शोध कैलीफोर्निया यूनिवर्सिटी और अन्य संस्थानों के वैज्ञानिकों ने किया है.

हीरे से बहुत कठोर फिर भी काफी हलका
शोधकर्ताओं ने प्लेट नैनोलैटिस बनाया है जो नौनोमीटर आकार का कार्बन सरंचना वाला पदार्थ हैं. यह पदार्थ हीरे से कठोर और कम घनत्व वाला है. लेकिन इसकी खास बात यह है कि यह अब तक बने नैनोलैटिस से बहुत ही ज्यादा गुना शक्तिशाली और कठोर है. वहीं यह हलका यानि कि कम घनत्व वाला भी है.



Daimond
वैज्ञानिकों का बनाया पदार्थ कार्बन का ही है, लेकिन हीरे से बहुत कठोर है.


काफी समय से हो रही थी इसे बनाने की कोशिश
इस अध्ययन में शामिल शोधकर्ता कैमरू क्रूक का कहना है कि वैज्ञानिकों का कहना था कि प्लेट आधारित नैनोलैटिस की डिजाइन उसे अविश्वसनीय तरीके से मजबूती दे सकती है. इसके निर्माण में आने वाले बाधा इस परिकल्पना को सच में बदलने से रोक रही थी, लेकिन अब यह मुमकिन हो गया है.”

अब तक का सबसे कठोर मानव निर्मित पदार्थ
यह नैनोलैटिल में हाई स्पेसिफिक स्टिफनेस (कड़ापन) है और यह किसी भी निर्मित पदार्थ के मुकाबले में सबसे ज्यादा है कठोर और कड़ा है. यहां तक की यह बीम नैनोलैटिस से भी बेहतर हैं. बीम नैनोलैटिस फिलहाल विज्ञान और इंजीनियरिंग में सबसे ज्यादा उपयोग में लाया जाने वाला पदार्थ है.

बेहतर यांत्रिकी विशेषताओं से भरपूर
इससे पहले उपयोग में लाए जाने वाले बीम आधारित डिजाइन की यांत्रिकी विशेषताएं बहुत सक्षम नहीं थी. लेकिन यह प्लेट नैनोलैटिस दुनिया की सर्वश्रेष्ठ बीम आधारित नैनोलेटिस के मुकाबले बहुत ही ज्यादा मजबूत, कठोर और कड़ा है.

Diamond
हीरा कार्बन का ही एक प्रकार है लेकिन उसकी संरचना उसे कठोरता प्रदान करती है.


कहां उपयोगी सिद्ध होगें प्लेट नैनोलैटिस
नए प्लेट आधारित नैनोलैटिस एरोस्पेस और उड्डयन उद्योग में बहुत उपयोगी सिद्ध होगा. इसकी वजह यह है कि उनसे बने मजबूत और कम घनत्व वाले पदार्थ वायुयान और अंतरिक्ष यानों को बेहतर बना सकते हैं.

क्यों अहम होते हैं हल्के और मजबूत पदार्थ
हवा में उड़ने वाले यानों के हल्के और मजबूत मेटल की जरूरत होती है. लोहे में मजबूती तो होती है, लेकिन उनमें उतना कम घनत्व नहीं होता जिसकी वजह से उससे बने यानों को उड़ने में बहुत परेशानी होती है. वहीं दूसरी तरफ एल्यूमीनियम में हलकापन काफी होता है, लेकिन वह मजबूत नहीं होता. नैनोलैटिस इस समस्या को दूसर करने में सक्षम होते हैं.

क्या होते हैं नैनोलैटिस
नैनोलैटिस पोरस संरचना वाले पदार्थ होते हैं जो त्रिआयामी कार्बन से बनते बनते हैं अपनी अनूठी संरचना के कराण ये अविश्वसनीय तौर पर मजबूत और हलके होते हैं.  ये एक फ्रेम्ड संरचना का पदार्थ हैं. इन्हें सबसे छोटी मानव निर्मित लेटिस ट्रस संरचना माना जाता है.

एक उपलब्धि यह भी
वैज्ञानिकों ने इसके साथ ही मजबूती और कड़ेपन यानि स्ट्रेंथ और रिजिडनेस दोनों में ही अधिकतम संभव मात्रा के नजदीक वाला पदार्थ बना दिया है. शोध ने यह भी साबित किया गया है कि दोनों ही मामलों में अधिकतम सीमा के और नजदीक पहुंचा जा सकता है.

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